चाईबासा: पूर्व उपमुखिया संजय बोयपोई हत्याकांड का खुलासा, जमीन विवाद में मुख्य साजिशकर्ता समेत 5 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर थाना क्षेत्र में गुईगांव निवासी पूर्व उपमुखिया संजय बोयपोई की घर में घुसकर गोली मारकर हत्या के मामले का पुलिस ने 5 जून को खुलासा किया। हत्या के मुख्य साजिशकर्ता बिजू चौधरी समेत पाँच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिए गए हैं।
घटनाक्रम: रात के अंधेरे में हुई वारदात
पुलिस के अनुसार, 1 जून की रात करीब 12:10 बजे अपराधी चक्रधरपुर थाना क्षेत्र के गुईगांव में पूर्व उपमुखिया संजय बोयपोई के घर में घुसे। संजय उस समय अपने घर के आँगन में सो रहे थे। अपराधियों ने उन्हें गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
विशेष जाँच दल का गठन
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमित रेणु के निर्देश पर एएसपी सह एसडीपीओ चक्रधरपुर और थाना प्रभारी के नेतृत्व में विशेष जाँच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन की मदद से जाँच शुरू की। सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने सभी पाँचों आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई।
गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी
चक्रधरपुर के एसडीपीओ बहामन टूटी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में सुरेश सोय (20), कप्तान होनहांगा उर्फ टाटा (31), गुने हिन्दु अंगरिया उर्फ मोटा (22), बुधू बोदरा (27) और बिजू चौधरी (31) शामिल हैं। इनमें बिजू चौधरी को हत्या का मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त देशी कट्टा, जिंदा कारतूस, दो मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।
हत्या की वजह: जमीन विवाद और पुरानी रंजिश
जाँच में सामने आया कि मृतक संजय बोयपोई और आरोपी बिजू चौधरी के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद और आपसी रंजिश चल रही थी। पुलिस का कहना है कि इसी रंजिश के चलते बिजू चौधरी ने अन्य आरोपियों की मदद से हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिलाया। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ के दौरान हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
आगे की कार्रवाई
सभी पाँचों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। जाँच दल में चक्रधरपुर थाना प्रभारी अवधेश कुमार, एसआई परमेश्वर उरांव, रंजीत उरांव, राजकिशोर तिवारी, बिरबल चौबे, दिलीप कुमार, शशिभूषण सामड, तकनीकी शाखा के चंद्रशेखर और गंगाराम पुरती समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। इस मामले में आगे की जाँच जारी है और पुलिस किसी अन्य संभावित संलिप्तता की भी पड़ताल कर रही है।