10 अगस्त 2026
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सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदला, टीएमसी विधायक मदन मित्रा ने नगर निगम के नियमों पर उठाए सवाल

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सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदला, टीएमसी विधायक मदन मित्रा ने नगर निगम के नियमों पर उठाए सवाल

सारांश

कोलकाता में सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलकर गोपाल मुखर्जी रोड किए जाने पर सियासत गरमाई। TMC विधायक मदन मित्रा ने नगर निगम के नियमों की स्पष्टता पर सवाल उठाए, जबकि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इसे 'ऐतिहासिक गलती सुधारने' का कदम बताया।

मुख्य बातें

कोलकाता नगर निगम ने सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलकर गोपाल मुखर्जी रोड करने का निर्णय लिया।
TMC विधायक मदन मित्रा ने कहा कि नगर निगम में किसी व्यक्ति के नाम वाली सड़क का नाम बदलने का कोई स्पष्ट नियम नहीं है।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने एक्स पर पोस्ट कर इस निर्णय को 'ऐतिहासिक गलती सुधारने' का कदम बताया।
यह निर्णय पश्चिम बंगाल दिवस के अवसर पर लिया गया।
मित्रा ने कहा कि सरकार का निर्णय स्वीकार्य है, लेकिन नियमों में स्पष्टता आवश्यक है।

कोलकाता नगर निगम द्वारा सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलकर गोपाल मुखर्जी रोड किए जाने के निर्णय पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक मदन मित्रा ने 21 जून 2026 को नगर निगम के नामकरण नियमों पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी व्यक्ति के नाम पर पहले से रखी गई सड़क का नाम बदलने की कोई स्पष्ट प्रक्रिया नगर निगम में मौजूद नहीं है।

मदन मित्रा ने क्या कहा

TMC विधायक मदन मित्रा ने नगर निगम के पूर्व उदाहरण का हवाला देते हुए कहा, 'हम सिर्फ इतना कह रहे हैं कि नगर निगम के नियमों के अनुसार, जैसे चौरंगी रोड का नाम बदलकर जवाहरलाल नेहरू रोड कर दिया गया, क्योंकि 'चौरंगी' किसी व्यक्ति का नाम नहीं था, बल्कि एक इलाके का नाम था। जहां तक हमें जानकारी है, नगर निगम में पहले से किसी व्यक्ति के नाम पर रखे गए रास्तों के नाम बदलने का कोई स्पष्ट नियम नहीं है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने कोई निर्णय लिया है तो वह स्वीकार्य है, लेकिन नियमों में स्पष्टता आवश्यक है।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता नगर निगम के इस निर्णय की सराहना की और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यह कदम 'ऐतिहासिक गलती को सुधारने' की दिशा में उठाया गया है। उन्होंने लिखा, 'मैं कोलकाता नगर निगम द्वारा लिए गए इस ऐतिहासिक निर्णय की सराहना करता हूं, जो पश्चिम बंगाल दिवस के अवसर पर लिया गया। इससे ऐतिहासिक गलती को सुधारने में मदद मिलेगी। सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम अब गोपाल मुखर्जी रोड होगा।'

अधिकारी ने आगे कहा, 'दशकों तक शहर की एक प्रमुख सड़क ऐसे व्यक्ति के नाम पर रही जिसने राज्य शक्ति का गलत इस्तेमाल किया और राजनीतिक लाभ के लिए निर्दोष लोगों की हत्या कराई। अब उस सड़क का नाम गोपाल मुखर्जी के नाम पर रखकर ऐतिहासिक न्याय स्थापित किया गया है।' उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल को अब अपने 'सच्चे नायकों' को याद करना और सम्मान देना चाहिए।

निर्णय का संदर्भ

यह निर्णय पश्चिम बंगाल दिवस के अवसर पर लिया गया, जो इसे प्रतीकात्मक रूप से और अधिक महत्वपूर्ण बनाता है। गौरतलब है कि सड़कों के नामकरण और नाम परिवर्तन का मुद्दा भारत में बार-बार राजनीतिक बहस का केंद्र बनता रहा है — चाहे वह उत्तर प्रदेश में हो, दिल्ली में या अब कोलकाता में। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ TMC और विपक्षी दलों के बीच ऐतिहासिक स्मृति और सार्वजनिक स्थानों के नामकरण को लेकर तनाव पहले से बना हुआ है।

आगे क्या होगा

मदन मित्रा के बयान के बाद यह देखना होगा कि TMC आधिकारिक रूप से इस निर्णय के विरोध में कोई कदम उठाती है या नहीं। नगर निगम के नियमों की व्याख्या और उनकी स्पष्टता पर बहस जारी रहने की संभावना है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, यह विवाद आने वाले दिनों में कोलकाता की राजनीति में एक अहम मुद्दा बना रह सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन कोलकाता का यह मामला एक नई परत जोड़ता है — प्रक्रियागत वैधता का सवाल। मदन मित्रा का विरोध वैचारिक नहीं, तकनीकी है, जो दर्शाता है कि TMC सीधे टकराव से बचते हुए निर्णय की प्रक्रिया पर सवाल उठाने की रणनीति अपना रही है। मुख्यमंत्री अधिकारी का 'ऐतिहासिक न्याय' का तर्क राजनीतिक रूप से प्रभावशाली है, लेकिन यह सवाल अनुत्तरित रहता है कि नगर निगम के पास इस बदलाव का ठोस नियामक आधार क्या है। बिना स्पष्ट प्रक्रिया के किए गए नामकरण परिवर्तन भविष्य में कानूनी चुनौतियों का द्वार खोल सकते हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम क्यों बदला गया?
कोलकाता नगर निगम ने पश्चिम बंगाल दिवस के अवसर पर सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलकर गोपाल मुखर्जी रोड करने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इसे 'ऐतिहासिक गलती सुधारने' का कदम बताया।
TMC विधायक मदन मित्रा ने क्या आपत्ति जताई?
मदन मित्रा ने कहा कि नगर निगम में पहले से किसी व्यक्ति के नाम पर रखी गई सड़क का नाम बदलने का कोई स्पष्ट नियम नहीं है। उन्होंने चौरंगी रोड के नाम परिवर्तन का उदाहरण देते हुए कहा कि वह एक इलाके का नाम था, किसी व्यक्ति का नहीं।
गोपाल मुखर्जी रोड नाम कब से लागू होगा?
कोलकाता नगर निगम ने आधिकारिक रूप से यह निर्णय ले लिया है, हालांकि क्रियान्वयन की सटीक तिथि स्रोत में स्पष्ट नहीं की गई है। नामकरण की प्रक्रियागत वैधता पर बहस अभी जारी है।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस निर्णय पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने एक्स पर पोस्ट कर निर्णय की सराहना की और कहा कि दशकों तक शहर की एक प्रमुख सड़क ऐसे व्यक्ति के नाम पर रही जिसने राज्य शक्ति का दुरुपयोग किया। उन्होंने इसे 'ऐतिहासिक न्याय' की स्थापना बताया।
क्या नगर निगम के नियम सड़क के नाम बदलने की अनुमति देते हैं?
TMC विधायक मदन मित्रा के अनुसार, नगर निगम में किसी व्यक्ति के नाम पर पहले से रखी गई सड़क का नाम बदलने का कोई स्पष्ट नियम नहीं है। नगर निगम या सरकार की ओर से इस पर अभी कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है।
राष्ट्र प्रेस
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