30 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

चीन ब्लू बे बहाली अभियान को संयुक्त राष्ट्र की 'विश्व पारिस्थितिक बहाली' प्रमुख परियोजना का दर्जा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
चीन ब्लू बे बहाली अभियान को संयुक्त राष्ट्र की 'विश्व पारिस्थितिक बहाली' प्रमुख परियोजना का दर्जा

सारांश

येरेवान में COP 17 के मंच पर चीन ने फिर इतिहास रचा — 'ब्लू बे बहाली अभियान' को संयुक्त राष्ट्र की 2026 की विश्व पारिस्थितिक प्रमुख परियोजना का दर्जा मिला। 2022 के बाद यह दूसरी बार है, और चीन यह उपलब्धि दो बार पाने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है।

मुख्य बातें

चीन ब्लू बे बहाली अभियान को COP 17 के 'पुनर्स्थापना दिवस' पर 2026 की संयुक्त राष्ट्र 'विश्व पारिस्थितिक बहाली प्रमुख परियोजना' घोषित किया गया।
चीन यह मान्यता दो बार पाने वाला विश्व का पहला देश बना; इससे पहले 2022 में 'चीन पर्वत-नदियाँ परियोजना' को यह सम्मान मिला था।
2016–2025 के बीच 194 परियोजनाओं पर 36.63 अरब युआन की केंद्रीय सब्सिडी खर्च हुई।
2,000 किलोमीटर से अधिक तटरेखा और 1.5 लाख हेक्टेयर से ज़्यादा तटीय आर्द्रभूमि की बहाली की गई।
UNEP ने इसे दुनिया के सबसे आशाजनक और अनुकरणीय बड़े पैमाने के पारिस्थितिक बहाली मामलों में गिना।

येरेवान, आर्मेनिया में आयोजित संयुक्त राष्ट्र जैविक विविधता संधि के 17वें पक्षकार सम्मेलन (COP 17) के 'पुनर्स्थापना दिवस' कार्यक्रम में 'चीन ब्लू बे बहाली अभियान' को वर्ष 2026 के लिए संयुक्त राष्ट्र की 'विश्व पारिस्थितिक बहाली की प्रमुख परियोजना' के रूप में मान्यता प्रदान की गई। चीनी प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय के अनुसार, यह मान्यता समुद्री पारिस्थितिक पर्यावरण को बेहतर बनाने और तटीय समुदायों की दीर्घकालिक भलाई सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

अभियान की संरचना और नेतृत्व

इस अभियान का नेतृत्व और क्रियान्वयन चीनी प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय और वित्त मंत्रालय संयुक्त रूप से कर रहे हैं। यह चीन का दूसरा राष्ट्रीय पारिस्थितिक संरक्षण एवं बहाली अभियान है जिसे 'प्रमुख परियोजना' का वैश्विक दर्जा प्राप्त हुआ है।

इससे पहले 'चीन पर्वत-नदियाँ परियोजना' को 2022 में यही सम्मान मिला था। इस प्रकार चीन अपने राष्ट्रीय अभियानों के साथ यह प्रतिष्ठित मान्यता दो बार हासिल करने वाला विश्व का पहला देश बन गया है।

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम का मूल्यांकन

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) ने 'चीन ब्लू बे बहाली अभियान' को दुनिया के सबसे आशाजनक, महत्वाकांक्षी और अनुकरणीय बड़े पैमाने के पारिस्थितिक बहाली मामलों में गिना है। UNEP के अनुसार, यह अभियान अन्य देशों के लिए एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।

गौरतलब है कि दोनों मंत्रालय हाल के वर्षों में चीन की तटरेखा के साथ प्रमुख पारिस्थितिक सुरक्षा अवरोध क्षेत्रों में समुद्री पारिस्थितिक बहाली को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहे हैं। इसके अलावा भूमि और समुद्री संसाधनों के एकीकरण तथा नदियों व समुद्रों को जोड़ने की दिशा में भी प्रयास जारी हैं।

आँकड़ों में बहाली का व्यापक दायरा

आँकड़ों के अनुसार, 13वीं और 14वीं पंचवर्षीय योजना (2016–2025) के दौरान चीन की केंद्र सरकार ने तटीय प्रांतों में 194 प्रमुख समुद्री पारिस्थितिक बहाली परियोजनाओं को समर्थन दिया। इस हेतु 36.63 अरब युआन की केंद्रीय सब्सिडी आवंटित की गई।

