14 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

धीरेंद्र शास्त्री विवाद: कोलकाता के भवानीपुर थाने के बाहर कांग्रेस-भाजपा कार्यकर्ताओं में झड़प

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
धीरेंद्र शास्त्री विवाद: कोलकाता के भवानीपुर थाने के बाहर कांग्रेस-भाजपा कार्यकर्ताओं में झड़प

सारांश

धीरेंद्र शास्त्री की दुर्गा पूजा पर विवादित टिप्पणी ने कोलकाता की सड़कों पर आग लगा दी। भवानीपुर थाने के बाहर कांग्रेस-BJP की झड़प, एक गिरफ्तारी और दो नेताओं की पूछताछ — यह विवाद अब धर्म, संस्कृति और राजनीति का विस्फोटक मिश्रण बन चुका है।

मुख्य बातें

धीरेंद्र शास्त्री की दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहार पर विवादित टिप्पणी से पश्चिम बंगाल में राजनीतिक विवाद भड़का।
13 सितंबर 2026 को कोलकाता के भवानीपुर थाने के बाहर कांग्रेस और BJP कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और झड़प हुई।
कांग्रेस नेता आशुतोष चटर्जी और प्रदीप प्रसाद को शास्त्री की तस्वीर जलाने के मामले में पूछताछ के लिए तलब किया गया था।
इससे पहले कांग्रेस कार्यकर्ता अतनु दास को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पश्चिम बंगाल कांग्रेस ने धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की माँग की है।
फिलहाल पश्चिम बंगाल पुलिस पूरे मामले की जाँच कर रही है।

कोलकाता के भवानीपुर थाने के बाहर 13 सितंबर 2026 को उस समय तनाव भड़क उठा जब धार्मिक गुरु धीरेंद्र शास्त्री की तस्वीर जलाने के मामले में पूछताछ के लिए बुलाए गए कांग्रेस नेता आशुतोष चटर्जी और प्रदीप प्रसाद के समर्थकों तथा भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और झड़प हो गई। यह घटना धीरेंद्र शास्त्री की उस विवादित टिप्पणी के बाद से जारी राजनीतिक तनाव का ताज़ा विस्फोट है, जिसमें उन्होंने दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहारी भोजन करने वालों को धार्मिक नहीं माना था।

विवाद की जड़: धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी

धार्मिक गुरु धीरेंद्र शास्त्री ने हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा था कि जो लोग दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहारी भोजन करते हैं, वे धार्मिक नहीं हो सकते। उनकी इस टिप्पणी को बंगाली समुदाय की खानपान परंपराओं पर हमला मानते हुए कई राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने तीखा विरोध जताया। पश्चिम बंगाल कांग्रेस ने मंगलवार को धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज करा कार्रवाई की माँग की थी।

गौरतलब है कि मछली और अन्य मांसाहारी व्यंजन बंगाली संस्कृति और पर्व परंपराओं का अभिन्न अंग माने जाते हैं। ऐसे में शास्त्री की टिप्पणी ने धर्म, संस्कृति और क्षेत्रीय पहचान को एक साथ उलझा दिया।

मुख्य घटनाक्रम: थाने से शुरू हुआ बवाल

विरोध के क्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कोलकाता में धीरेंद्र शास्त्री की तस्वीर जलाकर अपना रोष व्यक्त किया था। इसके बाद पश्चिम बंगाल के नेता सुवेंदु अधिकारी ने चेतावनी दी कि तस्वीर जलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। इसी के तहत कांग्रेस कार्यकर्ता अतनु दास को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था।

रविवार को आशुतोष चटर्जी और प्रदीप प्रसाद को पूछताछ के लिए भवानीपुर थाने बुलाया गया। जैसे ही दोनों नेता थाने पहुँचे, उनके समर्थक बड़ी संख्या में जमा होकर पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। इस बीच BJP कार्यकर्ता भी मौके पर आ गए और धार्मिक गुरु के कथित अपमान के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते दोनों पक्षों की तीखी बहस धक्का-मुक्की में बदल गई।

दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप

एक स्थानीय BJP नेता ने कहा, 'बंगालियों का पहले ही अपमान किया गया था। मछली खाने और दुर्गा पूजा का कोई संबंध नहीं है और इस विषय पर स्पष्टीकरण भी दिया जा चुका है। इसके बावजूद धार्मिक गुरु का अपमान किया गया।' BJP ने कांग्रेस पर हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का आरोप लगाया।

वहीं कांग्रेस नेता आशुतोष चटर्जी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह पूरा मामला राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि बंगाल आकर बंगालियों का अपमान किया गया और उनकी पार्टी इसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करती रहेगी।

पुलिस और जाँच की स्थिति

फिलहाल पश्चिम बंगाल पुलिस पूरे मामले की जाँच कर रही है। भवानीपुर थाने में दोनों ओर से शिकायतें दर्ज हैं — कांग्रेस ने धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी के खिलाफ और पुलिस ने तस्वीर जलाने वाले कार्यकर्ताओं के खिलाफ। यह ऐसे समय में आया है जब दुर्गा पूजा का त्योहार नज़दीक है और राज्य में पहले से ही सांप्रदायिक सौहार्द को लेकर संवेदनशीलता बढ़ी हुई है।

आगे क्या

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह विवाद आने वाले दिनों में और गहरा सकता है, खासकर तब जब दुर्गा पूजा नज़दीक हो। BJP और कांग्रेस दोनों इस मुद्दे को अपने-अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश में हैं, जबकि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। पुलिस की जाँच का अगला कदम इस बात को तय करेगा कि विवाद थाने तक सीमित रहता है या सड़कों पर फैलता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि BJP इसे हिंदू भावनाओं के अपमान का मामला बना रही है — दोनों पक्ष दुर्गा पूजा से पहले वोट-बैंक की जमीन तैयार कर रहे हैं। सवाल यह है कि क्या पुलिस तस्वीर जलाने पर जितनी सक्रियता दिखा रही है, उतनी ही सक्रियता कथित भड़काऊ टिप्पणी की जाँच में भी दिखेगी — या कानून का तराज़ू एक तरफ झुका रहेगा।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धीरेंद्र शास्त्री ने ऐसा क्या कहा जिससे विवाद हुआ?
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था कि दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहारी भोजन करने वाले लोग धार्मिक नहीं हो सकते। चूँकि मछली और मांसाहारी व्यंजन बंगाली संस्कृति और पर्व परंपराओं का अभिन्न हिस्सा हैं, इस टिप्पणी को बंगालियों का अपमान माना गया और कई राजनीतिक दलों ने विरोध जताया।
भवानीपुर थाने के बाहर झड़प क्यों हुई?
कांग्रेस नेता आशुतोष चटर्जी और प्रदीप प्रसाद को धीरेंद्र शास्त्री की तस्वीर जलाने के मामले में पूछताछ के लिए भवानीपुर थाने बुलाया गया था। उनके समर्थक पुलिस कार्रवाई के विरोध में जमा हो गए और BJP कार्यकर्ता भी वहाँ पहुँच गए, जिसके बाद दोनों पक्षों में झड़प हो गई।
इस मामले में अब तक क्या कानूनी कार्रवाई हुई है?
कांग्रेस कार्यकर्ता अतनु दास को धीरेंद्र शास्त्री की तस्वीर जलाने के आरोप में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा कांग्रेस नेता आशुतोष चटर्जी और प्रदीप प्रसाद को पूछताछ के लिए तलब किया गया है। वहीं पश्चिम बंगाल कांग्रेस ने भी धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ भवानीपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज करा रखी है।
BJP और कांग्रेस ने एक-दूसरे पर क्या आरोप लगाए?
BJP ने कांग्रेस पर हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया और कहा कि धार्मिक गुरु का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांग्रेस ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया और कहा कि बंगाल आकर बंगालियों की सांस्कृतिक परंपराओं पर सवाल उठाना ही असली अपमान है।
इस विवाद का आगे क्या असर हो सकता है?
दुर्गा पूजा नज़दीक होने के कारण यह विवाद राजनीतिक रूप से और संवेदनशील हो सकता है। पुलिस जाँच अभी जारी है और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। विश्लेषकों का मानना है कि दोनों दल इस मुद्दे को आगामी राजनीतिक गोलबंदी के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले