3 नवंबर 2026
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छठ पूजा पर हवाई टिकट ₹30-40 हजार: मुकेश सहनी बोले — बिहारियों के साथ हो रही खुली लूट

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छठ पूजा पर हवाई टिकट ₹30-40 हजार: मुकेश सहनी बोले — बिहारियों के साथ हो रही खुली लूट

सारांश

छठ पूजा पर ₹30-40 हजार के हवाई टिकट और न ट्रेन, न अतिरिक्त विमान — वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने इसे बिहारियों के साथ 'खुली लूट' करार दिया और केंद्र से ₹10-12 हजार की किराया-सीमा की माँग की। साथ ही उन्होंने बिहार की कानून-व्यवस्था, भाजपा-जेडीयू तनाव और अमित शाह के घुसपैठिए-दावे पर भी तीखे सवाल उठाए।

मुख्य बातें

वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने 3 नवंबर 2026 को कहा कि छठ पूजा पर दिल्ली-मुंबई से बिहार के हवाई टिकट ₹30-40 हजार तक पहुँच गए हैं।
सहनी ने केंद्र सरकार से एयरलाइंस के लिए अधिकतम किराया सीमा ₹10-12 हजार तय करने की माँग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस बार न विशेष ट्रेनें चलाई गईं और न अतिरिक्त विमानों की व्यवस्था की गई।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कानून-व्यवस्था संबंधी बयान पर सहनी ने कहा कि बिहार में गुंडागर्दी जारी है और मुख्यमंत्री दिल्ली के दबाव में हैं।
दो निर्दलीय एमएलसी के BJP में शामिल होने को सहनी ने JDU की पीठ में छुरा घोंपना बताया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के तीन करोड़ घुसपैठियों के दावे पर सहनी ने सरकार से सूची सार्वजनिक करने की माँग की।

विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख मुकेश सहनी ने 3 नवंबर 2026 को पटना में पत्रकारों से बातचीत में छठ पूजा के दौरान हवाई किराए में भारी उछाल को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। सहनी ने कहा कि दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों से बिहार आने के लिए ₹30 से ₹40 हजार तक का हवाई टिकट आम बिहारियों की जेब पर सीधा डाका है।

हवाई किराए की मार और सरकार की जिम्मेदारी

सहनी ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान मतदाताओं को लुभाने के लिए एयरलाइंस के जरिए किराए जानबूझकर कम रखे गए, लेकिन चुनाव बीतते ही यात्रियों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया। उनके अनुसार, इस बार न विशेष ट्रेनें चलाई गईं और न ही अतिरिक्त विमानों की व्यवस्था की गई, जिससे हजारों बिहारी अपने परिवार के पास पहुँचने में असमर्थ हैं और दूसरे शहरों में ही छठ पूजा मनाने को विवश हैं।

उन्होंने केंद्र सरकार से माँग की कि एयरलाइंस कंपनियों के लिए अधिकतम किराए की सीमा तय की जाए और ₹10 से ₹12 हजार से अधिक टिकट न बेचे जाने की गाइडलाइन जारी की जाए। सहनी ने कहा कि यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने में सरकार की भी परोक्ष भागीदारी है।

बिहार की कानून-व्यवस्था पर सवाल

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इस बयान पर कि 'अपराध हो सकता है, लेकिन अपराध का कॉन्सेप्ट खत्म हो गया है', सहनी ने कहा कि उन्हें इस परिभाषा की समझ नहीं आती। उनके अनुसार बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है और राज्य में गुंडागर्दी जारी है। सहनी ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री दिल्ली के दबाव में काम कर रहे हैं और स्वतंत्र फैसले लेने में असमर्थ हैं।

दो निर्दलीय एमएलसी का भाजपा में शामिल होना

दो निर्दलीय एमएलसी के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के मामले में सहनी ने कहा कि न्यायालय जो फैसला करेगा, वह मान्य होगा। हालाँकि, उन्होंने भाजपा पर जनता दल (यूनाइटेड) (JDU) को कमजोर करने की सुनियोजित रणनीति अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि चुनाव से पहले ही उन्हें जानकारी मिली थी कि भाजपा इन दोनों प्रत्याशियों की JDU के खिलाफ मदद कर रही है, लेकिन शुरुआत में इसे अफवाह माना गया। सहनी ने इसे जेडीयू की 'पीठ में छुरा घोंपने' जैसी हरकत बताया।

