चक्रवात 'अर्नब' का राजस्थान पर असर: जयपुर समेत 5 जिलों में बारिश, तापमान 3°C तक गिरा
सारांश
मुख्य बातें
बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवात 'अर्नब' के प्रभाव से राजस्थान के जयपुर, धौलपुर, दौसा, टोंक और अलवर जिलों में 29 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) को व्यापक बारिश दर्ज की गई, जिससे इन इलाकों में तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के विभिन्न जिलों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए मध्यम से भारी बारिश और तेज़ हवाओं की चेतावनी दी है। मौसम विभाग के अनुसार चक्रवात का असर पूरे राजस्थान में तीन दिनों तक बना रह सकता है।
जिलावार मौसम का हाल
जयपुर में गुरुवार को दिन भर रुक-रुक कर बारिश होती रही। नारायण सिंह सर्कल के पास तेज़ बारिश से दोपहिया वाहन चालकों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। सुबह करीब 11 बजे हल्की बारिश के बाद लगातार चलती हवाओं ने ठंड को और बढ़ा दिया। शुक्रवार, 30 अक्टूबर के लिए भी जयपुर में बारिश का अलर्ट जारी है।
धौलपुर जिले के बारी इलाके में दोपहर के आसपास मौसम अचानक बदला और बारिश के बाद ठंड में उल्लेखनीय इज़ाफ़ा हुआ। दौसा जिले के बांदीकुई में गुरुवार सुबह 8 बजे से 8:30 बजे के बीच भारी बारिश दर्ज की गई, जिसके बाद तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई।
कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बहरोड़ में सुबह 10 बजे के आसपास रुक-रुक कर बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। करौली जिले में सुबह से शुरू हुई रुक-रुक कर बारिश के कारण तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया और अगले एक-दो दिन बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है।
अलवर शहर में गुरुवार सुबह करीब 5 बजे हल्की बारिश हुई और फिर 8:30 बजे दोबारा बारिश हुई। बारिश और तेज़ हवाओं के कारण इलाके में कड़ाके की ठंड बढ़ गई है।
तापमान के आँकड़े
बुधवार, 28 अक्टूबर को राज्य में बाड़मेर एकमात्र ऐसा स्थान रहा जहाँ अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर — यानी 36.3 डिग्री सेल्सियस — दर्ज हुआ। वहीं राज्य का सबसे कम अधिकतम तापमान सिरोही में 29.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सीकर में इस सीज़न की सबसे ठंडी रात रही, जहाँ न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया। कुछ इलाकों में रात के तापमान में 10 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार चक्रवात 'अर्नब' का सर्वाधिक असर गुरुवार और शुक्रवार को रहने की उम्मीद है, जबकि 31 अक्टूबर से हालात में धीरे-धीरे सुधार शुरू हो सकता है। अगले तीन दिनों तक तेज़ हवाओं के साथ बारिश जारी रहने की संभावना है। बारिश और बादल छाए रहने से तापमान में और गिरावट आ सकती है।
एक स्थानीय मौसम विशेषज्ञ राधेश्याम शर्मा के अनुसार, 'रात भर बादल छाए रहने की उम्मीद है और शुक्रवार को भी यही स्थिति बनी रहेगी।'
आम जनता पर असर
बारिश और घने बादलों के चलते करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए गुरुवार शाम चाँद का दीदार कर पाना काफी मुश्किल रहा। आने वाले दिनों में कई जिलों के निवासियों को अधिक ठंड का सामना करना पड़ सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में अक्टूबर के अंत में आमतौर पर सर्दियों की आहट शुरू होती है — चक्रवात ने इस प्रक्रिया को और तेज़ कर दिया है।
गौरतलब है कि बंगाल की खाड़ी में उठने वाले चक्रवाती तूफ़ान राजस्थान जैसे भू-बद्ध राज्यों में भी नमी और ठंड लाने में सक्षम होते हैं — यह मौसम की एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय परिघटना है। 31 अक्टूबर के बाद आसमान साफ़ होने की उम्मीद के साथ राज्यवासियों को जल्द राहत मिलने के संकेत हैं।