इन परियोजनाओं के परिणामस्वरूप देश भर में 2,000 किलोमीटर से अधिक तटरेखा पर 1.5 लाख हेक्टेयर से ज़्यादा तटीय आर्द्रभूमि को बहाल किया गया और स्पार्टिना अल्टरनिफ्लोरा जैसी आक्रामक वनस्पति पर नियंत्रण में भी उल्लेखनीय सफलता मिली।

पर्यावरण और समुदाय पर असर

इस अभियान से महत्वपूर्ण समुद्री पारिस्थितिक तंत्रों की गुणवत्ता और स्थिरता में प्रभावी सुधार हुआ है। जैव विविधता में वृद्धि दर्ज की गई है और आम नागरिकों के उपयोग हेतु उच्च गुणवत्ता वाले समुद्री क्षेत्रों का विस्तार हुआ है।

इसके अलावा तटीय आपदा निवारण और शमन की क्षमता सुदृढ़ हुई है, जिससे समुद्री पारिस्थितिक सुरक्षा का ढाँचा और मज़बूत हुआ है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक समुदाय 2030 जैव विविधता लक्ष्यों को पूरा करने के लिए ठोस कदमों की तलाश में है।

आगे की राह

COP 17 में मिली यह अंतरराष्ट्रीय मान्यता चीन की समुद्री संरक्षण नीति को वैश्विक मंच पर नई साख देती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह अभियान विकासशील देशों को बड़े पैमाने पर तटीय पारिस्थितिक बहाली के लिए एक व्यावहारिक रोडमैप प्रदान कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुविचारित कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा भी है — जो वैश्विक जलवायु और जैव विविधता मंचों पर चीन की 'जिम्मेदार शक्ति' की छवि गढ़ता है। हालाँकि 36.63 अरब युआन के निवेश और 2,000 किलोमीटर तटरेखा की बहाली के दावे प्रभावशाली हैं, स्वतंत्र सत्यापन की सीमित उपलब्धता के कारण इन आँकड़ों को सरकारी स्रोत का हवाला देकर ही प्रस्तुत किया जा सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब चीन दक्षिण चीन सागर में अपनी गतिविधियों को लेकर वैश्विक आलोचना का सामना कर रहा है — ऐसे में पर्यावरणीय नेतृत्व का यह आख्यान कूटनीतिक संतुलन का काम कर सकता है।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीन ब्लू बे बहाली अभियान क्या है?
यह चीन के प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय और वित्त मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से संचालित एक राष्ट्रीय समुद्री पारिस्थितिक बहाली अभियान है, जो तटीय आर्द्रभूमि, मैंग्रोव और समुद्री जैव विविधता को पुनर्स्थापित करने पर केंद्रित है। COP 17 में इसे 2026 की संयुक्त राष्ट्र की 'विश्व पारिस्थितिक बहाली प्रमुख परियोजना' घोषित किया गया।
चीन को यह संयुक्त राष्ट्र मान्यता कब और कहाँ मिली?
यह मान्यता 30 अक्टूबर 2026 को आर्मेनिया की राजधानी येरेवान में आयोजित CBD के 17वें पक्षकार सम्मेलन (COP 17) के 'पुनर्स्थापना दिवस' कार्यक्रम में प्रदान की गई।
क्या चीन पहले भी यह मान्यता पा चुका है?
हाँ, चीन की 'पर्वत-नदियाँ परियोजना' को 2022 में यही वैश्विक सम्मान मिला था। इस बार 'ब्लू बे बहाली अभियान' को मान्यता मिलने के साथ चीन यह उपलब्धि दो बार हासिल करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है।
इस अभियान के तहत कितनी तटरेखा और आर्द्रभूमि बहाल की गई?
आँकड़ों के अनुसार 2016 से 2025 के बीच 194 परियोजनाओं के ज़रिये 2,000 किलोमीटर से अधिक तटरेखा और 1.5 लाख हेक्टेयर से ज़्यादा तटीय आर्द्रभूमि को बहाल किया गया। इसके लिए 36.63 अरब युआन की केंद्रीय सब्सिडी आवंटित की गई।
UNEP ने इस अभियान को क्यों सराहा?
संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) ने इसे दुनिया के सबसे आशाजनक, महत्वाकांक्षी और अनुकरणीय बड़े पैमाने के पारिस्थितिक बहाली मामलों में शामिल किया। समुद्री पारिस्थितिक तंत्र की गुणवत्ता में सुधार, जैव विविधता संवर्धन और तटीय समुदायों की भलाई को इसकी प्रमुख उपलब्धियाँ माना गया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
    अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस 2026: चीन में लुप्तप्राय प्रजातियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि, 27 में से 21 राष्ट्रीय लक्ष्यों पर प्रगति
  6. 11 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले