कॉलेज स्ट्रीट का ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट जैसा कायाकल्प: अग्निमित्रा पॉल ने किया निरीक्षण, नो-व्हीकल जोन और बुक कैफे का प्लान
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल सरकार की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने 22 जुलाई 2026 को कोलकाता के ऐतिहासिक और साहित्यिक केंद्र कॉलेज स्ट्रीट का स्थलीय निरीक्षण किया। यह दौरा भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की उस महत्वाकांक्षी योजना के तहत हुआ, जिसमें इस सड़क को लंदन की प्रतिष्ठित ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट की तर्ज पर पुनर्विकसित करने का प्रस्ताव है।
निरीक्षण दौरे का विवरण
मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (KMC) की कमिश्नर स्मिता पांडे और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पूरे कॉलेज स्ट्रीट इलाके का पैदल भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय पैदल यात्रियों और दुकानदारों से सीधे संवाद किया और उनकी राय जानी।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह पहल युवा पीढ़ी को डिजिटल उपकरणों की लत से दूर कर पुस्तकों की ओर प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से की जा रही है। उन्होंने कहा, 'यह खास पहल अगली पीढ़ी को मोबाइल और डिजिटल दुनिया की लत से बाहर निकालने और उन्हें फिर से किताबों की ओर मोड़ने के लिए की जा रही है।'
मुख्य घटनाक्रम: क्या बदलेगा कॉलेज स्ट्रीट में
प्रस्तावित योजना के अनुसार, कॉलेज स्ट्रीट के एक हिस्से को नो-व्हीकल जोन घोषित किया जाएगा। इस क्षेत्र में किताबों की दुकानों, नोटबुक की दुकानों और बुक कैफे को स्थान दिया जाएगा। यहाँ केवल साइकिलें चलेंगी — और वे भी निजी नहीं, बल्कि क्षेत्र में स्थापित साइकिल स्टैंड से उपलब्ध कराई जाएंगी।
बुजुर्गों की सुविधा के लिए बैटरी-चालित कारें उपलब्ध रहेंगी। इसके अलावा, पाठकों के लिए बेंच, विंटेज लैंप-पोस्ट और मुफ्त वाई-फाई की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि फिलहाल मुख्य कॉलेज स्ट्रीट को यातायात की दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के कारण नहीं छेड़ा जाएगा। मुख्य सड़क से दुकानों को स्थानांतरित कर एकसमान डिज़ाइन वाले स्टॉल बनाए जाएंगे। फुटपाथ और आस-पास की दुकानों को ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट की पारंपरिक शैली और थीम में सजाया जाएगा।
कॉलेज स्ट्रीट का ऐतिहासिक महत्व
कॉलेज स्ट्रीट कोलकाता का बौद्धिक और साहित्यिक हृदय है। यह दुनिया के सबसे बड़े सेकंड-हैंड बुक बाज़ारों में से एक है, जहाँ फुटपाथ पर सैकड़ों किताबों की दुकानें और स्टॉल हैं। यहाँ पहली एडिशन की दुर्लभ पुस्तकों से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की गाइड और सेकंड-हैंड उपन्यास तक सब कुछ उपलब्ध है।
इस इलाके में कलकत्ता विश्वविद्यालय, प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय, संस्कृत कॉलेज और विश्वविद्यालय, हिंदू स्कूल और हेयर स्कूल जैसे देश के कुछ सबसे पुराने और प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान स्थित हैं। मशहूर इंडियन कॉफी हाउस — जो लेखकों, कलाकारों, प्रोफेसरों और राजनीतिक विचारकों की पसंदीदा बैठकगाह रही है — इस इलाके की सांस्कृतिक पहचान को और गहरा करती है।
आम जनता और दुकानदारों पर असर
यह योजना उन सैकड़ों पुस्तक विक्रेताओं को सीधे प्रभावित करेगी जो दशकों से फुटपाथ पर अपनी दुकानें चलाते आए हैं। हालाँकि सरकार ने उन्हें एकसमान स्टॉल देने का आश्वासन दिया है, पुनर्वास की प्रक्रिया और स्थान को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। गौरतलब है कि ऐसे पुनर्विकास प्रयासों में व्यापारियों की आजीविका और विरासत संरक्षण के बीच संतुलन बनाना एक बड़ी चुनौती रहती है।
क्या होगा आगे
अभी तक इस परियोजना की आधिकारिक समयसीमा और बजट की घोषणा नहीं की गई है। KMC और राज्य सरकार के अधिकारी विस्तृत खाका तैयार कर रहे हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कॉलेज स्ट्रीट की ऐतिहासिक पहचान को बनाए रखते हुए इसे आधुनिक रूप कैसे दिया जाता है।