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अशोक गहलोत ने CM भजनलाल को लिखा पत्र, उड़ान योजना तुरंत बहाल करने की माँग

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अशोक गहलोत ने CM भजनलाल को लिखा पत्र, उड़ान योजना तुरंत बहाल करने की माँग

सारांश

मेंस्ट्रुअल हाइजीन डे पर अशोक गहलोत का CM भजनलाल को पत्र — उड़ान योजना बंद होने से ग्रामीण और कमज़ोर वर्ग की महिलाओं के स्वास्थ्य पर असर का हवाला देते हुए तत्काल बहाली की माँग। सर्वोच्च न्यायालय के हालिया निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने की भी अपील।

मुख्य बातें

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 28 मई 2026 को मेंस्ट्रुअल हाइजीन डे पर CM भजनलाल शर्मा को पत्र लिखा।
माँग — 'आई एम शक्ति उड़ान योजना' के तहत मुफ्त सैनिटरी नैपकिन वितरण तुरंत बहाल किया जाए।
योजना कांग्रेस सरकार ने 2021 में शुरू की थी; दिसंबर 2023 में सत्ता परिवर्तन के बाद से बंद बताई जा रही है।
गहलोत के अनुसार योजना बंद होने से ग्रामीण व आर्थिक रूप से कमज़ोर महिलाओं को असुरक्षित विकल्प अपनाने पड़ रहे हैं।
सर्वोच्च न्यायालय के हालिया माहवारी स्वच्छता संबंधी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने की भी अपील।

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 28 मई 2026 को मेंस्ट्रुअल हाइजीन डे के अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर राज्य में 'आई एम शक्ति उड़ान योजना' के तहत मुफ्त सैनिटरी नैपकिन वितरण कार्यक्रम को तत्काल प्रभाव से फिर से शुरू करने की माँग की है। गहलोत ने चेताया कि योजना के लंबे समय से बंद रहने का सीधा असर राजस्थान की लाखों लड़कियों और महिलाओं के स्वास्थ्य व सम्मान पर पड़ रहा है।

योजना क्या है और कब शुरू हुई

कांग्रेस सरकार ने 2021 में 'आई एम शक्ति उड़ान योजना' की शुरुआत की थी, जिसके अंतर्गत राजस्थान की लाखों महिलाओं और छात्राओं को हर महीने नि:शुल्क सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराए जाते थे। गहलोत के अनुसार यह योजना मासिक धर्म से जुड़ी जागरूकता बढ़ाने और सामाजिक कलंक को कम करने में भी सहायक रही।

उन्होंने अपने पत्र में कहा, 'मासिक धर्म स्वच्छता केवल एक कल्याणकारी योजना का विषय नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के स्वास्थ्य, सम्मान और समानता से जुड़ा बेहद महत्वपूर्ण मुद्दा है। किसी भी लड़की या महिला को केवल बुनियादी स्वच्छता उत्पादों की कमी के कारण अपने स्वास्थ्य से समझौता नहीं करना चाहिए।'

योजना बंद होने से किसे नुकसान

गहलोत ने पत्र में रेखांकित किया कि सैनिटरी नैपकिन की अनुपलब्धता के कारण विशेष रूप से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग की किशोरियों व महिलाओं को असुरक्षित विकल्प अपनाने पड़ते हैं। इससे संक्रमण और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है।

यह ऐसे समय में आया है जब महिला स्वास्थ्य और माहवारी स्वच्छता को लेकर सर्वोच्च न्यायालय भी हाल ही में दिशा-निर्देश जारी कर चुका है। गहलोत ने माँग की कि राज्य सरकार इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करे।

गहलोत की प्रमुख माँगें

पूर्व मुख्यमंत्री ने भजनलाल शर्मा सरकार से तीन प्रमुख कदम उठाने की अपील की — पहला, उड़ान योजना को पूरी गंभीरता के साथ तत्काल बहाल किया जाए; दूसरा, सर्वोच्च न्यायालय के हालिया निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित हो; और तीसरा, योजना का लाभ राज्य की सभी महिलाओं तक पहुँचाया जाए।

इसके अलावा उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों और ग्रामीण क्षेत्रों में माहवारी स्वास्थ्य पर बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की भी माँग की।

राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि दिसंबर 2023 में सत्ता परिवर्तन के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार ने राज्य की कई कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की थी। विपक्षी कांग्रेस का आरोप है कि उड़ान योजना सहित कई महिला-केंद्रित कार्यक्रमों को बिना पर्याप्त विकल्प दिए बंद कर दिया गया। BJP सरकार की ओर से अभी तक इस पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आगे क्या होगा

मेंस्ट्रुअल हाइजीन डे पर यह पत्र लिखे जाने से मुद्दे को राष्ट्रीय ध्यान मिलने की संभावना है। महिला स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि माहवारी स्वच्छता को सार्वजनिक स्वास्थ्य की प्राथमिकता सूची में शामिल करना अनिवार्य है। अब देखना यह होगा कि भजनलाल शर्मा सरकार इस माँग पर क्या रुख अपनाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि BJP सरकार ने योजना बंद करते समय कोई वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का हवाला देकर गहलोत ने इस माँग को राजनीतिक से अधिक संवैधानिक ज़िम्मेदारी का रूप दिया है — जिसे नज़रअंदाज़ करना सरकार के लिए आसान नहीं होगा। ग्रामीण महिलाओं की माहवारी स्वच्छता पर भारत का राष्ट्रीय औसत अभी भी चिंताजनक है, और राजस्थान जैसे बड़े राज्य में ऐसी योजना का बंद रहना उस अंतर को और गहरा करता है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आई एम शक्ति उड़ान योजना क्या है?
यह राजस्थान में 2021 में कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई योजना है, जिसके तहत राज्य की लाखों महिलाओं और छात्राओं को हर महीने मुफ्त सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराए जाते थे। इसका उद्देश्य माहवारी स्वच्छता सुनिश्चित करना और इससे जुड़े सामाजिक कलंक को कम करना था।
अशोक गहलोत ने CM भजनलाल को पत्र क्यों लिखा?
गहलोत ने 28 मई 2026 को मेंस्ट्रुअल हाइजीन डे पर पत्र लिखकर उड़ान योजना की तत्काल बहाली की माँग की, क्योंकि उनके अनुसार योजना लंबे समय से बंद है और इससे ग्रामीण व आर्थिक रूप से कमज़ोर महिलाओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
योजना बंद होने से किन महिलाओं को सबसे ज़्यादा नुकसान हो रहा है?
गहलोत के अनुसार सबसे अधिक प्रभावित ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग की किशोरियाँ और महिलाएँ हैं। सैनिटरी नैपकिन न मिलने पर उन्हें असुरक्षित विकल्प अपनाने पड़ते हैं, जिससे संक्रमण और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
गहलोत ने राज्य सरकार से क्या-क्या माँगें रखी हैं?
उन्होंने तीन प्रमुख माँगें रखी हैं — उड़ान योजना की तत्काल बहाली, सर्वोच्च न्यायालय के माहवारी स्वच्छता संबंधी हालिया निर्देशों का पालन, और स्कूलों, कॉलेजों व ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान।
सर्वोच्च न्यायालय ने माहवारी स्वच्छता पर क्या निर्देश दिए हैं?
गहलोत के पत्र में उल्लेख है कि सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में माहवारी स्वच्छता से संबंधित निर्देश जारी किए हैं और उन्होंने राज्य सरकार से इनका अनुपालन सुनिश्चित करने की अपील की है। न्यायालय के निर्देशों का विस्तृत ब्यौरा पत्र में उद्धृत नहीं किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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