चीन ब्लू बे बहाली अभियान को संयुक्त राष्ट्र की 'विश्व पारिस्थितिक बहाली' प्रमुख परियोजना का दर्जा
सारांश
मुख्य बातें
येरेवान, आर्मेनिया में आयोजित संयुक्त राष्ट्र जैविक विविधता संधि के 17वें पक्षकार सम्मेलन (COP 17) के 'पुनर्स्थापना दिवस' कार्यक्रम में 'चीन ब्लू बे बहाली अभियान' को वर्ष 2026 के लिए संयुक्त राष्ट्र की 'विश्व पारिस्थितिक बहाली की प्रमुख परियोजना' के रूप में मान्यता प्रदान की गई। चीनी प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय के अनुसार, यह मान्यता समुद्री पारिस्थितिक पर्यावरण को बेहतर बनाने और तटीय समुदायों की दीर्घकालिक भलाई सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
अभियान की संरचना और नेतृत्व
इस अभियान का नेतृत्व और क्रियान्वयन चीनी प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय और वित्त मंत्रालय संयुक्त रूप से कर रहे हैं। यह चीन का दूसरा राष्ट्रीय पारिस्थितिक संरक्षण एवं बहाली अभियान है जिसे 'प्रमुख परियोजना' का वैश्विक दर्जा प्राप्त हुआ है।
इससे पहले 'चीन पर्वत-नदियाँ परियोजना' को 2022 में यही सम्मान मिला था। इस प्रकार चीन अपने राष्ट्रीय अभियानों के साथ यह प्रतिष्ठित मान्यता दो बार हासिल करने वाला विश्व का पहला देश बन गया है।
संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम का मूल्यांकन
संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) ने 'चीन ब्लू बे बहाली अभियान' को दुनिया के सबसे आशाजनक, महत्वाकांक्षी और अनुकरणीय बड़े पैमाने के पारिस्थितिक बहाली मामलों में गिना है। UNEP के अनुसार, यह अभियान अन्य देशों के लिए एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।
गौरतलब है कि दोनों मंत्रालय हाल के वर्षों में चीन की तटरेखा के साथ प्रमुख पारिस्थितिक सुरक्षा अवरोध क्षेत्रों में समुद्री पारिस्थितिक बहाली को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहे हैं। इसके अलावा भूमि और समुद्री संसाधनों के एकीकरण तथा नदियों व समुद्रों को जोड़ने की दिशा में भी प्रयास जारी हैं।
आँकड़ों में बहाली का व्यापक दायरा
आँकड़ों के अनुसार, 13वीं और 14वीं पंचवर्षीय योजना (2016–2025) के दौरान चीन की केंद्र सरकार ने तटीय प्रांतों में 194 प्रमुख समुद्री पारिस्थितिक बहाली परियोजनाओं को समर्थन दिया। इस हेतु 36.63 अरब युआन की केंद्रीय सब्सिडी आवंटित की गई।
इन परियोजनाओं के परिणामस्वरूप देश भर में 2,000 किलोमीटर से अधिक तटरेखा पर 1.5 लाख हेक्टेयर से ज़्यादा तटीय आर्द्रभूमि को बहाल किया गया और स्पार्टिना अल्टरनिफ्लोरा जैसी आक्रामक वनस्पति पर नियंत्रण में भी उल्लेखनीय सफलता मिली।
पर्यावरण और समुदाय पर असर
इस अभियान से महत्वपूर्ण समुद्री पारिस्थितिक तंत्रों की गुणवत्ता और स्थिरता में प्रभावी सुधार हुआ है। जैव विविधता में वृद्धि दर्ज की गई है और आम नागरिकों के उपयोग हेतु उच्च गुणवत्ता वाले समुद्री क्षेत्रों का विस्तार हुआ है।
इसके अलावा तटीय आपदा निवारण और शमन की क्षमता सुदृढ़ हुई है, जिससे समुद्री पारिस्थितिक सुरक्षा का ढाँचा और मज़बूत हुआ है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक समुदाय 2030 जैव विविधता लक्ष्यों को पूरा करने के लिए ठोस कदमों की तलाश में है।
आगे की राह
COP 17 में मिली यह अंतरराष्ट्रीय मान्यता चीन की समुद्री संरक्षण नीति को वैश्विक मंच पर नई साख देती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह अभियान विकासशील देशों को बड़े पैमाने पर तटीय पारिस्थितिक बहाली के लिए एक व्यावहारिक रोडमैप प्रदान कर सकता है।