छत्तीसगढ़ विधानसभा मॉनसून सत्र 14 जुलाई से: वीबी-जी राम जी रोजगार योजना होगी पेश
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ विधानसभा का पाँच दिवसीय मॉनसून सत्र सोमवार, 14 जुलाई 2026 से शुरू होकर 17 जुलाई को समाप्त होगा, जिसमें कुल पाँच बैठकें निर्धारित हैं। सत्र के पहले दिन उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा विधानसभा में एक महत्वाकांक्षी ग्रामीण रोजगार योजना प्रस्तुत करेंगे, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
वीबी-जी राम जी योजना क्या है
इस योजना का पूरा नाम 'विकसित भारत-गारंटी मिशन फॉर एम्प्लॉयमेंट एंड लाइवलीहुड (रूरल) वीबी-जी राम जी स्कीम, छत्तीसगढ़' है। यह योजना वीबी-जी राम जी एक्ट, 2025 के अंतर्गत 25 जून 2026 को अधिसूचित की गई थी। इसका उद्देश्य राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसरों को सुदृढ़ करना है।
सत्र की संरचना और प्रश्न काल
सत्र के शुरुआती चार दिन मुख्य रूप से प्रश्न काल और सरकार के आवश्यक वित्तीय कामकाज पर केंद्रित रहेंगे। इससे विधायकों को विभिन्न प्रशासनिक मामलों पर संबंधित मंत्रियों से विस्तृत जवाब माँगने का अवसर मिलेगा। विधानसभा सचिवालय को सदस्यों की ओर से पहले ही 1,033 प्रश्न प्राप्त हो चुके हैं, जो कई विभागों से जुड़े हैं — यह संख्या सदन में उच्च स्तरीय भागीदारी का संकेत देती है।
सत्र का समापन 17 जुलाई को होगा, जिसमें अंतिम ढाई घंटे निजी सदस्यों के प्रस्तावों और विधेयकों के लिए आरक्षित हैं। इससे गैर-सरकारी विधायकों को जनहित के अहम मुद्दे उठाने और विधायी सुझाव रखने का मंच मिलेगा।
विपक्ष की रणनीति और प्रमुख मुद्दे
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने संकेत दिया है कि वह सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार को कई अहम मुद्दों पर जोरदार तरीके से घेरेगी। शुरुआती चर्चाओं में खेती-किसानी से जुड़ी समस्याएँ — विशेष रूप से बीज और खाद की उपलब्धता — हावी रहने की संभावना है।
इसके अतिरिक्त, कानून-व्यवस्था, अवैध रेत खनन, बिजली कटौती, स्मार्ट बिजली मीटर के क्रियान्वयन और नकटी गाँव में हुई विवादास्पद बुलडोजर कार्रवाई पर भी तीखी बहस की उम्मीद है।
राजनीतिक समीकरण
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, कांग्रेस प्रशासनिक कमियों को उजागर करने की कोशिश करेगी, जबकि BJP सरकार अपनी उपलब्धियों और नीतियों का बचाव करने पर ध्यान केंद्रित करेगी। यह सत्र ऐसे समय में हो रहा है जब ग्रामीण आजीविका और शहरी बुनियादी ढाँचे से जुड़े मुद्दे जनता के एजेंडे में सर्वोच्च प्राथमिकता पर हैं।
आगे क्या
वीबी-जी राम जी योजना के विधानसभा में पेश होने के बाद उस पर बहस और विपक्ष की प्रतिक्रिया इस सत्र की दिशा तय करेगी। 17 जुलाई को सत्र की समाप्ति तक यह स्पष्ट हो जाएगा कि सरकार किन विधायी प्राथमिकताओं पर आगे बढ़ना चाहती है।