चीन की पवन और सौर ऊर्जा क्षमता 201 करोड़ किलोवाट पार, नवीन ऊर्जा का तेज़ विस्तार जारी
सारांश
मुख्य बातें
चीन की पवन और सौर ऊर्जा की संयुक्त स्थापित क्षमता सितंबर 2026 के अंत तक 201 करोड़ किलोवाट तक पहुँच गई है — यह आँकड़ा चीनी राजकीय ऊर्जा ब्यूरो के आधिकारिक आँकड़ों पर आधारित है। इसी अवधि में देश की कुल बिजली उत्पादन स्थापित क्षमता 413 करोड़ किलोवाट दर्ज की गई, जो वर्ष-दर-वर्ष 11.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।
पवन और सौर ऊर्जा की विस्तृत तस्वीर
चीनी राजकीय ऊर्जा ब्यूरो के आँकड़ों के अनुसार, पवन ऊर्जा की स्थापित क्षमता 70 करोड़ किलोवाट रही, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 20.4 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी है। सौर ऊर्जा की स्थापित क्षमता 131 करोड़ किलोवाट रही, जो वर्ष-दर-वर्ष 16.5 प्रतिशत अधिक है।
इन आँकड़ों से स्पष्ट है कि सौर ऊर्जा पवन ऊर्जा से लगभग दोगुनी क्षमता के साथ चीन के नवीन ऊर्जा मिश्रण की रीढ़ बन चुकी है। दोनों क्षेत्रों में दोहरे अंकों की वृद्धि देश की ऊर्जा संरचना में तेज़ बदलाव की गवाह है।
बिजली उत्पादन में नवीन ऊर्जा का योगदान
आँकड़ों के अनुसार, 2026 की पहली तीन तिमाहियों (जनवरी–सितंबर) में पवन और सौर ऊर्जा के संयुक्त बिजली उत्पादन की कुल मात्रा 1,933 अरब 30 करोड़ किलोवाट घंटे रही। यह पिछले वर्ष की समान अवधि से 193 अरब 70 करोड़ किलोवाट घंटे अधिक है।
उल्लेखनीय तथ्य यह है कि पवन और सौर स्रोतों से जुड़ी यह अतिरिक्त बिजली उत्पादन मात्रा, पूरे समाज की कुल अतिरिक्त बिजली खपत का 64 प्रतिशत थी। यह अनुपात दर्शाता है कि चीन की बढ़ती ऊर्जा माँग को नवीन स्रोत तेज़ी से पूरा कर रहे हैं।
वैश्विक संदर्भ में महत्व
गौरतलब है कि चीन पहले से ही स्थापित पवन और सौर क्षमता के मामले में विश्व में अग्रणी स्थान पर है। 200 करोड़ किलोवाट का यह आँकड़ा ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर के देश कार्बन उत्सर्जन घटाने के लिए अपने-अपने लक्ष्य निर्धारित कर रहे हैं। नवीन ऊर्जा का यह विस्तार चीन की कुल ऊर्जा संरचना में कोयला-आधारित बिजली की हिस्सेदारी को धीरे-धीरे कम करने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में जीवाश्म ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव और जलवायु परिवर्तन की चिंताओं ने कई देशों को नवीन ऊर्जा की ओर रुख़ करने पर मजबूर किया है।
आगे की राह
विशेषज्ञों के अनुसार, नवीन ऊर्जा क्षेत्र में यह रफ़्तार बनाए रखना चीन के लिए ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु प्रतिबद्धताओं दोनों के लिहाज़ से निर्णायक होगा। चीनी राजकीय ऊर्जा ब्यूरो के आँकड़े संकेत देते हैं कि देश वर्ष के अंत तक इस वृद्धि की गति को और तेज़ कर सकता है।