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सनातन के ठेकेदार नहीं बन सकते CM योगी — सपा सांसद धर्मेंद्र यादव का तीखा हमला

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सनातन के ठेकेदार नहीं बन सकते CM योगी — सपा सांसद धर्मेंद्र यादव का तीखा हमला

सारांश

सपा सांसद धर्मेंद्र यादव का CM योगी पर दोहरा हमला — एक तरफ सनातन की राजनीतिक दावेदारी को चुनौती, दूसरी तरफ UP में कानून-व्यवस्था, किसान और पेपर लीक पर सवाल। 2027 चुनाव से पहले यह बयानबाज़ी गठबंधन की रणनीति का हिस्सा लगती है।

मुख्य बातें

सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने 22 सितंबर 2026 को आजमगढ़ में CM योगी आदित्यनाथ के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
यादव ने कहा कि BJP का गठन 1980 में हुआ था, जबकि सनातन धर्म सदियों पुराना है — इसलिए कोई नेता इसका ठेकेदार नहीं बन सकता।
उन्होंने उत्तर प्रदेश में हत्याओं, महिलाओं पर अत्याचार, किसानों की आय और पेपर लीक पर मुख्यमंत्री से जवाब माँगा।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के बयान पर कांग्रेस नेतृत्व को सावधान रहने की सलाह दी।
राहुल गांधी और अखिलेश यादव मिलकर 2027 विधानसभा चुनाव लड़ेंगे; यादव ने अखिलेश के भारी बहुमत से CM बनने का दावा किया।

समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद धर्मेंद्र यादव ने 22 सितंबर 2026 को आजमगढ़ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) का गठन 1980 में हुआ था, जबकि सनातन धर्म सदियों पुरानी आस्था है — इसलिए किसी राजनीतिक दल या नेता को सनातन का ठेकेदार बनने का कोई अधिकार नहीं है।

सनातन पर सियासत — धर्मेंद्र यादव की मुख्य दलील

धर्मेंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को किसी को भी धार्मिक प्रमाणपत्र देने का अधिकार नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि जब 1980 में BJP की स्थापना हुई, उस वक्त भी सनातन धर्म हज़ारों साल से अस्तित्व में था। उनके अनुसार, किसी नव-निर्मित राजनीतिक दल का नेता यह तय नहीं कर सकता कि कौन सनातनी है और कौन नहीं।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच सनातन और हिंदुत्व की राजनीति तेज़ होती दिख रही है। गौरतलब है कि इस तरह के धार्मिक आरोप-प्रत्यारोप पहले भी चुनाव-पूर्व राजनीतिक मौसम में उभरते रहे हैं।

कानून-व्यवस्था और जनसरोकार के सवाल

सपा सांसद ने धार्मिक मुद्दे के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने सवाल किया कि प्रदेश में हत्याओं और महिलाओं पर अत्याचार की घटनाएँ क्यों नहीं थम रहीं। उनका कहना था कि चूँकि योगी आदित्यनाथ प्रदेश की सरकार का नेतृत्व करते हैं, इसलिए इन सवालों का जवाब देना उनकी ज़िम्मेदारी है।

धर्मेंद्र यादव ने किसानों की आय में अपेक्षित वृद्धि न होने और युवाओं की बेरोज़गारी को भी प्रमुख मुद्दों के रूप में उठाया। उन्होंने पेपर लीक के मामलों का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि इससे लाखों-करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और मुख्यमंत्री को इन गंभीर विषयों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

कांग्रेस नेता के बयान पर सलाह

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के हालिया विवादास्पद बयान के संदर्भ में धर्मेंद्र यादव ने कांग्रेस नेतृत्व को भी सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी को यह समझना चाहिए कि कौन से बयान राजनीतिक हित में हैं और किनसे परहेज़ करना चाहिए। हालाँकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इससे इंडिया गठबंधन की एकता पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति

सपा सांसद ने 2024 के लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन का हवाला देते हुए कहा कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में इससे भी बड़ी सफलता मिलेगी। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव मिलकर काम करेंगे और अखिलेश यादव भारी बहुमत के साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे। धर्मेंद्र यादव ने यह भी जोड़ा कि चुनाव की तारीख तय करना चुनाव आयोग (ECI) का काम है, लेकिन सपा के कार्यकर्ता पूरी तरह तैयार हैं।

आने वाले महीनों में यह राजनीतिक टकराव और तेज़ होने की संभावना है, क्योंकि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों 2027 की जंग के लिए अभी से अपनी-अपनी ज़मीन मज़बूत करने में जुटे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि 2027 से पहले सपा की उस रणनीति की झलक है जो BJP के हिंदुत्व-केंद्रित चुनावी ढाँचे को धार्मिक मैदान पर ही चुनौती देना चाहती है। सनातन की 'ठेकेदारी' का सवाल उठाना BJP की सबसे मज़बूत पहचान — हिंदू मतदाताओं से सीधा जुड़ाव — को कमज़ोर करने की कोशिश है। लेकिन विरोधाभास यह है कि विपक्ष जितना इस बहस में उतरेगा, उतना ही वह BJP की तय की हुई ज़मीन पर खेलता नज़र आएगा। असली परीक्षा यह होगी कि क्या इंडिया गठबंधन कानून-व्यवस्था, बेरोज़गारी और पेपर लीक जैसे ठोस मुद्दों को केंद्र में रख पाता है, या फिर धार्मिक बयानबाज़ी में उलझकर जन-सरोकारों की आवाज़ कमज़ोर कर देता है।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धर्मेंद्र यादव ने CM योगी पर सनातन के ठेकेदार का आरोप क्यों लगाया?
सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि BJP का गठन 1980 में हुआ था, जबकि सनातन धर्म सदियों पुरानी आस्था है। इसलिए कोई राजनीतिक दल या नेता यह तय नहीं कर सकता कि कौन सनातनी है — यह दावा करना धर्म की राजनीतिक दुकानदारी है।
धर्मेंद्र यादव ने UP में किन मुद्दों पर CM योगी से जवाब माँगा?
यादव ने उत्तर प्रदेश में हत्याओं और महिलाओं पर अत्याचार, किसानों की आय में वृद्धि न होने, युवाओं की बेरोज़गारी और पेपर लीक के मामलों पर CM योगी से सवाल किए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे व्यक्ति को इन जन-सरोकारों का जवाब देना होगा।
2027 के UP विधानसभा चुनाव को लेकर सपा की रणनीति क्या है?
धर्मेंद्र यादव ने दावा किया कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव मिलकर 2027 का चुनाव लड़ेंगे और अखिलेश यादव भारी बहुमत से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन को इस दावे का आधार बताया।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के बयान पर धर्मेंद्र यादव ने क्या कहा?
यादव ने कांग्रेस नेतृत्व को सलाह दी कि वह अपने नेताओं के बयानों पर नज़र रखे और तय करे कि किस तरह के बयान राजनीतिक रूप से उचित हैं। हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि इससे इंडिया गठबंधन की एकता प्रभावित नहीं होगी।
सपा UP चुनाव के लिए कितनी तैयार है?
धर्मेंद्र यादव ने कहा कि चुनाव की तारीख तय करना चुनाव आयोग (ECI) का काम है, लेकिन समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता पूरी तरह चुनाव के लिए तैयार हैं। उनके अनुसार पार्टी ज़मीनी स्तर पर संगठन मज़बूत कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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