धीरेंद्र शास्त्री विवाद: कोलकाता के भवानीपुर थाने के बाहर कांग्रेस-भाजपा कार्यकर्ताओं में झड़प
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता के भवानीपुर थाने के बाहर 13 सितंबर 2026 को उस समय तनाव भड़क उठा जब धार्मिक गुरु धीरेंद्र शास्त्री की तस्वीर जलाने के मामले में पूछताछ के लिए बुलाए गए कांग्रेस नेता आशुतोष चटर्जी और प्रदीप प्रसाद के समर्थकों तथा भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और झड़प हो गई। यह घटना धीरेंद्र शास्त्री की उस विवादित टिप्पणी के बाद से जारी राजनीतिक तनाव का ताज़ा विस्फोट है, जिसमें उन्होंने दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहारी भोजन करने वालों को धार्मिक नहीं माना था।
विवाद की जड़: धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी
धार्मिक गुरु धीरेंद्र शास्त्री ने हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा था कि जो लोग दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहारी भोजन करते हैं, वे धार्मिक नहीं हो सकते। उनकी इस टिप्पणी को बंगाली समुदाय की खानपान परंपराओं पर हमला मानते हुए कई राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने तीखा विरोध जताया। पश्चिम बंगाल कांग्रेस ने मंगलवार को धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज करा कार्रवाई की माँग की थी।
गौरतलब है कि मछली और अन्य मांसाहारी व्यंजन बंगाली संस्कृति और पर्व परंपराओं का अभिन्न अंग माने जाते हैं। ऐसे में शास्त्री की टिप्पणी ने धर्म, संस्कृति और क्षेत्रीय पहचान को एक साथ उलझा दिया।
मुख्य घटनाक्रम: थाने से शुरू हुआ बवाल
विरोध के क्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कोलकाता में धीरेंद्र शास्त्री की तस्वीर जलाकर अपना रोष व्यक्त किया था। इसके बाद पश्चिम बंगाल के नेता सुवेंदु अधिकारी ने चेतावनी दी कि तस्वीर जलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। इसी के तहत कांग्रेस कार्यकर्ता अतनु दास को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था।
रविवार को आशुतोष चटर्जी और प्रदीप प्रसाद को पूछताछ के लिए भवानीपुर थाने बुलाया गया। जैसे ही दोनों नेता थाने पहुँचे, उनके समर्थक बड़ी संख्या में जमा होकर पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। इस बीच BJP कार्यकर्ता भी मौके पर आ गए और धार्मिक गुरु के कथित अपमान के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते दोनों पक्षों की तीखी बहस धक्का-मुक्की में बदल गई।
दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप
एक स्थानीय BJP नेता ने कहा, 'बंगालियों का पहले ही अपमान किया गया था। मछली खाने और दुर्गा पूजा का कोई संबंध नहीं है और इस विषय पर स्पष्टीकरण भी दिया जा चुका है। इसके बावजूद धार्मिक गुरु का अपमान किया गया।' BJP ने कांग्रेस पर हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का आरोप लगाया।
वहीं कांग्रेस नेता आशुतोष चटर्जी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह पूरा मामला राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि बंगाल आकर बंगालियों का अपमान किया गया और उनकी पार्टी इसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करती रहेगी।
पुलिस और जाँच की स्थिति
फिलहाल पश्चिम बंगाल पुलिस पूरे मामले की जाँच कर रही है। भवानीपुर थाने में दोनों ओर से शिकायतें दर्ज हैं — कांग्रेस ने धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी के खिलाफ और पुलिस ने तस्वीर जलाने वाले कार्यकर्ताओं के खिलाफ। यह ऐसे समय में आया है जब दुर्गा पूजा का त्योहार नज़दीक है और राज्य में पहले से ही सांप्रदायिक सौहार्द को लेकर संवेदनशीलता बढ़ी हुई है।
आगे क्या
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह विवाद आने वाले दिनों में और गहरा सकता है, खासकर तब जब दुर्गा पूजा नज़दीक हो। BJP और कांग्रेस दोनों इस मुद्दे को अपने-अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश में हैं, जबकि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। पुलिस की जाँच का अगला कदम इस बात को तय करेगा कि विवाद थाने तक सीमित रहता है या सड़कों पर फैलता है।