NDA के 12 साल: PM मोदी बोले — कांग्रेस ने देश को लाचारगी और हीन भावना में धकेला, हमने 7.7% ग्रोथ दी
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 जून 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित NDA कॉन्क्लेव को संबोधित किया। उन्होंने कांग्रेस के शासनकाल को 'लाचारगी, बेचारगी और हीन भावना' का दौर बताते हुए कहा कि आज भारत उस कुचक्र से मुक्त हो चुका है। मोदी ने यह भी रेखांकित किया कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत ने 2025-26 में 7.7 प्रतिशत की विकास दर हासिल की है।
कांग्रेस काल पर मोदी का हमला
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के शासन में न सुशासन था, न स्पष्ट नीति, न नीयत और न ही निर्णायक कार्रवाई। उन्होंने कहा कि उस दौर में देश को यही समझाया जाता था कि भारत में तेज विकास संभव ही नहीं है। मोदी ने आरोप लगाया कि इस धीमी विकास को 'हिंदू ग्रोथ रेट' का नाम देकर देश की बड़ी हिंदू आबादी पर कलंक थोपा गया, जबकि वास्तव में यह कांग्रेस की कार्यशैली और विफलता का परिणाम था।
उन्होंने कहा कि उस कुशासन काल को अधिक सटीक रूप से 'कांग्रेस विकास दर' कहा जाना चाहिए था — जो प्रभावी शासन, स्पष्ट नीति, वास्तविक इरादे और निर्णायक कार्रवाई के अभाव से चिह्नित था।
अटल सरकार और 2004 की वापसी
मोदी ने कहा कि पहली बार अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में NDA सरकार आने पर देश को विकास की गति की एक झलक मिली। लेकिन 2004 में देश फिर अस्थिरता के बवंडर में और कांग्रेस के शिकंजे में फंस गया। उन्होंने इसे देश के विकास में एक बड़ा व्यवधान बताया।
NDA के 12 वर्षों की उपलब्धियाँ
प्रधानमंत्री ने कहा कि NDA के 12 वर्षों की एक बड़ी सफलता यह है कि देश कांग्रेस के कुचक्र से आज़ाद हुआ है। उन्होंने 2014 से 2026 की यात्रा को केवल आँकड़ों की कहानी नहीं, बल्कि उस भारत की कहानी बताया जिसने पहली बार अपनी पूरी क्षमता के साथ दौड़ना तय किया। उनके अनुसार, पुरानी व्यवस्था काम अटकाती-भटकाती थी, जबकि आज की व्यवस्था कहती है — 'काम अभी होगा, समय पर होगा और बड़े पैमाने पर होगा।'
भारत की आर्थिक स्थिति और वैश्विक संदर्भ
मोदी ने बताया कि जब दुनिया की बड़ी-बड़ी अर्थव्यवस्थाएँ संघर्ष कर रही हैं, तब भी भारत ने 2025-26 में 7.7 प्रतिशत की विकास दर दर्ज की। उन्होंने कहा कि 31 मार्च को समाप्त हुई अंतिम तिमाही में भी भारत की वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत 'फ्रेजाइल फाइव' के कटघरे से बाहर निकलकर आज दुनिया की सबसे तेज़ गति से आगे बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बन चुका है।
आगे की राह
प्रधानमंत्री के इस संबोधन को NDA की राजनीतिक एकजुटता और 2026 के बाद की रणनीति के संदर्भ में देखा जा रहा है। यह भाषण ऐसे समय में आया है जब विपक्ष लगातार सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठा रहा है। आने वाले महीनों में NDA घटक दलों की बैठकों में इन उपलब्धियों को जन-जन तक पहुँचाने की रणनीति तय होने की संभावना है।