अशोक गहलोत ने CM भजनलाल को लिखा पत्र, उड़ान योजना तुरंत बहाल करने की माँग
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 28 मई 2026 को मेंस्ट्रुअल हाइजीन डे के अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर राज्य में 'आई एम शक्ति उड़ान योजना' के तहत मुफ्त सैनिटरी नैपकिन वितरण कार्यक्रम को तत्काल प्रभाव से फिर से शुरू करने की माँग की है। गहलोत ने चेताया कि योजना के लंबे समय से बंद रहने का सीधा असर राजस्थान की लाखों लड़कियों और महिलाओं के स्वास्थ्य व सम्मान पर पड़ रहा है।
योजना क्या है और कब शुरू हुई
कांग्रेस सरकार ने 2021 में 'आई एम शक्ति उड़ान योजना' की शुरुआत की थी, जिसके अंतर्गत राजस्थान की लाखों महिलाओं और छात्राओं को हर महीने नि:शुल्क सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराए जाते थे। गहलोत के अनुसार यह योजना मासिक धर्म से जुड़ी जागरूकता बढ़ाने और सामाजिक कलंक को कम करने में भी सहायक रही।
उन्होंने अपने पत्र में कहा, 'मासिक धर्म स्वच्छता केवल एक कल्याणकारी योजना का विषय नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के स्वास्थ्य, सम्मान और समानता से जुड़ा बेहद महत्वपूर्ण मुद्दा है। किसी भी लड़की या महिला को केवल बुनियादी स्वच्छता उत्पादों की कमी के कारण अपने स्वास्थ्य से समझौता नहीं करना चाहिए।'
योजना बंद होने से किसे नुकसान
गहलोत ने पत्र में रेखांकित किया कि सैनिटरी नैपकिन की अनुपलब्धता के कारण विशेष रूप से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग की किशोरियों व महिलाओं को असुरक्षित विकल्प अपनाने पड़ते हैं। इससे संक्रमण और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है।
यह ऐसे समय में आया है जब महिला स्वास्थ्य और माहवारी स्वच्छता को लेकर सर्वोच्च न्यायालय भी हाल ही में दिशा-निर्देश जारी कर चुका है। गहलोत ने माँग की कि राज्य सरकार इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करे।
गहलोत की प्रमुख माँगें
पूर्व मुख्यमंत्री ने भजनलाल शर्मा सरकार से तीन प्रमुख कदम उठाने की अपील की — पहला, उड़ान योजना को पूरी गंभीरता के साथ तत्काल बहाल किया जाए; दूसरा, सर्वोच्च न्यायालय के हालिया निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित हो; और तीसरा, योजना का लाभ राज्य की सभी महिलाओं तक पहुँचाया जाए।
इसके अलावा उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों और ग्रामीण क्षेत्रों में माहवारी स्वास्थ्य पर बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की भी माँग की।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि दिसंबर 2023 में सत्ता परिवर्तन के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार ने राज्य की कई कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की थी। विपक्षी कांग्रेस का आरोप है कि उड़ान योजना सहित कई महिला-केंद्रित कार्यक्रमों को बिना पर्याप्त विकल्प दिए बंद कर दिया गया। BJP सरकार की ओर से अभी तक इस पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आगे क्या होगा
मेंस्ट्रुअल हाइजीन डे पर यह पत्र लिखे जाने से मुद्दे को राष्ट्रीय ध्यान मिलने की संभावना है। महिला स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि माहवारी स्वच्छता को सार्वजनिक स्वास्थ्य की प्राथमिकता सूची में शामिल करना अनिवार्य है। अब देखना यह होगा कि भजनलाल शर्मा सरकार इस माँग पर क्या रुख अपनाती है।