हरदीप सिंह पुरी के राज्यसभा नामांकन पर कांग्रेस की आपत्ति, हलफनामे में पत्नी का नाम छिपाने का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के नामांकन पत्र पर कांग्रेस विधायक दल के उप नेता हेमंत कटारे ने 3 नवंबर 2026 को रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई है। कटारे ने हलफनामे में कथित तौर पर पत्नी का नाम छिपाने, संपत्ति का विवरण विदेशी मुद्रा में देने और नोटरी नियमों के उल्लंघन जैसे गंभीर वैधानिक आरोप लगाए हैं।
नामांकन पर क्या हैं आपत्तियाँ
हेमंत कटारे का पहला आरोप है कि हरदीप सिंह पुरी ने अपने हलफनामे में पत्नी का नाम दर्ज नहीं किया। कटारे ने कहा, 'शायद उनकी एक से अधिक पत्नियाँ हैं, तभी उन्होंने यह कॉलम रिक्त छोड़ा।' यह बयान विवादास्पद है और BJP ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
दूसरा आरोप संपत्ति विवरण से जुड़ा है। निर्वाचन नियमों के अनुसार, यदि किसी उम्मीदवार या उसके जीवनसाथी की संपत्ति विदेश में स्थित हो या विदेशी बैंकों में जमा हो, तो हलफनामे में मूल विदेशी मूल्य (जैसे स्विस फ्रैंक या डॉलर) और भारतीय रुपये में विनिमय दर दोनों का उल्लेख अनिवार्य है। कटारे के अनुसार, जिनेवा स्थित अपार्टमेंट और विदेशी बैंक खातों का विवरण हलफनामे में दर्ज नहीं किया गया।
नोटरी नियमों के उल्लंघन का दावा
कटारे ने यह भी आरोप लगाया कि नामांकन पत्र के साथ जमा होने वाले शपथ पत्र (फॉर्म 26) को अधिकृत नोटरी पब्लिक या शपथ आयुक्त के समक्ष सत्यापित कराना अनिवार्य होता है, जो कथित तौर पर नहीं किया गया। उनका कहना है कि यह सीधे नोटरी एक्ट का उल्लंघन है।
गौरतलब है कि ये आपत्तियाँ वैधानिक प्रकृति की हैं और यदि रिटर्निंग ऑफिसर इन्हें ग्राह्य पाते हैं, तो नामांकन रद्द भी हो सकता है। हालाँकि कटारे ने स्वयं स्वीकार किया कि 'उम्मीद नहीं है, फिर भी देखते हैं कि रिटर्निंग ऑफिसर क्या फैसला करते हैं।'
कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार का नामांकन निरस्त
इस बीच, कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार राजकुमार लोहानी का नामांकन पत्र निरस्त कर दिया गया है। लोहानी ने चुनाव लड़ने का अवसर माँगते हुए झारखंड का उदाहरण दिया, जहाँ BJP समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को फॉर्म में सुधार कर चुनाव लड़ने की अनुमति दी गई थी। लोहानी ने कहा कि उन्हें भी ऐसा ही अवसर दिया जाए और वे सभी दस्तावेज दुरुस्त कर देंगे।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में BJP की सरकार है और राज्यसभा सीट पर उसकी मजबूत पकड़ मानी जा रही है। हेमंत कटारे कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार राजकुमार लोहानी के प्रस्तावक भी हैं, जो इन आपत्तियों को राजनीतिक संघर्ष का हिस्सा बनाता है। विपक्ष की इस रणनीति को कांग्रेस की उस व्यापक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें वह BJP उम्मीदवारों के नामांकन में तकनीकी खामियाँ तलाशती है।
आगे क्या होगा
रिटर्निंग ऑफिसर को तय करना होगा कि क्या ये आपत्तियाँ नामांकन रद्द करने के लिए पर्याप्त आधार बनाती हैं। निर्वाचन प्रक्रिया के अगले चरण में नामांकन पत्रों की जाँच के बाद अंतिम उम्मीदवारों की सूची जारी होगी। राजनीतिक हलकों में इस पूरे घटनाक्रम पर नज़र बनी हुई है।