झारखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला: सरकारी कर्मियों-पेंशनर्स का महंगाई भत्ता 5% बढ़ा, 39 प्रस्तावों को मंजूरी
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 27 मई 2026 को रांची में आयोजित झारखंड कैबिनेट बैठक में राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (DA) में पाँच प्रतिशत तक की वृद्धि को मंजूरी दी गई। यह निर्णय लाखों सरकारी कर्मियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सीधी आर्थिक राहत देगा।
महंगाई भत्ते में कितनी बढ़ोतरी
सातवें केंद्रीय वेतनमान पर कार्यरत कर्मियों और पेंशनभोगियों का महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है। छठे वेतनमान वाले कर्मियों और पेंशनरों का डीए 257 प्रतिशत से बढ़ाकर 262 प्रतिशत किया गया, जबकि पाँचवें वेतनमान वाले कर्मियों का महंगाई भत्ता 474 प्रतिशत से बढ़ाकर 483 प्रतिशत कर दिया गया है।
कैबिनेट के अन्य प्रमुख फैसले
राज्य की कैबिनेट सचिव वंदना डाडेल ने बताया कि इस बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, जैविक खेती, पशुपालन, कौशल विकास, प्रशासनिक सुधार और जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े कुल 39 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए एक नई पुरस्कार योजना को भी स्वीकृति मिली, जिसके तहत ड्रग्स की तस्करी, बिक्री या अवैध उत्पादन की सूचना देने वाले नागरिकों और सरकारी कर्मचारियों को ₹3,000 से ₹2 लाख से अधिक तक का इनाम दिया जाएगा।
स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए अबुआ दवाखाना योजना को स्वीकृति दी गई, जहाँ एलोपैथी के साथ-साथ आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी और सिद्धा चिकित्सा पद्धतियाँ भी उपलब्ध होंगी। पीएम आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की अवधि 30 सितंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है।
व्यापार सुगमता और कर राहत
सरकार ने पेट्रोल, डीजल और शराब के खुदरा कारोबारियों को त्रैमासिक रिटर्न और मासिक एब्सट्रैक्ट दाखिल करने की अनिवार्यता से मुक्त कर दिया है। सरकार के अनुसार इन वस्तुओं पर वैट खरीद के समय ही अदा हो जाता है, इसलिए अतिरिक्त अनुपालन प्रक्रिया समाप्त कर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा, पुनर्वास नीति के तहत विस्थापितों को आवंटित भूमि और सार्वजनिक उपयोग के लिए दान की गई जमीन के दस्तावेजों पर स्टांप ड्यूटी एवं निबंधन शुल्क माफ किया गया है।
कौशल विकास, कलाकार कल्याण और बुनियादी ढाँचा
कौशल विकास के क्षेत्र में प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई योजना के संचालन को मंजूरी दी गई। 60 वर्ष से अधिक आयु के वृद्ध, गंभीर रूप से बीमार और दिव्यांग कलाकारों को ₹4,000 मासिक सहायता राशि देने की योजना को सरल बनाया गया है — इसका लाभ उन्हें मिलेगा जिनकी मासिक आय ₹8,000 से कम है। पशुपालन को प्रोत्साहन देने के लिए मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत बकरी पालन योजना के लिए ₹4 करोड़ की स्वीकृति दी गई।
दुमका हवाई अड्डे से नियमित उड़ान सेवा शुरू करने के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के साथ इकरारनामे को मंजूरी मिली। खूंटी जिले में लोधमा फिसका लिंक रेल लाइन निर्माण के लिए साउथ ईस्टर्न रेलवे को 11.635 एकड़ भूमि हस्तांतरित करने की भी स्वीकृति दी गई। मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में कार्यरत जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों और इंटर्न्स के मानदेय में भी वृद्धि को हरी झंडी दी गई है।
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब राज्य सरकार कल्याणकारी योजनाओं के विस्तार और प्रशासनिक सुधारों पर एक साथ ध्यान केंद्रित कर रही है। आने वाले हफ्तों में इन प्रस्तावों के क्रियान्वयन की दिशा स्पष्ट होगी।