छत्तीसगढ़ में वेदांता ग्रुप की घटना ने औद्योगिक सुरक्षा पर उठाए गंभीर सवाल

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छत्तीसगढ़ में वेदांता ग्रुप की घटना ने औद्योगिक सुरक्षा पर उठाए गंभीर सवाल

सारांश

छत्तीसगढ़ में वेदांता के प्लांट में बॉयलर ट्यूब फटने की घटना ने औद्योगिक सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कम से कम 14 कर्मचारियों की मौत हुई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। इस घटना की जांच की जा रही है।

Key Takeaways

  • छत्तीसगढ़ में वेदांता के प्लांट में बॉयलर ट्यूब फटने की घटना हुई।
  • 14 कर्मचारियों की जान चली गई और कई घायल हुए।
  • प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने आर्थिक सहायता की घोषणा की।
  • कंपनी की सुरक्षा प्रथाओं पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।
  • घटना की जांच के आदेश दिए गए हैं।

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। देश की प्रमुख खनन कंपनी वेदांता एक बार फिर से सवालों के घेरे में है, जब उसके छत्तीसगढ़ स्थित प्लांट में बॉयलर ट्यूब फटने की एक गंभीर घटना हुई। इस घटना ने कंपनी की औद्योगिक सुरक्षा प्रथाओं को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।

इस घटना में कम से कम 14 कर्मचारियों की जान चली गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाली वेदांता हमेशा ही औद्योगिक सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा में रही है, क्योंकि इसके खनन, धातु, तेल, गैस और बिजली क्षेत्रों में कई बार कार्यस्थल पर होने वाली मौतों की घटनाएं सामने आई हैं।

लंदन स्टॉक एक्सचेंज में 2010 के दौरान वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड को 67 मौतों वाली कंपनी के रूप में पहचाना गया था, जो उस समय अन्य खनन कंपनियों में सबसे अधिक था।

इस घटना का व्यापक प्रभाव पड़ा और ब्रिटिश सुरक्षा परिषद ने कंपनी तथा उसकी सहायक कंपनी बाल्को को पहले दिए गए सुरक्षा पुरस्कार को वापस ले लिया।

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक और बड़ी घटना में चिमनी गिरने से 40 श्रमिकों की जान चली गई, जिसके बाद कानून प्रवर्तन ने कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया। कंपनी ने इस घटना का कारण खराब मौसम बताया।

हाल ही में प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं का पूरी तरह से समाधान नहीं किया गया है।

वेदांता के सभी परिचालन क्षेत्रों में कार्यस्थल पर होने वाली मौतों की संख्या वित्त वर्ष 2020 में 7 से बढ़कर वित्त वर्ष 2023 में 13 हो गई थी, इसके बाद इसमें कुछ कमी आई और वित्त वर्ष 2025 में यह संख्या फिर से 7 हो गई, जिसमें 6 श्रमिक और 1 कर्मचारी शामिल था।

उद्योग के तुलनात्मक आंकड़े बताते हैं कि वेदांता उन कंपनियों में से एक है जिनमें अपेक्षाकृत अधिक मौतें हुई हैं।

कंपनी की वित्त वर्ष 2025 की वार्षिक रिपोर्ट में कार्यस्थल सुरक्षा से जुड़ी आंतरिक शिकायतों में भारी वृद्धि का उल्लेख किया गया है।

वित्त वर्ष 2025 में कर्मचारियों और श्रमिकों ने स्वास्थ्य और सुरक्षा से संबंधित 1,363 शिकायतें दर्ज की, जो वित्त वर्ष 2024 में मिली 603 शिकायतों से दोगुनी से अधिक हैं।

इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ दुर्घटना में हुई जनहानि पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50,000 रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की।

राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साई ने प्रत्येक मृतक श्रमिक के परिजनों को 5 लाख रुपए और घायलों को 50,000 रुपए का मुआवजा देने की बात कही। उन्होंने बिलासपुर मंडल के आयुक्त को इस घटना की जांच करने का आदेश भी दिया।

जिला प्रशासन ने भी दुर्घटना की अलग से मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया है। प्रशासन को घायलों के उचित उपचार को सुनिश्चित करने और सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है।

यह दुर्घटना 14 अप्रैल को शक्ति जिले के सिंघानातराई गांव में स्थित कंपनी के प्लांट में हुई, जब एक उच्च दबाव वाले बॉयलर की नली फट गई, जिससे लगभग 600 डिग्री सेल्सियस तापमान वाली अत्यधिक गर्म भाप बाहर निकली, जिससे कई कर्मचारियों की जान चली गई।

Point of View

NationPress
17/04/2026

Frequently Asked Questions

छत्तीसगढ़ में वेदांता का क्या हुआ?
छत्तीसगढ़ में वेदांता के प्लांट में बॉयलर ट्यूब फटने से 14 कर्मचारियों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।
इस घटना के बाद क्या कदम उठाए गए?
प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की और घटना की जांच के आदेश दिए।
वेदांता की सुरक्षा प्रथाओं पर क्या सवाल उठ रहे हैं?
घटनाओं की पुनरावृत्ति और सुरक्षा मानकों की कमी के कारण वेदांता की सुरक्षा प्रथाओं पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
इस घटना का व्यापक प्रभाव क्या होगा?
इस घटना से वेदांता की छवि को नुकसान पहुंच सकता है और औद्योगिक सुरक्षा के मानकों पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है।
क्यों यह घटना महत्वपूर्ण है?
यह घटना कार्यस्थल पर सुरक्षा और मानव जीवन की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, जो औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा प्रथाओं की विफलता को उजागर करती है।
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