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क्या तमिलनाडु में चुनावी रैली में हुई भगदड़ पर नेताओं ने संवेदना व्यक्त की?

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क्या तमिलनाडु में चुनावी रैली में हुई भगदड़ पर नेताओं ने संवेदना व्यक्त की?

सारांश

तमिलनाडु के करूर में चुनावी रैली के दौरान हुई भगदड़ ने 36 लोगों की जान ले ली। नेताओं ने घटना पर शोक व्यक्त किया और उचित जांच व मुआवजे की मांग की। जानें इस घटना के पीछे की कहानी और नेताओं की प्रतिक्रियाएं।

मुख्य बातें

तमिलनाडु के करूर में हुई भगदड़ में 36 लोग मारे गए।
घटनास्थल पर सुरक्षा प्रबंधन को लेकर सवाल उठे।
नेताओं ने पीड़ितों के परिवारों के लिए मुआवजे की मांग की।
घायलों के इलाज के लिए तत्काल सहायता की घोषणा की गई।
घटना की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति बनाई जाएगी।

चेन्नई, 27 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु के करूर में शनिवार को चुनावी रैली के दौरान हुई अचानक भगदड़ में अब तक 36 लोगों के निधन की पुष्टि हो चुकी है, और 58 लोग घायल हुए हैं। इस दुःखद घटना पर विभिन्न नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर पोस्ट कर दुःख व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए लिखा कि ईश्वर उन्हें इस दुःख से उबरने की शक्ति दें और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा, "तमिलनाडु के करूर जिले में हुए इस दुखद भगदड़ में मारे गए व्यक्तियों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मैं मृतकों के परिवारों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और घायलों की जल्दी ठीक होने की कामना करता हूं।"

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, "करूर में राजनीतिक रैली के दौरान हुई यह दुःखद घटना अत्यंत दुखद है। मेरी प्रार्थनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है।"

तमिलनाडु भाजपा के उपाध्यक्ष के अन्नामलाई ने कहा, "करूर में थावेका नेता विजय की सभा में भगदड़ मचने से हुई मौतें चौंकाने वाली हैं। मैं तमिलनाडु सरकार से उचित उपचार की व्यवस्था करने का आग्रह करता हूं।"

उन्होंने यह भी कहा कि, "किसी राजनीतिक सभा के लिए पुलिस की जिम्मेदारी है कि वह उपस्थित जनसंख्या का सही आंकलन करे और सुरक्षा सुनिश्चित करे। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए।"

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "करूर में हुई इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से मैं अत्यंत व्यथित हूँ। हम शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हैं।"

पीएमके पार्टी अध्यक्ष अंबुमणि रामदास ने कहा, "इस घटना में 31 से अधिक लोगों की जान जाना अस्वीकार्य है।"

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "करूर में हुई इस दुःखद घटना ने कई अनमोल जिंदगियों को छीन लिया है।"

स्मृति ईरानी ने कहा, "इस दुःखद भगदड़ से मुझे गहरा दुख हुआ है।"

आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो केजरीवाल ने कहा, "करूर में हुई इस भगदड़ में कई निर्दोष नागरिकों ने अपनी जान गंवाई है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समाज में सुरक्षा प्रबंधन के प्रति हमारी जिम्मेदारी को भी उजागर करता है। देश के हर कोने में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या इस भगदड़ के पीछे सुरक्षा की कमी थी?
हां, कई नेताओं ने आरोप लगाया है कि सुरक्षा व्यवस्था में कमी थी, जिसे सुधारने की आवश्यकता है।
घायलों को क्या सहायता दी जाएगी?
घायलों को शीघ्र उपचार और सहायता प्रदान करने के लिए सरकार ने वादा किया है।
मृतकों के परिवारों को क्या मुआवजा मिलेगा?
नेताओं ने मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजे की मांग की है, जिसमें 10 लाख रुपये का मुआवजा शामिल है।
क्या घटना की जांच की जाएगी?
हां, घटना की गहन जांच की घोषणा की गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
राजनीतिक रैली में इतनी बड़ी संख्या में लोग कैसे जुटे?
राजनीतिक रैलियों में बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं, जो कि सत्ताधारी पार्टी के समर्थन में होते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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