आंध्र प्रदेश में FCV तंबाकू उत्पादकों की मदद को केंद्रीय टीम का दौरा, CM नायडू से हुई अहम बैठक
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार के वाणिज्य विभाग की एक उच्चस्तरीय टीम ने 26 जुलाई को आंध्र प्रदेश का दौरा कर फ्लू-क्योर वर्जीनिया (FCV) तंबाकू की मौजूदा बाज़ार स्थिति की समीक्षा की और राज्य के तंबाकू उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए रणनीतिक विचार-विमर्श किया। अतिरिक्त सचिव नितिन कुमार यादव के नेतृत्व में यह प्रतिनिधिमंडल आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में शामिल हुआ।
मुख्य घटनाक्रम
शनिवार को हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में तंबाकू बोर्ड के अध्यक्ष और कार्यकारी निदेशक भी उपस्थित रहे। चर्चा में FCV तंबाकू उत्पादकों के दीर्घकालिक हितों की सुरक्षा और इस क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करने के उपायों पर विशेष ज़ोर दिया गया। प्रतिनिधिमंडल ने वेल्लमपल्ली स्थित तंबाकू बोर्ड नीलामी मंच का भी सीधा अवलोकन किया, जहाँ चल रही नीलामी प्रक्रियाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने FCV तंबाकू उत्पादकों के साथ व्यापक बातचीत कर बाज़ार की मौजूदा परिस्थितियों पर प्रत्यक्ष प्रतिक्रिया प्राप्त की। प्रतिनिधिमंडल ने तंबाकू बोर्ड द्वारा संचालित नीलामी प्रक्रिया की पारदर्शिता और व्यवस्थित कार्यप्रणाली की सराहना की।
सरकार का आश्वासन
अतिरिक्त सचिव नितिन कुमार यादव ने किसानों को स्पष्ट आश्वासन दिया कि भारत सरकार बाज़ार की बदलती परिस्थितियों पर कड़ी नज़र बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार, आंध्र प्रदेश सरकार, तंबाकू बोर्ड और अन्य हितधारकों के समन्वय से FCV तंबाकू किसानों के हितों की रक्षा के लिए उचित उपायों की सक्रिय रूप से जाँच कर रही है।
भारत की वैश्विक स्थिति
FCV तंबाकू उत्पादन में भारत चीन, ब्राज़ील और ज़िम्बाब्वे के बाद विश्व में चौथे स्थान पर है। मात्रा के हिसाब से भारत असंसाधित तंबाकू का ब्राज़ील के बाद दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक है। गौरतलब है कि FCV तंबाकू को खुली आग या सीधी धूप के बजाय चिमनियों की बाहरी गर्मी से सुखाया जाता है, जिससे पत्तियाँ चमकीले पीले-नींबू से नारंगी रंग की हो जाती हैं — यही इसकी विशिष्ट पहचान है।
तंबाकू बोर्ड की रणनीतिक पहल
तंबाकू बोर्ड ने उद्योग की स्थिरता और विकास सुनिश्चित करने के लिए कई रणनीतिक गतिविधियाँ शुरू की हैं, जिनमें घरेलू और निर्यात दोनों माँगों को पूरा करने के लिए फसल योजना और उत्पादन का नियमन शामिल है। बोर्ड द्वारा लागू की गई इलेक्ट्रॉनिक नीलामी प्रणाली ने केंद्र सरकार के FCV तंबाकू क्षेत्र में किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को साकार करने में सहयोग दिया है।
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक तंबाकू बाज़ार में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है और निर्यात दबाव महसूस किया जा रहा है। बोर्ड आयातक देशों के मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण तंबाकू उत्पादन के लिए किसानों को निरंतर सहायता प्रदान करता है।
आगे की राह
इस दौरे से स्पष्ट है कि केंद्र सरकार FCV तंबाकू क्षेत्र को लेकर सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। आंध्र प्रदेश सरकार और तंबाकू बोर्ड के साथ समन्वित प्रयासों से किसानों को बाज़ार की अनिश्चितताओं से बचाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की उम्मीद है।