3 नवंबर 2026
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हरदीप सिंह पुरी के राज्यसभा नामांकन पर कांग्रेस की आपत्ति, हलफनामे में पत्नी का नाम छिपाने का आरोप

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हरदीप सिंह पुरी के राज्यसभा नामांकन पर कांग्रेस की आपत्ति, हलफनामे में पत्नी का नाम छिपाने का आरोप

सारांश

मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में BJP के केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के नामांकन पर कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने आपत्ति दर्ज कराई — आरोप हैं पत्नी का नाम छिपाने, जिनेवा संपत्ति का विवरण न देने और नोटरी नियमों के उल्लंघन का। साथ ही कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार का नामांकन पहले ही निरस्त।

मुख्य बातें

कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने 3 नवंबर 2026 को केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के राज्यसभा नामांकन पर रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई।
आरोप है कि पुरी ने हलफनामे में पत्नी का नाम दर्ज नहीं किया और जिनेवा स्थित अपार्टमेंट व विदेशी बैंक खातों का विवरण भारतीय मुद्रा में नहीं दिया।
नोटरी एक्ट उल्लंघन का भी आरोप — शपथ पत्र (फॉर्म 26) को अधिकृत नोटरी के समक्ष सत्यापित न कराने का दावा।
कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार राजकुमार लोहानी का नामांकन पत्र निरस्त कर दिया गया है।
लोहानी ने झारखंड में BJP उम्मीदवार परिमल नाथवानी को दिए गए अवसर का हवाला देते हुए खुद को भी सुधार का मौका देने की माँग की।

मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के नामांकन पत्र पर कांग्रेस विधायक दल के उप नेता हेमंत कटारे ने 3 नवंबर 2026 को रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई है। कटारे ने हलफनामे में कथित तौर पर पत्नी का नाम छिपाने, संपत्ति का विवरण विदेशी मुद्रा में देने और नोटरी नियमों के उल्लंघन जैसे गंभीर वैधानिक आरोप लगाए हैं।

नामांकन पर क्या हैं आपत्तियाँ

हेमंत कटारे का पहला आरोप है कि हरदीप सिंह पुरी ने अपने हलफनामे में पत्नी का नाम दर्ज नहीं किया। कटारे ने कहा, 'शायद उनकी एक से अधिक पत्नियाँ हैं, तभी उन्होंने यह कॉलम रिक्त छोड़ा।' यह बयान विवादास्पद है और BJP ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

दूसरा आरोप संपत्ति विवरण से जुड़ा है। निर्वाचन नियमों के अनुसार, यदि किसी उम्मीदवार या उसके जीवनसाथी की संपत्ति विदेश में स्थित हो या विदेशी बैंकों में जमा हो, तो हलफनामे में मूल विदेशी मूल्य (जैसे स्विस फ्रैंक या डॉलर) और भारतीय रुपये में विनिमय दर दोनों का उल्लेख अनिवार्य है। कटारे के अनुसार, जिनेवा स्थित अपार्टमेंट और विदेशी बैंक खातों का विवरण हलफनामे में दर्ज नहीं किया गया।

नोटरी नियमों के उल्लंघन का दावा

कटारे ने यह भी आरोप लगाया कि नामांकन पत्र के साथ जमा होने वाले शपथ पत्र (फॉर्म 26) को अधिकृत नोटरी पब्लिक या शपथ आयुक्त के समक्ष सत्यापित कराना अनिवार्य होता है, जो कथित तौर पर नहीं किया गया। उनका कहना है कि यह सीधे नोटरी एक्ट का उल्लंघन है।

गौरतलब है कि ये आपत्तियाँ वैधानिक प्रकृति की हैं और यदि रिटर्निंग ऑफिसर इन्हें ग्राह्य पाते हैं, तो नामांकन रद्द भी हो सकता है। हालाँकि कटारे ने स्वयं स्वीकार किया कि 'उम्मीद नहीं है, फिर भी देखते हैं कि रिटर्निंग ऑफिसर क्या फैसला करते हैं।'

कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार का नामांकन निरस्त

इस बीच, कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार राजकुमार लोहानी का नामांकन पत्र निरस्त कर दिया गया है। लोहानी ने चुनाव लड़ने का अवसर माँगते हुए झारखंड का उदाहरण दिया, जहाँ BJP समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को फॉर्म में सुधार कर चुनाव लड़ने की अनुमति दी गई थी। लोहानी ने कहा कि उन्हें भी ऐसा ही अवसर दिया जाए और वे सभी दस्तावेज दुरुस्त कर देंगे।

राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में BJP की सरकार है और राज्यसभा सीट पर उसकी मजबूत पकड़ मानी जा रही है। हेमंत कटारे कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार राजकुमार लोहानी के प्रस्तावक भी हैं, जो इन आपत्तियों को राजनीतिक संघर्ष का हिस्सा बनाता है। विपक्ष की इस रणनीति को कांग्रेस की उस व्यापक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें वह BJP उम्मीदवारों के नामांकन में तकनीकी खामियाँ तलाशती है।

आगे क्या होगा

रिटर्निंग ऑफिसर को तय करना होगा कि क्या ये आपत्तियाँ नामांकन रद्द करने के लिए पर्याप्त आधार बनाती हैं। निर्वाचन प्रक्रिया के अगले चरण में नामांकन पत्रों की जाँच के बाद अंतिम उम्मीदवारों की सूची जारी होगी। राजनीतिक हलकों में इस पूरे घटनाक्रम पर नज़र बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो विपक्ष की स्थिति को कमज़ोर करता है। असली सवाल यह है कि क्या रिटर्निंग ऑफिसर इन आपत्तियों को नियमों की भावना के तहत परखेंगे, या तकनीकी आधार पर खारिज करेंगे — भारत के निर्वाचन इतिहास में नामांकन आपत्तियाँ अक्सर राजनीतिक दबाव के औज़ार बनकर रह जाती हैं, न कि वास्तविक सुधार के माध्यम।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरदीप सिंह पुरी के राज्यसभा नामांकन पर क्या आपत्ति दर्ज हुई है?
कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने 3 नवंबर 2026 को रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष तीन आपत्तियाँ दर्ज कराई हैं — हलफनामे में पत्नी का नाम न होना, जिनेवा स्थित संपत्ति और विदेशी बैंक खातों का विवरण भारतीय मुद्रा में न देना, तथा नोटरी नियमों का कथित उल्लंघन।
निर्वाचन नियमों के तहत विदेशी संपत्ति का विवरण कैसे देना होता है?
नियमों के अनुसार, यदि उम्मीदवार या उनके जीवनसाथी की संपत्ति विदेश में हो या विदेशी बैंक खाते हों, तो हलफनामे में मूल विदेशी मुद्रा मूल्य (जैसे स्विस फ्रैंक या डॉलर) और उसकी भारतीय रुपये में विनिमय दर — दोनों का उल्लेख अनिवार्य है।
राजकुमार लोहानी का नामांकन क्यों निरस्त हुआ और उन्होंने क्या माँग की?
कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार राजकुमार लोहानी का नामांकन दस्तावेज़ संबंधी कमियों के कारण निरस्त कर दिया गया। उन्होंने झारखंड में BJP उम्मीदवार परिमल नाथवानी को दिए गए सुधार के अवसर का हवाला देते हुए खुद को भी दस्तावेज़ दुरुस्त करने का मौका दिए जाने की माँग की है।
क्या इन आपत्तियों से हरदीप पुरी का नामांकन रद्द हो सकता है?
यह पूरी तरह रिटर्निंग ऑफिसर के विवेक पर निर्भर है। यदि आपत्तियाँ वैधानिक रूप से ग्राह्य पाई जाती हैं तो नामांकन रद्द हो सकता है, अन्यथा खारिज कर दी जाएंगी। हेमंत कटारे ने खुद कहा है कि उन्हें अधिक उम्मीद नहीं है।
मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कौन-कौन से उम्मीदवार हैं?
BJP ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को अपना उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार राजकुमार लोहानी का नामांकन निरस्त हो चुका है। चुनाव की अगली प्रक्रिया नामांकन जाँच के बाद तय होगी।
राष्ट्र प्रेस
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