किरेन रिजिजू का कांग्रेस पर हमला: 'छात्रों की गूंज' मिमिक्री विवाद पर बोले — 'कॉमेडियन और जोकरों की पार्टी बन गई'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार, 20 सितंबर 2026 को कांग्रेस पर तीखा हमला बोला, जब इंदौर में आयोजित राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री का एक वीडियो क्लिप सामने आया। रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उक्त क्लिप साझा करते हुए कांग्रेस को आड़े हाथों लिया और पार्टी की राजनीतिक प्रासंगिकता पर सवाल खड़े किए।
मिमिक्री विवाद का घटनाक्रम
इंदौर में राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान स्टैंड-अप कॉमेडियन और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर पुलकित मणि ने प्रधानमंत्री मोदी की विशिष्ट हंसी, हाथों के इशारों और लोगों का अभिवादन करने तथा गले मिलने के तरीके की नकल की। यह परफॉर्मेंस छात्रों पर केंद्रित उस कार्यक्रम में हुई जहाँ राहुल गांधी बेरोज़गारी और परीक्षा में अनियमितताओं जैसे मुद्दों पर युवाओं से संवाद कर रहे थे।
यह वीडियो तेज़ी से राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने स्टेज एक्ट और उस पर राहुल गांधी की कथित प्रतिक्रिया को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा।
रिजिजू की तीखी प्रतिक्रिया
किरेन रिजिजू ने एक्स पर मिमिक्री का क्लिप साझा करते हुए लिखा, 'कांग्रेस पार्टी कॉमेडियन और जोकरों की पार्टी बन गई है। वे हमेशा के लिए बाहर हो गए हैं।' यह पोस्ट उस व्यापक राजनीतिक बहस के बीच आई जो 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को लेकर चल रही थी।
गौरतलब है कि रिजिजू का यह हमला उस समय आया जब कार्यक्रम में बेरोज़गारी और परीक्षा घोटालों जैसे गंभीर छात्र मुद्दों पर चर्चा हो रही थी — और मिमिक्री ने इस मंच की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए।
BJP नेताओं की अन्य प्रतिक्रियाएँ
महाराष्ट्र BJP विधायक राम कदम ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय जाहिर करते हुए कहा, 'राहुल गांधी खुद कब इस बात पर गौर करेंगे कि मिमिक्री मनोरंजन तो दे सकती है? लेकिन अगर देश को आगे बढ़ना है और हमें छात्रों के उत्थान के बारे में बात करनी है, तो नीति, कड़ी मेहनत और अवसरों पर चर्चा करना ज़रूरी है।'
कदम ने आगे आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश भर में घूमकर छात्रों और युवाओं को गुमराह कर रहे हैं तथा उन्होंने लोकसभा चुनाव के दौरान संविधान को लेकर भ्रम फैलाने का भी हवाला दिया।
इससे पहले बिहार के मंत्री राम कृपाल यादव ने भी 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की आलोचना की थी। यादव ने कहा कि दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस के शासन में युवाओं को अपनी बात रखने के लिए संघर्ष करना पड़ा।
राजनीतिक संदर्भ और व्यापक बहस
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब विपक्षी दल छात्र समुदाय से जुड़ाव बढ़ाने की कोशिश में हैं और BJP यह संदेश देना चाह रही है कि कांग्रेस गंभीर मुद्दों को हल्के में ले रही है। 'छात्रों की गूंज' जैसे कार्यक्रम, जो बेरोज़गारी और परीक्षा अनियमितताओं पर केंद्रित थे, अब मिमिक्री विवाद की वजह से मूल एजेंडे से हटकर सुर्खियों में हैं।
आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की ओर से इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाज़ी जारी रहने की संभावना है।