राजस्थान के मुख्यमंत्री ने बूंदी में चंबल एक्वाडक्ट के निर्माण का निरीक्षण किया
सारांश
Key Takeaways
- चंबल एक्वाडक्ट की लंबाई 2280 मीटर और ऊँचाई 36 मीटर होगी।
- यह परियोजना पूर्वी राजस्थान के 17 जिलों में जल आपूर्ति में सुधार करेगी।
- इसमें 5,060 पाइल्स और 77 पाइल कैप्स का उपयोग होगा।
- प्रोजेक्ट से लगभग 40 प्रतिशत जनसंख्या को लाभ होगा।
- पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण किया जाएगा।
जयपुर, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने बुधवार को बूंदी जिले के इंद्रगढ़ तहसील के गुहाटा गांव का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने ‘राम जल सेतु लिंक प्रोजेक्ट’ के तहत चंबल नदी पर बन रहे एक्वाडक्ट (जलसेतु) के निर्माण कार्य का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को राज्य सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट से पूर्वी राजस्थान के 17 जिलों में पीने के पानी और सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होगा।
अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर मुख्यमंत्री ने साझा किया कि गुहाटा गांव में चंबल नदी पर बन रहे इस विशाल एक्वाडक्ट के खंभों की विधिवत पूजा की गई और प्रोजेक्ट की प्रगति से जुड़ी प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया गया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि यह एक्वाडक्ट 2280 मीटर लंबा और 36 मीटर ऊंचा होगा, जिससे किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं मिलेंगी और आम जन को पीने का पानी उपलब्ध होगा। इसके ऊपर 7 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण भी किया जा रहा है, जिससे कोटा और दिल्ली के बीच यात्रा करना अधिक आसान, तेज और सुरक्षित हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना विकसित राजस्थान के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जल प्रबंधन को सशक्त बनाकर यह लोगों के जीवन स्तर को सुधारने और क्षेत्र के विकास को गति देने में सहायक होगी।
इस प्रोजेक्ट से राज्य की लगभग 40 प्रतिशत जनसंख्या को लाभ मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए और सभी कार्य समयसीमा में पूरे किए जाएं।
इस परियोजना के एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में चंबल एक्वाडक्ट की महत्ता बताते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि यह एक्वाडक्ट चंबल नदी के ऊपर स्थापित किया जा रहा है, जो कोटा जिले के पिपल्दा समेल गांव और बूंदी जिले के गुहाटा गांव के बीच स्थित है। इसकी कुल लंबाई 2,280 मीटर है।
उन्होंने बताया कि इस संरचना को 5,060 पाइल्स और 77 पाइल कैप्स का सहारा मिलेगा और इसमें लगभग 384 गोलाकार पियर्स बनाए जाएंगे। यह एक्वाडक्ट चंबल नदी के पार पानी के प्रवाह को सुचारू बनाएगा, जिससे पानी को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाना सरल होगा। साथ ही, इसके ऊपर बनने वाला रास्ता वाहनों की आवाजाही के लिए भी फायदेमंद होगा, जिससे आम लोगों को सुविधा प्राप्त होगी।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने ‘राम जल सेतु लिंक प्रोजेक्ट’ के विभिन्न पहलुओं को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इससे पहले, मुख्यमंत्री शर्मा ने पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर उनके साथ राजस्थान के जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर, अतिरिक्त मुख्य सचिव (जल संसाधन) अभय कुमार और परियोजना से जुड़े अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।