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चारधाम यात्रा व्यवस्था पर हरीश रावत का हमला: 'सरकार के पास कोई नीति नहीं, होटल उद्योग बर्बाद'

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चारधाम यात्रा व्यवस्था पर हरीश रावत का हमला: 'सरकार के पास कोई नीति नहीं, होटल उद्योग बर्बाद'

सारांश

कांग्रेस नेता हरीश रावत ने चारधाम यात्रा की अव्यवस्था पर उत्तराखंड सरकार को घेरा — कैरिंग कैपेसिटी से ऑनलाइन बुकिंग तक हर मुद्दे पर नीतिगत भ्रम का आरोप। होटल उद्योग को राहत और बहुमंजिला इमारतों के सुरक्षा ऑडिट की माँग के साथ उन्होंने 2026-27 चुनावों में बदलाव का दावा भी किया।

मुख्य बातें

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने 7 जून को देहरादून में उत्तराखंड सरकार पर चारधाम यात्रा की व्यवस्था में नीतिगत भ्रम का आरोप लगाया।
रावत ने कहा कि सरकार कभी कैरिंग कैपेसिटी , कभी अधिक तीर्थयात्री और कभी ऑनलाइन-ऑफलाइन बुकिंग के बीच झूलती रहती है।
पर्यटकों की कम संख्या से होटल उद्योग बुरी तरह प्रभावित; मुख्यमंत्री से टैक्स में छूट सहित राहत पैकेज की माँग।
मालवीय नगर आग का हवाला देते हुए पूरे राज्य में बहुमंजिला इमारतों का सुरक्षा ऑडिट कराने की अपील।
एलपीजी मूल्यवृद्धि पर BJP को घेरा; 'भाजपा के शासन में भ्रष्टाचार संस्थागत हो गया है' — रावत।
चुनाव 2026 या 2027 — रावत ने अल्मोड़ा और पौड़ी की भीड़ को बदलाव का संकेत बताया।

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता हरीश रावत ने 7 जून को देहरादून में राज्य की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि चारधाम यात्रा की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास इस धार्मिक यात्रा के संचालन को लेकर कोई स्पष्ट नीति नहीं है और यह असमंजस पर्यटन उद्योग को गहरा नुकसान पहुँचा रही है।

चारधाम यात्रा पर नीतिगत भ्रम

रावत ने कहा, 'चारधाम यात्रा की व्यवस्था पहले ही गड़बड़ा चुकी है। सरकार खुद इस बात को लेकर साफ नहीं है कि कौन सी नीति अपनाई जाए। कभी वह क्षमता (कैरिंग कैपेसिटी) की बात करती है तो कभी और अधिक तीर्थयात्रियों को बुलाती है। कभी ऑनलाइन बुकिंग की बात होती है तो कभी ऑफलाइन बुकिंग की। कुल मिलाकर, कोई साफ नीति नहीं है।' उनके अनुसार, इस नीतिगत अस्थिरता का सीधा असर तीर्थयात्रियों के अनुभव और स्थानीय व्यवसायों पर पड़ रहा है।

होटल उद्योग पर असर

पूर्व मुख्यमंत्री ने पर्यटन क्षेत्र की दयनीय स्थिति पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह वह मौसम है जब पर्यटन अपने चरम पर होना चाहिए था, लेकिन पर्यटकों की संख्या अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं पहुँच रही है। इससे होटल उद्योग बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। रावत ने मुख्यमंत्री से माँग की कि होटल व्यवसायियों के लिए एक राहत पैकेज घोषित किया जाए, जिसमें टैक्स में छूट भी शामिल हो।

बहुमंजिला इमारतों की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन

दिल्ली के मालवीय नगर में हाल ही में लगी आग की घटना का उल्लेख करते हुए रावत ने राज्य सरकार से पूरे उत्तराखंड में बहुमंजिला इमारतों का सुरक्षा ऑडिट कराने की माँग की। उन्होंने कहा कि भूकंप और जलभराव जैसी आपदाओं के मद्देनजर व्यापक सुरक्षा उपाय अनिवार्य हैं — चाहे इमारत का मालिक कोई भी हो।

