चेन्नई कॉर्पोरेशन का निर्देश: 30 सितंबर तक जमा करें प्रोफेशनल टैक्स, चूक पर दंडात्मक कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (GCC) ने 12 अगस्त 2026 को शहर की सीमा के भीतर कार्यरत सभी सरकारी और निजी क्षेत्र के नियोक्ताओं को अनिवार्य निर्देश जारी किया है कि वे अगस्त माह के लिए पात्र कर्मचारियों के वेतन से प्रोफेशनल टैक्स की कटौती करें और यह राशि 30 सितंबर 2026 तक नगर निकाय में अनिवार्य रूप से जमा कराएँ। समय-सीमा का उल्लंघन करने वाले नियोक्ताओं पर लागू नगरपालिका कानूनों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
कानूनी आधार और प्रावधान
यह निर्देश तमिलनाडु अर्बन लोकल बॉडीज एक्ट, 1998 की धारा 117-सी और तमिलनाडु अर्बन लोकल बॉडीज रूल्स, 2023 के नियम 277(2) के अंतर्गत जारी किया गया है। प्रोफेशनल टैक्स कर्मचारियों की कुल आय के आधार पर प्रत्येक छह महीने में वसूला जाता है। गौरतलब है कि यह कर केवल उन्हीं प्रतिष्ठानों पर लागू होता है जो प्रोफेशनल टैक्स के नियामक दायरे में आते हैं।
टैक्स स्लैब और छूट की सीमा
जिन कर्मचारियों की छह महीने की कुल आय ₹21,000 तक है, उन्हें प्रोफेशनल टैक्स से पूर्ण छूट प्राप्त है। इससे अधिक आय वाले कर्मचारियों पर GCC द्वारा निर्धारित आय-स्लैब के अनुसार कर लागू होता है। 2024-25 वित्तीय वर्ष से लागू नए टैक्स ढाँचे के तहत, किसी भी छह महीने की अवधि के लिए अधिकतम प्रोफेशनल टैक्स ₹1,250 निर्धारित है। सर्वोच्च स्लैब उन कर्मचारियों पर लागू होता है जिनकी छह माह की आय ₹75,000 से अधिक है।
नियोक्ताओं के लिए अनुपालन प्रक्रिया
GCC ने नियोक्ताओं को स्पष्ट प्रक्रिया निर्धारित की है। नियम 278 के तहत नियोक्ताओं को फॉर्म-14 (रिकवरी रिटर्न) और फॉर्म-15 (कर्मचारियों से की गई प्रोफेशनल टैक्स कटौती का विवरण) दोनों जमा करने अनिवार्य हैं। पूर्ण दस्तावेज़ प्रोफेशनल टैक्स के लिए नामित ई-मेल पते पर भेजने होंगे, जिसके बाद कॉर्पोरेशन की ओर से इलेक्ट्रॉनिक आधिकारिक रसीदें जारी की जाएंगी।
चूक पर दंड का प्रावधान
GCC ने सभी प्रतिष्ठानों को निर्देशित किया है कि वे अपने कर्मचारियों की आय की जानकारी सत्यापित करें, समय पर कटौती सुनिश्चित करें और बिना विलंब के आवश्यक रिटर्न दाखिल करें। नगर निकाय ने स्पष्ट किया है कि 30 सितंबर 2026 की समय-सीमा तक टैक्स कटौती या जमा करने में विफल रहने वाले नियोक्ताओं के विरुद्ध लागू नगरपालिका कानूनों और नियमों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
आगे क्या
यह निर्देश ऐसे समय में आया है जब नगर निकाय अपने राजस्व संग्रह को व्यवस्थित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। चेन्नई के सभी सरकारी और निजी नियोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे 30 सितंबर 2026 से पहले अनुपालन सुनिश्चित करें ताकि कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।