10 जुलाई 2026
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करूर भगदड़ पीड़ितों को सीएम विजय ने सौंपे नियुक्ति पत्र, बोले — 'यह घाव आज भी हरा है'

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करूर भगदड़ पीड़ितों को सीएम विजय ने सौंपे नियुक्ति पत्र, बोले — 'यह घाव आज भी हरा है'

सारांश

करूर भगदड़ में 41 लोगों की जान जाने के बाद सीएम विजय ने 32 पीड़ित परिवारों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र सौंपे। भावुक मुख्यमंत्री ने कहा — यह घाव आज भी हरा है। CBI जाँच और मद्रास उच्च न्यायालय में याचिका के बीच यह पुनर्वास कदम राज्य की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक का अहम अध्याय है।

मुख्य बातें

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी.
जोसेफ विजय ने 10 जुलाई 2026 को करूर में 32 पीड़ित परिवारों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र सौंपे।
27 सितंबर 2025 को TVK की चुनावी रैली के दौरान हुई भगदड़ में 41 लोगों की मौत हुई थी।
तमिलनाडु सरकार ने प्रत्येक परिवार को ₹10 लाख और TVK ने ₹20 लाख अतिरिक्त सहायता दी।
मामले की जाँच CBI कर रही है; मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ में स्थायी नियुक्तियों पर याचिका विचाराधीन है।
अदालत के निर्देश पर फिलहाल अस्थायी नियुक्तियाँ दी गई हैं; स्थायी नौकरी पर न्यायिक फैसला बाकी।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 10 जुलाई 2026 को करूर पहुँचकर करूर भगदड़ त्रासदी में अपने परिजनों को खोने वाले 32 परिवारों के एक-एक सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति पत्र सौंपे। एटलस एरिना में आयोजित इस समारोह में भावुक मुख्यमंत्री ने कहा कि यह त्रासदी उनके दिल पर एक 'अमिट घाव' की तरह है जो आज भी उतना ही दर्दनाक है।

त्रासदी की पृष्ठभूमि

27 सितंबर 2025 को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पूर्व करूर में तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) की चुनावी रैली के दौरान हुई भगदड़ में 41 लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले की जाँच अभी भी केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) द्वारा की जा रही है। त्रासदी के बाद तमिलनाडु सरकार ने प्रत्येक पीड़ित परिवार को ₹10 लाख की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की थी, जबकि TVK ने अतिरिक्त ₹20 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की थी।

नियुक्ति पत्र वितरण समारोह

सरकार के पुनर्वास प्रयासों के अंतर्गत लाभार्थियों को उनकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी दी गई। यह कार्यक्रम उस समय आयोजित हुआ जब मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ में इसी मुद्दे पर सुनवाई चल रही थी — अदालत में पीड़ित परिवारों को स्थायी सरकारी नौकरी देने के सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली एक याचिका विचाराधीन है। अदालत के निर्देशानुसार फिलहाल लाभार्थियों को अस्थायी नियुक्तियाँ दी गई हैं।

मुख्यमंत्री का संबोधन

सभा को संबोधित करते हुए विजय ने कहा, 'करूर के मेरे सभी भाइयों और बहनों को मेरा नमन, जो मेरे दिल में बसे हुए हैं। जीवन में कोई व्यक्ति चाहे कितनी भी ऊँचाई हासिल कर ले, लेकिन दिल के घाव और दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता।'

उन्होंने आगे कहा, 'करूर त्रासदी ने मुझे गहरी मानसिक पीड़ा दी है। मैंने यहाँ अपने भाइयों, बहनों और मासूम बच्चों को खोया है। इस त्रासदी की पूरी जिम्मेदारी मुझ पर डाल दी गई, लेकिन मैं जनता की सेवा के उद्देश्य से राजनीति में आया हूँ और ऐसी घटनाओं को हमेशा के लिए रोकने के लिए संकल्पित हूँ।'

विपक्ष पर निशाना और अन्य घोषणाएँ

विजय ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि विधानसभा में 'पार्टी फंड' का मुद्दा उठाए जाने पर वे सदन से बाहर चले गए। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार में उल्लेखनीय कमी आई है। मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि पूर्व मुख्यमंत्री सी.एन. अन्नादुरई (अरिग्नार अन्ना) की जयंती पर नवजात शिशुओं को सोने की अंगूठी देने की योजना वादे के अनुसार लागू की जाएगी।

आगे की राह

सरकार के अनुसार इस पहल का उद्देश्य राज्य की हाल की सबसे बड़ी सार्वजनिक त्रासदियों में से एक से प्रभावित परिवारों को दीर्घकालिक आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। CBI जाँच जारी है और मद्रास उच्च न्यायालय में स्थायी नियुक्तियों का मामला अभी न्यायिक प्रक्रिया में है — इसका अंतिम निर्णय पीड़ित परिवारों के भविष्य को और अधिक स्पष्टता देगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस बड़े सवाल का जवाब नहीं देता जो CBI जाँच और अदालती याचिका के केंद्र में है — भगदड़ की जवाबदेही तय हुई या नहीं। मुख्यमंत्री का भावुक संबोधन राजनीतिक सहानुभूति और प्रशासनिक उत्तरदायित्व के बीच की महीन रेखा पर चलता दिखता है। जब तक CBI जाँच के नतीजे सामने नहीं आते और मद्रास उच्च न्यायालय स्थायी नियुक्तियों पर अपना रुख स्पष्ट नहीं करता, तब तक पीड़ित परिवारों की राहत अधूरी ही रहेगी।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

करूर भगदड़ क्या थी और कब हुई?
27 सितंबर 2025 को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले करूर में TVK की चुनावी रैली के दौरान भगदड़ में 41 लोगों की मौत हो गई थी। यह राज्य की हाल की सबसे बड़ी सार्वजनिक त्रासदियों में से एक मानी जाती है।
पीड़ित परिवारों को क्या-क्या सहायता मिली है?
तमिलनाडु सरकार ने प्रत्येक पीड़ित परिवार को ₹10 लाख की अनुग्रह राशि दी, जबकि TVK ने ₹20 लाख अतिरिक्त सहायता प्रदान की। अब 32 परिवारों के एक-एक सदस्य को शैक्षणिक योग्यता के आधार पर सरकारी नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए हैं।
करूर भगदड़ की जाँच कहाँ तक पहुँची है?
इस मामले की जाँच केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) कर रही है और यह अभी जारी है। मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ में पीड़ित परिवारों को स्थायी सरकारी नौकरी देने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर भी सुनवाई चल रही है।
अनुकंपा नियुक्तियाँ स्थायी हैं या अस्थायी?
मद्रास उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार फिलहाल लाभार्थियों को अस्थायी नियुक्तियाँ दी गई हैं। स्थायी नियुक्तियों का मामला अदालत में विचाराधीन है और अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
सीएम विजय ने इस त्रासदी पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि करूर त्रासदी उनके दिल पर एक 'अमिट घाव' है और इस दर्द को वे कभी नहीं भुला सकते। उन्होंने ऐसी घटनाओं को भविष्य में रोकने का संकल्प लेते हुए कहा कि वे जनसेवा के उद्देश्य से राजनीति में आए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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