अमित शाह के घुसपैठियों के दावे पर सवाल

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के तीन करोड़ घुसपैठियों के दावे पर सहनी ने पूछा कि यदि इतने घुसपैठिए देश में थे तो वे अब कहाँ हैं, किस जेल में हैं और कितनों को उनके देश वापस भेजा गया। उन्होंने सरकार से घुसपैठियों की पूरी सूची सार्वजनिक करने की माँग की। सहनी ने आरोप लगाया कि भाजपा 'झूठ फैलाने की फैक्ट्री' बन गई है और लोकतंत्र को कमजोर कर रही है।

बिहार के खजाने और सरकारी घोषणाओं पर सवाल

मुख्यमंत्री की ओर से सक्षम नागरिकों को बिजली सब्सिडी स्वेच्छा से छोड़ने की अपील पर सहनी ने सरकार की वित्तीय योजना पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिना वित्तीय स्थिति समझे महिलाओं को ₹2 लाख देने, पहले ₹10 हजार देने और 125 यूनिट मुफ्त बिजली जैसी घोषणाएँ की गईं, जबकि बिहार का खजाना खाली है और कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल रहा। सहनी ने चेतावनी दी कि बिहार के लोगों के साथ यह व्यवहार जारी रहा तो जनता 2024 की तरह आगे भी जवाब देगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह सीधे नागरिक-राज्य विश्वास को कमजोर करता है। दूसरी ओर, JDU-BJP के बीच एमएलसी वाला घटनाक्रम बताता है कि NDA की 'एकजुट' छवि के भीतर दरारें गहरी हो रही हैं — और सहनी जैसे छोटे लेकिन जातीय रूप से प्रभावशाली नेता इन दरारों को राजनीतिक पूँजी में बदलने में देर नहीं लगाते।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

छठ पूजा 2026 पर हवाई टिकट इतने महँगे क्यों हो गए?
मुकेश सहनी के अनुसार, इस बार न विशेष ट्रेनें चलाई गईं और न अतिरिक्त विमानों की व्यवस्था की गई, जिससे माँग बढ़ने पर एयरलाइंस ने दिल्ली और मुंबई से बिहार के लिए ₹30-40 हजार तक टिकट बेचे। सहनी ने इसे सरकारी उदासीनता और एयरलाइंस की मनमानी का मिलाजुला नतीजा बताया।
मुकेश सहनी ने हवाई किराए पर केंद्र से क्या माँग की है?
सहनी ने केंद्र सरकार से माँग की है कि एयरलाइंस कंपनियों के लिए ₹10 से ₹12 हजार से अधिक किराया न वसूलने की गाइडलाइन जारी की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे तो इस पर तत्काल कार्रवाई कर सकती है।
दो निर्दलीय एमएलसी के BJP में शामिल होने पर सहनी का क्या कहना है?
सहनी ने इसे JDU की 'पीठ में छुरा घोंपने' जैसा बताया और आरोप लगाया कि BJP ने चुनाव से पहले ही इन दोनों प्रत्याशियों की JDU के खिलाफ मदद की थी। उन्होंने कहा कि इस मामले में अदालत का फैसला ही मान्य होगा।
सहनी ने अमित शाह के तीन करोड़ घुसपैठियों के दावे पर क्या कहा?
सहनी ने सवाल उठाया कि यदि देश में तीन करोड़ घुसपैठिए थे, तो वे अब कहाँ हैं, किस जेल में हैं और कितनों को वापस भेजा गया। उन्होंने सरकार से घुसपैठियों की पूरी सूची सार्वजनिक करने की माँग की।
बिहार की कानून-व्यवस्था पर मुकेश सहनी ने क्या आरोप लगाए?
सहनी ने कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था बेहद खराब है और राज्य में गुंडागर्दी जारी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दिल्ली के दबाव में काम कर रहे हैं और स्वतंत्र रूप से फैसले लेने में सक्षम नहीं हैं।
राष्ट्र प्रेस
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