नींदड़-बेनाड इको-ट्रेल का उद्घाटन: CM भजनलाल शर्मा ने किया श्रमदान, 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 29 मई 2026 को नींदड़ वन क्षेत्र में 'नींदड़-बेनाड जैव विविधता परियोजना इको-ट्रेल' का विधिवत उद्घाटन किया और 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के अंतर्गत एक एनीकट (छोटे बांध) पर स्वयं श्रमदान करके जल संरक्षण की मुहिम में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया। यह आयोजन ऐसे समय में हुआ जब राज्य सरकार 25 मई से 5 जून तक पूरे राजस्थान में जल-जागरूकता अभियान चला रही है।
इको-ट्रेल और वन क्षेत्र की पारिस्थितिक संभावनाएँ
मुख्यमंत्री ने नींदड़ वन क्षेत्र को पारिस्थितिक और पर्यटन दृष्टि से अत्यंत समृद्ध बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस क्षेत्र को बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण और पर्यावरण-पर्यटन पहलों के माध्यम से विकसित करने की योजना बना रही है। अधिकारियों को यहाँ पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक सुविधाएँ और आगंतुकों के लिए पैदल मार्ग विकसित करने के निर्देश भी दिए गए।
वंदे गंगा अभियान: जल संचयन पर ज़ोर
शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'हमारा वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान 25 मई से 5 जून तक पूरे राजस्थान में चलाया जा रहा है।' उन्होंने बताया कि अभियान के तहत प्रभावी वर्षाजल संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त स्थानों पर जल निकासी नालियों और जल संचयन संरचनाओं के निर्माण के प्रयास जारी हैं। गौरतलब है कि राजस्थान देश का सबसे बड़ा राज्य है और यहाँ जल की उपलब्धता सदैव एक चुनौती रही है, जिसके मद्देनज़र ऐसे अभियानों की प्रासंगिकता और बढ़ जाती है।
10 करोड़ पौधे और हरियालो राजस्थान
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से प्रेरित वृक्षारोपण मुहिम को भी गति दे रही है, जिसका लक्ष्य चालू वर्ष में 10 करोड़ पौधे लगाना है। उन्होंने 'हरियालो राजस्थान' और 'वंदे गंगा जल संरक्षण' कार्यक्रमों को पर्यावरण संरक्षण में सामुदायिक भागीदारी को मज़बूत करने वाला बताया। इस अवसर पर स्वयं मुख्यमंत्री ने सफेद चंदन का पौधा रोपा, पक्षियों के लिए पानी के बर्तन स्थापित किए और महिलाओं को तुलसी के पौधे वितरित किए।
प्रधानमंत्री मोदी की परिकल्पना से जुड़ाव
शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राजस्थान में जल आत्मनिर्भरता का सपना साकार हो रहा है। उन्होंने नागरिकों से जल संसाधनों के संरक्षण और संवर्धन में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने वैदिक मंत्रों के उच्चारण के बीच एक पीपल के पेड़ की पूजा की और राज्य की समृद्धि के लिए शिव मंदिर में प्रार्थना भी की।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख हस्तियाँ
इस अवसर पर वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा, स्थानीय जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। आने वाले दिनों में राज्य सरकार इस अभियान को और विस्तार देते हुए अधिक एनीकट और जल-संचयन संरचनाओं के निर्माण की दिशा में कदम उठाएगी।