20 सितंबर 2026
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एआई वीडियो वार पर चंद्रशेखर आज़ाद बोले — 'भाजपा सत्ता में है, इसलिए ज़्यादा कर रही है'

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एआई वीडियो वार पर चंद्रशेखर आज़ाद बोले — 'भाजपा सत्ता में है, इसलिए ज़्यादा कर रही है'

सारांश

यूपी की राजनीति में एआई वीडियो का नया हथियार — अखिलेश के 'अजय सेठ' वीडियो से भड़की जंग पर चंद्रशेखर आज़ाद ने दो-टूक कहा: सभी पार्टियाँ साजिश रचती हैं, BJP सत्ता और संसाधन के बल पर आगे है। जनता तय करेगी हिसाब।

मुख्य बातें

चंद्रशेखर आज़ाद ने 20 सितंबर 2026 को अयोध्या में एआई वीडियो विवाद पर प्रतिक्रिया दी।
अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कथित तौर पर एआई निर्मित 'अजय सेठ' वीडियो दिखाकर सरकार पर महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर हमला बोला था।
चंद्रशेखर का आरोप — BJP सत्ता और अधिक संसाधनों के कारण एआई प्रचार में अन्य पार्टियों से आगे है।
उन्होंने माना कि अन्य पार्टियाँ भी ऐसी गतिविधियों में संलिप्त हैं और उचित समय पर जनता जवाब देगी।
उत्तर प्रदेश में एआई वीडियो के जरिए राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर शुरू हो गया है।

आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और लोकसभा सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने 20 सितंबर 2026 को अयोध्या में एक कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश की राजनीति में छिड़े एआई वीडियो विवाद पर अपनी स्पष्ट प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठी सभी पार्टियाँ एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करती हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पास सत्ता और संसाधनों की अधिकता होने के कारण वह इस मामले में आगे है।

एआई वीडियो विवाद की पृष्ठभूमि

हाल ही में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कथित तौर पर एआई द्वारा निर्मित 'अजय सेठ' नामक एक वीडियो बार-बार चलाकर सरकार पर हमला बोला था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इस वीडियो में महंगाई, बेरोजगारी और सरकारी नीतियों की कटु आलोचना की गई थी।

अखिलेश के इस कदम के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में एआई वीडियो को लेकर पक्ष-विपक्ष में वाकयुद्ध तेज़ हो गया। सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों एक-दूसरे पर भ्रामक एआई सामग्री तैयार कर साजिश रचने के आरोप लगा रहे हैं।

चंद्रशेखर आज़ाद का बयान

अयोध्या में पत्रकारों से बातचीत के दौरान चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा, 'अगर अब आरोप लग रहे हैं, तो कुछ हुआ जरूर होगा, तभी उन्होंने आरोप लगाए हैं। और इसमें कोई शक नहीं है, यह सच भी है। सत्ता में बैठी सभी राजनीतिक पार्टियां ऐसा करती हैं, वे एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाती हैं।'

उन्होंने आगे कहा, 'भाजपा इसमें आगे है क्योंकि वह सत्ता में है और उसके पास ज़्यादा संसाधन हैं, इसलिए वे ज़्यादा कर रहे हैं। वरना वे भी करते हैं, वे साजिश रचते हैं और ऐसे सभी काम करते हैं। यह सब हमारे सामने है।' उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उनके पास कई अन्य पार्टियों की ऐसी गतिविधियों की जानकारी है, और उचित समय पर जनता उन्हें जवाब देगी।

यूपी की राजनीति में एआई का बढ़ता प्रभाव

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में चुनावी प्रचार में एआई-जनित सामग्री के दुरुपयोग को लेकर चर्चा तेज़ हो रही है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में जहाँ राजनीतिक प्रतिस्पर्धा अत्यंत तीव्र है, डिजिटल और एआई माध्यमों का राजनीतिक हथियार के रूप में उपयोग एक नई चुनौती बन कर उभरा है। गौरतलब है कि चुनाव आयोग (ECI) भी एआई सामग्री के नियमन पर दिशानिर्देश तैयार करने की प्रक्रिया में है।

आगे क्या होगा

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, एआई वीडियो को लेकर यह विवाद आने वाले समय में और गहरा हो सकता है, विशेषकर यदि इस तरह की सामग्री पर कोई कानूनी या नियामक कार्रवाई नहीं होती। चंद्रशेखर आज़ाद का बयान यह स्पष्ट करता है कि छोटे दलों के नेता भी इस मुद्दे पर बड़े दलों को एक साथ कटघरे में खड़ा करने से नहीं चूक रहे। जनता की प्रतिक्रिया और चुनावी राजनीति पर इसका असर आने वाले महीनों में स्पष्ट होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें एक गहरा राजनीतिक संदेश छुपा है — वे BJP और SP दोनों को एक ही तराजू पर तौलकर खुद को तीसरी आवाज़ के रूप में स्थापित कर रहे हैं। एआई वीडियो का राजनीतिक हथियार के रूप में उपयोग लोकतांत्रिक विमर्श के लिए गंभीर चुनौती है, जिस पर मुख्यधारा की कवरेज अक्सर महज़ पार्टी-विवाद तक सिमट जाती है। असली सवाल यह है कि क्या चुनाव आयोग और न्यायपालिका एआई-जनित भ्रामक सामग्री के खिलाफ कोई ठोस नियामक ढाँचा बना पाएंगे — क्योंकि बिना जवाबदेही के यह 'वीडियो वार' 2027 के यूपी चुनाव तक और विषैली हो सकती है।
RashtraPress
20 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चंद्रशेखर आज़ाद ने एआई वीडियो विवाद पर क्या कहा?
चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि सत्ता में बैठी सभी पार्टियाँ एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करती हैं और साजिश रचती हैं। उन्होंने कहा कि BJP सत्ता में होने और अधिक संसाधन होने के कारण इसमें आगे है, लेकिन बाकी पार्टियाँ भी इससे अछूती नहीं हैं।
अखिलेश यादव का 'अजय सेठ' एआई वीडियो विवाद क्या है?
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कथित तौर पर एआई द्वारा निर्मित 'अजय सेठ' नाम के एक वीडियो को बार-बार चलाकर सरकार पर महंगाई, बेरोजगारी और नीतियों के मुद्दे पर हमला बोला। इसके बाद यूपी की राजनीति में एआई वीडियो के जरिए आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।
यूपी में एआई वीडियो वार का राजनीति पर क्या असर होगा?
एआई-जनित सामग्री के राजनीतिक उपयोग से मतदाताओं में भ्रम और अविश्वास बढ़ने का खतरा है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियामक ढाँचे की अनुपस्थिति में यह प्रवृत्ति आगामी चुनावों में और तेज़ हो सकती है।
आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर आज़ाद कौन हैं?
चंद्रशेखर आज़ाद आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और लोकसभा सांसद हैं। वे उत्तर प्रदेश की राजनीति में दलित अधिकारों और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर मुखर रूप से अपनी आवाज़ उठाते रहे हैं।
एआई वीडियो के राजनीतिक दुरुपयोग पर क्या नियम हैं?
फिलहाल भारत में एआई-जनित राजनीतिक सामग्री के नियमन के लिए कोई विशेष व्यापक कानून नहीं है। चुनाव आयोग (ECI) इस दिशा में दिशानिर्देश तैयार करने की प्रक्रिया में बताया जा रहा है, लेकिन अभी तक कोई ठोस नियामक कार्रवाई सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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