चिराग पासवान को NDA छोड़ युवाओं की आवाज़ बनना चाहिए: कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने 27 सितंबर 2026 को लखनऊ में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के प्रयागराज युवा संपर्क अभियान, प्रस्तावित इंडिया ब्लॉक की बैठक और कांग्रेस सांसद राकेश राठौर को हाईकोर्ट से मिली राहत — तीनों मुद्दों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। राजपूत ने पासवान को सलाह दी कि यदि वे सच में युवाओं की परवाह करते हैं, तो उन्हें एनडीए की नीतियों के विरोध में खड़ा होना चाहिए।
चिराग पासवान के युवा संपर्क अभियान पर प्रतिक्रिया
सुरेंद्र राजपूत ने कहा, 'हर राजनीतिक पार्टी को अपने क्षेत्र, वोटर्स और युवाओं से बात करने का अधिकार है। चिराग पासवान उसी अधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं।' हालाँकि उन्होंने आगे कहा कि इस समय पासवान को एनडीए और भाजपा (BJP) की उन नीतियों का विरोध करना चाहिए जिनमें वोट की चोरी, पेपर लीक और नौकरियों की कमी जैसे मुद्दे शामिल हैं।
राजपूत ने दावा किया कि केंद्र और राज्य सरकारों में इस समय लगभग 50 लाख पद रिक्त पड़े हैं। उन्होंने कहा, 'जब भर्ती प्रक्रिया नियुक्ति के चरण तक पहुँचती है, तो लोग सर्वोच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाते हैं। अगर वह युवाओं से बात करना चाहते हैं, तो उन्हें एनडीए से बाहर आ जाना चाहिए।'
इंडिया ब्लॉक की प्रस्तावित बैठक
प्रस्तावित इंडिया ब्लॉक बैठक पर राजपूत ने कहा, 'चुनाव आयोग के साथ भाजपा की मिलीभगत का भंडाफोड़ हो चुका है।' उन्होंने बताया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में गठबंधन जल्द बैठक करेगा, हालाँकि उन्होंने स्वीकार किया कि अभी तक बैठक की कोई तारीख तय नहीं हुई है।
सांसद राकेश राठौर को हाईकोर्ट से राहत
कांग्रेस सांसद राकेश राठौर को विवाह का झाँसा देकर दुष्कर्म के मामले में हाईकोर्ट ने निचली अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगा दी और आरोप तय करने का आदेश रद्द कर दिया है। अदालत ने कहा कि उपलब्ध तथ्यों से शिकायतकर्ता और सांसद के बीच लंबे समय से सहमति से संबंध होने के संकेत मिलते हैं, और ऐसे में विवाह का झाँसा देकर दुष्कर्म का आरोप प्रथमदृष्टया साबित नहीं होता।
राजपूत ने इसे 'राजनीतिक साजिश' करार देते हुए कहा, 'हम संविधान का पूरा सम्मान करते हैं। राकेश राठौर के खिलाफ जो साजिश हुई थी, उसका खुलासा हो गया है।' उन्होंने भाजपा और पुलिस दोनों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब आरोपों में दम नहीं था, तो चार्जशीट क्यों दाखिल की गई।
सरकार पर आरोप और राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों ने भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक को लेकर केंद्र सरकार पर लगातार हमला बोल रखा है। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएँ सामने आई हैं, जिनसे लाखों उम्मीदवार प्रभावित हुए हैं। कांग्रेस ने इन मुद्दों को युवाओं के साथ जोड़कर NDA को घेरने की रणनीति बनाई है।
आगे देखें तो इंडिया ब्लॉक की संभावित बैठक और कांग्रेस के तेज़ होते हमलों के बीच यह स्पष्ट है कि विपक्ष अगले चुनावी चक्र से पहले युवा मुद्दों को केंद्र में रखने की कोशिश कर रहा है।