एलपीजी मूल्यवृद्धि और भ्रष्टाचार के आरोप

एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी पर प्रतिक्रिया देते हुए रावत ने BJP पर व्यंग्य किया। उन्होंने कहा, 'यह वही भाजपा है, जिसने उस समय इसका विरोध किया था जब हमने सिलेंडर की कीमत में मात्र पाँच रुपए की बढ़ोतरी की थी।' उन्होंने आगे आरोप लगाया, 'भाजपा के शासन में भ्रष्टाचार संस्थागत हो गया है। व्यापारियों का शोषण हो रहा है। हम इन सभी मुद्दों को जनता के बीच ले जाएंगे, संघर्ष करेंगे, आवाज उठाएंगे और अपना आंदोलन जारी रखेंगे।'

2026-27 चुनावों का संकेत

रावत ने आगामी विधानसभा चुनावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'चुनाव 2026 में हों या 2027 में, हम बदलाव लाएंगे। राज्य की जनता बदलाव का मन बना चुकी है। अल्मोड़ा और पौड़ी में उमड़ी भारी भीड़ इसी बदलाव की चाहत का सबूत है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस उत्तराखंड में अपनी ज़मीन मजबूत करने की कोशिश में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों को अलग करना ज़रूरी है। असली सवाल यह है कि क्या कांग्रेस के पास चारधाम यात्रा प्रबंधन का कोई ठोस वैकल्पिक मॉडल है, जो उन्होंने अपने कार्यकाल में लागू किया हो — यह स्पष्ट नहीं है। होटल राहत पैकेज की माँग वैध है, पर उसका ब्यौरा भी रावत के बयान में अनुपस्थित है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरीश रावत ने चारधाम यात्रा व्यवस्था पर क्या आरोप लगाए?
रावत ने कहा कि उत्तराखंड सरकार के पास चारधाम यात्रा को लेकर कोई स्पष्ट नीति नहीं है — कभी कैरिंग कैपेसिटी की बात होती है, कभी अधिक तीर्थयात्रियों को आमंत्रित किया जाता है और कभी ऑनलाइन तो कभी ऑफलाइन बुकिंग की बात होती है। उनके अनुसार यह नीतिगत भ्रम यात्रा व्यवस्था को बिगाड़ रहा है।
चारधाम यात्रा की अव्यवस्था से होटल उद्योग पर क्या असर पड़ा?
रावत के अनुसार, पर्यटन के चरम मौसम में भी पर्यटकों की संख्या अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं पहुँच रही, जिससे होटल उद्योग बुरी तरह प्रभावित है। उन्होंने मुख्यमंत्री से होटल व्यवसायियों के लिए टैक्स में छूट सहित राहत पैकेज घोषित करने की माँग की।
रावत ने बहुमंजिला इमारतों की सुरक्षा ऑडिट की माँग क्यों की?
दिल्ली के मालवीय नगर में हाल ही में लगी आग की घटना का हवाला देते हुए रावत ने पूरे उत्तराखंड में बहुमंजिला इमारतों का सुरक्षा ऑडिट कराने की माँग की। उनका कहना है कि भूकंप और जलभराव जैसी आपदाओं से बचाव के लिए यह कदम ज़रूरी है।
हरीश रावत ने उत्तराखंड चुनावों को लेकर क्या कहा?
रावत ने कहा कि चुनाव 2026 में हों या 2027 में, कांग्रेस बदलाव लाएगी। उन्होंने अल्मोड़ा और पौड़ी में उमड़ी भीड़ को जनता की बदलाव की इच्छा का प्रमाण बताया।
एलपीजी मूल्यवृद्धि पर रावत ने BJP को कैसे घेरा?
रावत ने कहा कि यह वही BJP है जिसने कांग्रेस शासन में सिलेंडर की कीमत में मात्र पाँच रुपए की बढ़ोतरी का विरोध किया था, जबकि अब खुद उनकी सरकार में कीमतें बढ़ाई जा रही हैं। उन्होंने इसे BJP की दोहरी नीति करार दिया।
राष्ट्र प्रेस
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