10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कोलकाता में सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदला, अब 'गोपाल मुखर्जी रोड' के नाम से जानी जाएगी सड़क

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कोलकाता में सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदला, अब 'गोपाल मुखर्जी रोड' के नाम से जानी जाएगी सड़क

सारांश

कोलकाता नगर निगम ने पश्चिम बंग दिवस पर सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलकर गोपाल मुखर्जी रोड रखने का फैसला किया। CM सुवेंदु अधिकारी ने इसे ऐतिहासिक भूल सुधारने वाला कदम बताया — यह BJP सरकार के उस व्यापक अभियान का हिस्सा है जिसमें पश्चिम बंगाल की पहचान को नए सिरे से परिभाषित किया जा रहा है।

मुख्य बातें

कोलकाता नगर निगम (KMC) ने सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलकर गोपाल मुखर्जी रोड रखने का आधिकारिक निर्णय लिया।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 21 जून को एक्स पर पोस्ट कर इसे 'न्यायपूर्ण और समयोचित' बताया।
अधिकारी के अनुसार, यह नाम परिवर्तन गोपाल मुखर्जी को सम्मान देता है, जिन्होंने संकट में हज़ारों निर्दोष लोगों की जान बचाई थी।
यह निर्णय पश्चिम बंग दिवस के अवसर पर लिया गया।
BJP सरकार बनने के बाद यह पश्चिम बंगाल में पहचान-संबंधी बदलावों की व्यापक श्रृंखला का हिस्सा है।

कोलकाता नगर निगम (KMC) ने शहर की प्रमुख सड़क सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलकर गोपाल मुखर्जी रोड रखने का आधिकारिक निर्णय लिया है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 21 जून को इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे 'ऐतिहासिक भूल को सुधारने वाला कदम' बताया। केएमसी के आधिकारिक नोट के अनुसार, भविष्य में यह सड़क गोपाल मुखर्जी रोड के नाम से ही जानी जाएगी।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि पश्चिम बंग दिवस के अवसर पर कोलकाता नगर निगम द्वारा लिया गया यह निर्णय 'न्यायपूर्ण और समयोचित' है। उन्होंने कहा कि दशकों तक शहर की एक महत्वपूर्ण सड़क का नाम ऐसे व्यक्ति के नाम पर रहा, जिस पर सत्ता का दुरुपयोग कर राजनीतिक लाभ के लिए निर्दोष नागरिकों के नरसंहार को बढ़ावा देने के आरोप लगते रहे हैं।

अधिकारी ने आगे कहा कि इस नामकरण से उन हज़ारों निर्दोष लोगों की रक्षा करने वाले एक साहसी व्यक्ति को सम्मान मिलेगा, जिन्होंने संकट की घड़ी में अग्रणी भूमिका निभाई थी। उनके शब्दों में, यह फैसला 'ऐतिहासिक न्याय की पुनर्स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण कदम' है।

गोपाल मुखर्जी: कौन थे ये साहसी व्यक्तित्व

गोपाल मुखर्जी को उन लोगों में गिना जाता है जिन्होंने सांप्रदायिक हिंसा के दौर में निर्दोष नागरिकों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री अधिकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल को अब अपने 'वास्तविक नायकों' को याद करने और समाज के सच्चे रक्षकों को सम्मान देने का समय आ गया है।

केएमसी का आधिकारिक निर्णय

कोलकाता नगर निगम के एक आधिकारिक नोट के अनुसार, केएमसी क्षेत्र में स्थित सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम अब औपचारिक रूप से गोपाल मुखर्जी रोड कर दिया गया है। यह नाम परिवर्तन तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा और भविष्य के सभी सरकारी दस्तावेज़ों में यही नाम प्रयुक्त होगा।

व्यापक बदलावों का हिस्सा

यह निर्णय पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार बनने के बाद से जारी पहचान-संबंधी बदलावों की श्रृंखला का हिस्सा है। इससे पहले सॉल्ट लेक स्टेडियम के बाहर स्थापित एक विवादित मूर्ति को भी हटाया जा चुका है। आलोचकों का कहना है कि ये बदलाव राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित हैं, जबकि सत्तारूढ़ दल इन्हें ऐतिहासिक सुधार बताता है।

गौरतलब है कि नाम परिवर्तन की राजनीति भारत में नई नहीं है — दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश तक कई सड़कों और शहरों के नाम बदले जा चुके हैं। पश्चिम बंगाल में यह पहला बड़ा नाम परिवर्तन माना जा रहा है जो सीधे औपनिवेशिक या पूर्व-शासन काल की विरासत को चुनौती देता है।

आगे क्या होगा

केएमसी के आधिकारिक अधिसूचना के बाद सड़क के साइनबोर्ड और सरकारी रिकॉर्ड में बदलाव की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। यह देखना बाकी है कि क्या इस निर्णय को न्यायालय में चुनौती दी जाती है या विपक्षी दल इसके विरोध में कोई औपचारिक कदम उठाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

या इसमें व्यापक सामाजिक सहमति भी शामिल है। गोपाल मुखर्जी को सम्मान देना उचित हो सकता है, लेकिन इतिहास के पुनर्लेखन की प्रक्रिया में पारदर्शिता और बहस की माँग भी उतनी ही ज़रूरी है। विपक्ष की चुप्पी या प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि यह मुद्दा कोलकाता की सड़कों से आगे बढ़कर बंगाल की राजनीति का केंद्र बनता है या नहीं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम क्यों बदला गया?
कोलकाता नगर निगम ने सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलकर गोपाल मुखर्जी रोड रखा, क्योंकि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी सहित सत्तारूढ़ BJP का मानना है कि पुराना नाम एक ऐसे व्यक्ति से जुड़ा था जिस पर निर्दोष नागरिकों के नरसंहार को बढ़ावा देने के आरोप लगते रहे हैं। इसे 'ऐतिहासिक भूल सुधारने वाला कदम' बताया गया है।
गोपाल मुखर्जी कौन थे?
गोपाल मुखर्जी वे व्यक्तित्व हैं जिन्हें सांप्रदायिक हिंसा के दौर में हज़ारों निर्दोष लोगों की जान बचाने का श्रेय दिया जाता है। मुख्यमंत्री अधिकारी के अनुसार, उन्होंने संकट की घड़ी में अग्रणी भूमिका निभाई और वे पश्चिम बंगाल के 'वास्तविक नायकों' में से एक हैं।
यह नाम परिवर्तन कब से लागू होगा?
कोलकाता नगर निगम के आधिकारिक नोट के अनुसार, यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा। भविष्य में सभी सरकारी दस्तावेज़ों में इस सड़क को गोपाल मुखर्जी रोड के नाम से संदर्भित किया जाएगा।
पश्चिम बंगाल में BJP सरकार ने और कौन-से बदलाव किए हैं?
पश्चिम बंगाल में BJP सरकार बनने के बाद सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में कई पहचान-संबंधी बदलाव हुए हैं। इनमें सॉल्ट लेक स्टेडियम के बाहर एक विवादित मूर्ति को हटाना भी शामिल है। सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम परिवर्तन इसी श्रृंखला का नवीनतम कदम है।
इस फैसले पर विपक्ष की क्या प्रतिक्रिया है?
स्रोत में विपक्षी दलों की औपचारिक प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि इस तरह के नाम परिवर्तन राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित हो सकते हैं। यह देखना बाकी है कि क्या इस निर्णय को कानूनी या राजनीतिक चुनौती दी जाती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले