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क्या सीआईएसएफ ने पहली बार 'ऑल-वुमेन कमांडो यूनिट' की शुरुआत की है?

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क्या सीआईएसएफ ने पहली बार 'ऑल-वुमेन कमांडो यूनिट' की शुरुआत की है?

सारांश

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने अपनी पहली 'ऑल-वुमेन कमांडो यूनिट' की स्थापना की है, जो महिला सशक्तिकरण और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह यूनिट महिलाओं को सुरक्षा की फ्रंटलाइन पर लाने के लिए समर्पित है।

मुख्य बातें

महिला सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक पहल।
सीआईएसएफ की पहली ऑल-वुमेन कमांडो यूनिट का गठन।
30 महिला कर्मियों का कठोर प्रशिक्षण चल रहा है।
2026 में 2,400 और महिलाओं को शामिल किया जाएगा।
गृह मंत्रालय द्वारा महिला भागीदारी का लक्ष्य पूरा करना।

नई दिल्ली, 25 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। महिला सशक्तिकरण और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने अपनी पहली 'ऑल-वुमेन कमांडो यूनिट' का गठन किया है। इस यूनिट की स्थापना ने न केवल महिला सशक्तिकरण को नई दिशा दी है, बल्कि यह भी दर्शाया है कि महिलाएं अब सुरक्षा की फ्रंटलाइन पर अपनी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

सीआईएसएफ की इस पहली महिला कमांडो यूनिट में 30 महिला कर्मियों का एक बैच वर्तमान में मध्य प्रदेश के आरटीसी बरवहा में 8 सप्ताह के कठिन और उच्चस्तरीय कमांडो प्रशिक्षण से गुजर रहा है। इस प्रशिक्षण में क्विक रिएक्शन टीम (क्यूआरटी) की ड्यूटी, लाइव-फायर अभ्यास, लंबी दूरी की दौड़, रेपलिंग, स्लिदरिंग, जंगल में जीवित रहने की रणनीतियां और 48 घंटे का आत्मविश्वास बढ़ाने वाला अभ्यास शामिल है। इस पहल के पहले चरण में 100 महिला कमांडो को प्रशिक्षित किया जाएगा।

इसके बाद, 2026 में इसका विस्तार करते हुए 2,400 अतिरिक्त महिला कर्मियों को सीआईएसएफ में शामिल किया जाएगा। यह कदम गृह मंत्रालय (एमएचए) द्वारा निर्धारित बल में 10 फीसदी महिला भागीदारी लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में उठाया गया है।

सीआईएसएफ ने सोमवार को एक पोस्ट में जानकारी देते हुए कहा, "सीआईएसएफ की पहली महिला कमांडो यूनिट अग्रिम मोर्चे के लिए प्रशिक्षण ले रही है। महिला सशक्तिकरण और परिचालन उत्कृष्टता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, सीआईएसएफ ने अपनी पहली महिला कमांडो यूनिट का गठन किया है, जो महिलाओं को राष्ट्रीय सुरक्षा की अग्रिम पंक्ति में ला रही है। 30 महिला कर्मियों का पहला बैच मध्य प्रदेश के आरटीसी बरवहा में 8 सप्ताह के कठोर कमांडो प्रशिक्षण से गुजर रहा है। पाठ्यक्रम में त्वरित प्रतिक्रिया दल की ड्यूटी, लाइव-फायर अभ्यास, धीरज दौड़, रेपलिंग, स्लिथरिंग, जंगल में जीवित रहने की रणनीति और 48 घंटे का आत्मविश्वास बढ़ाने वाला अभ्यास शामिल है।"

पोस्ट में आगे लिखा गया, "पहले चरण के तहत, 100 महिला कमांडो को प्रशिक्षित किया जाएगा, जिसके बाद 2026 में इसका विस्तार किया जाएगा, जब 2,400 और महिला कर्मी बल में शामिल होंगी - जो गृह मंत्रालय (एमएचए) द्वारा निर्धारित 10 फीसदी महिला शक्ति लक्ष्य के अनुरूप है। यह ऐतिहासिक पहल नारी शक्ति, लैंगिक समानता और अग्रिम पंक्ति की तैयारी के लिए एक बड़ी छलांग है, जो साहस, क्षमता और समावेशिता के साथ राष्ट्र की रक्षा करने के लिए सीआईएसएफ की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह समाज में लैंगिक समानता को भी प्रोत्साहित करता है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीआईएसएफ की ऑल-वुमेन कमांडो यूनिट का उद्देश्य क्या है?
इस यूनिट का उद्देश्य महिलाओं को राष्ट्रीय सुरक्षा की अग्रिम पंक्ति में लाना और उन्हें सशक्त बनाना है।
कितनी महिला कमांडो इस यूनिट में शामिल की जा रही हैं?
पहले चरण में 100 महिला कमांडो को प्रशिक्षित किया जा रहा है।
यह प्रशिक्षण कहाँ दिया जा रहा है?
यह प्रशिक्षण मध्य प्रदेश के आरटीसी बरवहा में दिया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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