जादवपुर यूनिवर्सिटी में वामपंथी समूहों पर CM सुवेंदु अधिकारी का तीखा हमला, रक्षाबंधन पर लिया संकल्प
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शुक्रवार, 28 अगस्त को जादवपुर यूनिवर्सिटी (JU) में सक्रिय वामपंथी छात्र समूहों पर कड़ा प्रहार किया और विश्वविद्यालय परिसर को 'राष्ट्र-विरोधी ताकतों' से मुक्त कराने का आह्वान किया। दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर में रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में उन्होंने यह बात कही।
मुख्यमंत्री के तीखे बोल
मुख्यमंत्री अधिकारी ने भवानीपुर में अपने निर्वाचन क्षेत्र के कार्यक्रम में कहा, 'जब कोलकाता की सड़कों पर आजादी के नारे लगते हैं तो मुझे दुख होता है। आजादी क्या है? देश को बहुत पहले ही आजादी मिल चुकी है।' उन्होंने जादवपुर यूनिवर्सिटी की दीवारों पर लिखे 'रेड सैल्यूट किशनजी' जैसे नारों पर भी कड़ा एतराज जताया।
अधिकारी ने कहा, 'रक्षाबंधन के इस शुभ अवसर पर हमें संकल्प लेना चाहिए कि हम उन्हें अपने घर के कचरे की तरह बाहर फेंक देंगे।' उन्होंने 'कश्मीर मांगे आजादी' जैसे नारों को भी सीधे निशाने पर लिया।
किशनजी कौन थे — पृष्ठभूमि
कोटेश्वर राव उर्फ किशनजी माओवादी संगठन के एक वरिष्ठ नेता थे, जो नवंबर 2011 में पश्चिम बंगाल में पुलिस मुठभेड़ के दौरान मारे गए थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें 'भारत के संविधान में अविश्वास रखने वाला व्यक्ति' बताया और कहा कि उनके समर्थन में लिखे नारे युवा पीढ़ी को गुमराह करते हैं।
आंतरिक खतरों पर चेतावनी
मुख्यमंत्री ने देश को भीतर से कमजोर करने की कोशिश करने वालों के प्रति भी आगाह किया। उन्होंने कहा, 'बाहरी दुश्मनों से निपटने के लिए हमारे पास भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना है। लेकिन देश के अंदर भी कई ऐसे लोग हैं जो देश को अंदर से कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं — हमें उनसे सावधान रहना होगा और उन्हें खत्म करना होगा।'
जेयू में 'वंदे मातरम' कार्यक्रम
अधिकारी ने घोषणा की कि वे उसी दिन शाम को जादवपुर यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम में भाग लेंगे, जहाँ 10,000 लोग मिलकर 'वंदे मातरम' का पूरा संस्करण गाएंगे। इससे पहले उन्होंने दक्षिण कोलकाता के नजरुल मंच पर भी रक्षाबंधन समारोह में हिस्सा लिया और पुलिसकर्मियों के साथ त्योहार मनाया।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब जादवपुर यूनिवर्सिटी लंबे समय से वामपंथी छात्र राजनीति का केंद्र रही है और परिसर में विभिन्न विचारधाराओं के बीच टकराव की घटनाएँ सामने आती रही हैं। गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) को चुनौती देने की रणनीति के तहत विश्वविद्यालय परिसरों में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। अधिकारी का यह बयान आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति में नई बहस को जन्म दे सकता है।