सपा सांसद धर्मेंद्र यादव का आरोप: चुनाव आयोग सुप्रीम कोर्ट के नाम पर काट रहा वोट, CEC बर्खास्तगी की माँग
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद धर्मेंद्र यादव ने 7 अक्टूबर 2026 को आजमगढ़ में आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी की माँग को और तेज़ कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने पहले आम जनता को, फिर राजनीतिक दलों को गुमराह किया और अब सर्वोच्च न्यायालय के नाम का दुरुपयोग कर मतदाताओं के वोट काटे जा रहे हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी इस विरोध में शामिल होते हुए 9 अक्टूबर को लखनऊ में प्रदर्शन की घोषणा की है।
मुख्य आरोप और बयान
सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा, 'चुनाव आयोग पर पूरे देश का अविश्वास हो चुका है। सर्वोच्च न्यायालय के नाम का दुरुपयोग करके वोट काटना — इससे बड़ा देशद्रोह नहीं हो सकता।' उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बिना संसद की स्वीकृति के फॉर्म-6 में संशोधन किया, जो उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर था। उन्होंने दो साथी चुनाव आयुक्तों की राय को भी नजरअंदाज किया, जबकि उनका समान संवैधानिक अधिकार था।
विरोध का विस्तार: आजमगढ़ से दिल्ली तक
यादव ने बताया कि समाजवादी पार्टी ने सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में मंगलवार को संसद के सामने प्रदर्शन किया था। बुधवार को आजमगढ़ में पार्टी के बुजुर्ग नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल एक जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में जनता सड़कों पर उतर रही है।
सपा प्रवक्ता की दलील
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने कहा कि चुनाव आयोग की विश्वसनीयता लोकतंत्र की बुनियाद है। उन्होंने कहा कि यह आरोप विपक्ष की ओर से नहीं, बल्कि खुद चुनाव आयोग के दो सदस्यों द्वारा उठाए गए हैं, और अभी तक किसी सार्वजनिक मंच से कोई स्पष्टीकरण नहीं आया है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) से भी सवाल किया कि चूँकि तीनों चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति भाजपा सरकार ने की है, इसलिए उसे इस मामले में सबसे पहले संज्ञान लेना चाहिए था।
AAP का समर्थन और तीखे तेवर
आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह ने इस विरोध को और धार देते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को जेल भेजा जाना चाहिए और जहाँ-जहाँ चुनावों में गड़बड़ी हुई — चाहे वह बंगाल, बिहार, दिल्ली, महाराष्ट्र या हरियाणा हो — उन सभी चुनावों को रद्द किया जाना चाहिए। गौरतलब है कि फॉर्म-6 संशोधन विवाद और मतदाता सूची से नाम हटाने के आरोप हाल के हफ्तों में विपक्षी दलों के बीच बड़ा मुद्दा बनकर उभरे हैं।
आगे क्या होगा
सपा नेता धर्मेंद्र यादव ने साफ किया कि पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे के लिए दबाव बनाए रखेगी, चाहे सरकार समय दे या न दे। यह विवाद ऐसे समय में और गहरा होता दिख रहा है जब कई राज्यों में चुनाव की तैयारियाँ चल रही हैं और मतदाता सूची की शुद्धता एक केंद्रीय राजनीतिक मुद्दा बन चुकी है।