पीएम मोदी ने भारत मंडपम में एनडीए नेताओं को किया संबोधित, बोले — 'जनता-जनार्दन ही मेरे ईश्वर'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार, 10 जून 2026 को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेताओं को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जनता-जनार्दन ही उनके लिए ईश्वर का स्वरूप है और सेवा कार्य को उन्होंने सदैव एक साधना के रूप में देखा है।
मुख्य संबोधन की बातें
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'चरैवेति-चरैवेति' के मंत्र का जाप करते हुए इस राजनीतिक यात्रा में अनेक उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन यह पड़ाव आएगा — यह उन्होंने कभी नहीं सोचा था। निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में निरंतर सबसे लंबी अवधि तक सेवा करने का अवसर मिलना, इसे उन्होंने अपना 'परम सौभाग्य' बताया।
उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक मां भारती की सेवा का अवसर मिलना 'ईश्वर की विशेष कृपा' से ही संभव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके लिए जनता-जनार्दन ही ईश्वर का रूप है, इसीलिए सेवा कार्य को उन्होंने एक साधना माना है।
सामूहिक यज्ञ का भाव
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यह साधना एकाकी नहीं रही — यह एक सामूहिक यज्ञ है, जिसमें एनडीए के सभी साथियों ने अपना योगदान दिया है। एनडीए परिवार के सदस्यों द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव को उन्होंने अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयासों का प्रमाण बताया और इसे एनडीए के प्रत्येक सदस्य को समर्पित किया।
2014 से अब तक की यात्रा
मोदी ने कहा कि 2014 में एनडीए की जीत के बाद उन्होंने कहा था कि देश के सामान्य नागरिक में एक नई आशा का उदय हुआ है। उस आशा और उम्मीद की रक्षा करना एनडीए का सबसे बड़ा दायित्व था। उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि एनडीए परिवार ने देश के विश्वास को निरंतर मजबूत किया है।
गौरतलब है कि यह संबोधन ऐसे समय में आया है जब एनडीए अपने गठबंधन की राजनीतिक एकजुटता को और सुदृढ़ करने की दिशा में काम कर रहा है।
कांग्रेस पर निशाना
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उस दौर में देश को हजारों करोड़ रुपए के घोटालों में घसीटा गया और विकास की गति थम गई। उनके अनुसार, देश का भाग्य तब बदला जब 2014 में एनडीए की सरकार बनी। उन्होंने कहा कि जब नीयत, नीति और निर्णय — तीनों एक साथ काम करते हैं, तो विकास की गति का अंदाज़ा देश ने स्वयं लगाया है।
आगे की राह
प्रधानमंत्री मोदी के इस संबोधन को एनडीए की आंतरिक एकता और राजनीतिक दिशा को रेखांकित करने वाले एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जा रहा है। यह बैठक गठबंधन के भविष्य के कार्यक्रम और साझा लक्ष्यों को लेकर नई ऊर्जा का संचार करने वाली मानी जा रही है।