मध्य प्रदेश राज्यसभा उपचुनाव: कांग्रेस समर्थित लोहानी का नामांकन खारिज, पुरी की राह आसान
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश में 12 नवंबर 2026 को होने वाले राज्यसभा उपचुनाव से पहले मंगलवार को कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार राजकुमार लोहानी का नामांकन पत्र जांच के दौरान खारिज कर दिया गया। अनिवार्य 'फॉर्म 26' हलफनामा दाखिल न करने की वजह से यह निर्णय लिया गया, जिससे भारतीय जनता पार्टी (BJP) उम्मीदवार और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को विपक्षी चुनौती से बड़ी राहत मिली है।
नामांकन खारिज होने की वजह
राजकुमार लोहानी ने नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन सोमवार को कांग्रेस विधायकों के समर्थन से अपने नामांकन पत्र जमा किए थे। हालांकि, उन्होंने उम्मीदवार की संपत्ति, देनदारियों, शैक्षणिक योग्यता और आपराधिक रिकॉर्ड (यदि कोई हो) का विवरण देने वाला अनिवार्य फॉर्म 26 हलफनामा नहीं भरा, जिसके चलते रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका नामांकन रद्द कर दिया।
लोहानी ने कमियों को सुधारने का अवसर माँगा और झारखंड में BJP समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी का उदाहरण दिया, जिन्हें उनके नामांकन पत्रों में सुधार की अनुमति मिली थी। बावजूद इसके उनकी यह दलील स्वीकार नहीं की गई।
पुरी के नामांकन पर कांग्रेस की आपत्तियाँ
कांग्रेस विधायक और लोहानी के प्रस्तावकों में से एक हेमंत कटारे ने रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के नामांकन हलफनामे पर तीन आपत्तियाँ दर्ज कराईं। उन्होंने पुरी की पत्नी का नाम न बताने, विदेशी मुद्रा में कुछ विदेशी संपत्तियों की घोषणा करने और हलफनामे के नोटरीकरण में कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए।
कटारे ने यह भी आरोप लगाया कि पुरी के हलफनामे में जिनेवा स्थित एक अपार्टमेंट और विदेशी बैंक खातों का विवरण सही ढंग से नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा, 'हमने रिटर्निंग ऑफिसर के सामने इन तीनों बिंदुओं पर आपत्तियाँ जताई हैं। हमें बहुत उम्मीद तो नहीं है, लेकिन देखते हैं कि रिटर्निंग ऑफिसर क्या फैसला लेते हैं।'
उपचुनाव की पृष्ठभूमि
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की यह सीट केंद्रीय राज्य मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई थी। BJP ने 28 अक्टूबर को पुरी को अपना उम्मीदवार घोषित किया और उन्होंने 31 अक्टूबर को मुख्यमंत्री मोहन यादव और राज्य BJP अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की उपस्थिति में नामांकन दाखिल किया।
गौरतलब है कि 230 सदस्यीय मध्य प्रदेश विधानसभा में BJP के पास 164 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास केवल 65 विधायक हैं। इससे सत्ताधारी पार्टी को संख्याबल के लिहाज़ से निर्णायक बढ़त हासिल है।
आगे की प्रक्रिया
नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 5 नवंबर है। मतदान और मतगणना दोनों 12 नवंबर को एक साथ होंगे। लोहानी के नामांकन के खारिज होने के बाद फिलहाल पुरी ही एकमात्र उम्मीदवार हैं, और यदि 5 नवंबर तक कोई अन्य नामांकन नहीं आता, तो उनके निर्विरोध निर्वाचित होने की संभावना प्रबल हो जाती है। यह चुनाव भविष्य में मध्य प्रदेश की राजनीतिक समीकरणों पर असर डाल सकता है।