10 अगस्त 2026
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देहरादून: सीएम धामी ने 12 घंटे में पूरे हुए नंदा की चौकी पुल एप्रोच रोड पुनर्निर्माण का निरीक्षण किया

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देहरादून: सीएम धामी ने 12 घंटे में पूरे हुए नंदा की चौकी पुल एप्रोच रोड पुनर्निर्माण का निरीक्षण किया

सारांश

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के प्रेमनगर में नंदा की चौकी पुल के एप्रोच रोड का निरीक्षण किया, जिसे क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलने के मात्र 12 घंटे बाद पुनर्निर्मित कर दिया गया। यातायात बहाल होने से क्षेत्र के हज़ारों लोगों को राहत मिली।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 10 अगस्त 2026 को देहरादून के प्रेमनगर स्थित नंदा की चौकी पुल के एप्रोच रोड का स्थलीय निरीक्षण किया।
क्षतिग्रस्त एप्रोच रोड का पुनर्निर्माण युद्धस्तर पर मात्र 12 घंटे के भीतर पूरा किया गया।
पुनर्निर्माण से प्रेमनगर क्षेत्र में यातायात व्यवस्था सामान्य हुई और स्थानीय निवासियों को राहत मिली।
मुख्यमंत्री ने कार्य में लगे अधिकारियों, अभियंताओं और कार्मिकों की सराहना की।
एक दिन पहले धामी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस से पूर्व देहरादून में 'हर घर तिरंगा' यात्रा में भाग लिया था।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 10 अगस्त 2026 को देहरादून के प्रेमनगर स्थित नंदा की चौकी पुल के एप्रोच रोड के पुनर्निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। यह निरीक्षण उन्होंने सहसपुर के भाऊवाला में आयोजित महिला संवाद एवं सम्मान कार्यक्रम से लौटते समय किया। उल्लेखनीय है कि क्षतिग्रस्त एप्रोच रोड का पुनर्निर्माण मात्र 12 घंटे के भीतर पूरा किया गया।

मुख्यमंत्री ने किया गुणवत्ता और सुरक्षा का जायज़ा

मुख्यमंत्री धामी ने मौके पर पहुँचकर पुनर्निर्माण कार्य की गुणवत्ता, सुरक्षा व्यवस्थाओं और यातायात संचालन की स्थिति का बारीकी से मुआयना किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से निर्माण की प्रगति, सामग्री की गुणवत्ता और भविष्य की रखरखाव योजना के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि एप्रोच रोड के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलते ही राज्य सरकार ने तत्काल संबंधित विभागों को राहत एवं पुनर्निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए थे।

युद्धस्तर पर हुआ काम, 12 घंटे में बहाल हुई सड़क

मुख्यमंत्री के निर्देशन में विभागीय अधिकारियों, अभियंताओं और कार्मिकों ने युद्धस्तर पर कार्य करते हुए एप्रोच रोड का पुनर्निर्माण मात्र 12 घंटे के भीतर पूरा किया। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सीजन में उत्तराखंड के कई हिस्सों में सड़क क्षति की घटनाएँ बढ़ी हैं और त्वरित प्रतिक्रिया की माँग लगातार उठती रही है।

पुनर्निर्माण पूरा होते ही क्षेत्र में यातायात व्यवस्था सामान्य हो गई और स्थानीय निवासियों को हो रही असुविधा से राहत मिली। मुख्यमंत्री ने कार्य में संलग्न समस्त अधिकारियों, अभियंताओं और कार्मिकों के त्वरित एवं समर्पित प्रयासों की सराहना की।

'हर घर तिरंगा' यात्रा में भी हुई धामी की भागीदारी

गौरतलब है कि एक दिन पहले मुख्यमंत्री धामी ने 15 अगस्त को 80वें स्वतंत्रता दिवस से पूर्व देहरादून में आयोजित 'हर घर तिरंगा' यात्रा में हिस्सा लिया था। उन्होंने कहा कि देहरादून और आसपास के नागरिकों ने इस यात्रा में बढ़-चढ़कर भागीदारी की, जो देवभूमि उत्तराखंड की राष्ट्रभक्ति का प्रमाण है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा, 'यह तिरंगा यात्रा कोई सामान्य कार्यक्रम नहीं है — यह हमारे राष्ट्र के गौरव के उत्सव की यात्रा है।' उन्होंने आगे कहा, 'यह तिरंगा 140 करोड़ भारतीयों की आन-बान-शान और स्वाभिमान का प्रतीक है। इसके केसरिया रंग में हमारे वीरों का साहस और त्याग है, सफेद रंग में शांति और सत्य का संदेश है, और अशोक चक्र हमें निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।'

आम जनता पर असर

नंदा की चौकी पुल प्रेमनगर क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। एप्रोच रोड के क्षतिग्रस्त होने से स्थानीय निवासियों, व्यापारियों और आवागमन करने वाले लोगों को असुविधा हो रही थी। त्वरित पुनर्निर्माण से यातायात प्रवाह बहाल होने से क्षेत्र के हज़ारों लोगों को राहत मिली है।

मानसून के दौरान बुनियादी ढाँचे की त्वरित मरम्मत राज्य सरकार की प्राथमिकता रही है और यह कार्रवाई उसी दिशा में एक ठोस कदम के रूप में देखी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि मानसून से पहले इस क्षति को रोका क्यों नहीं जा सका। उत्तराखंड में हर साल बारिश के मौसम में सड़क और पुल क्षति की घटनाएँ दोहराई जाती हैं, जो दीर्घकालिक बुनियादी ढाँचे की कमज़ोरी को उजागर करती हैं। त्वरित मरम्मत राहत देती है, पर यह निवारक रखरखाव की जगह नहीं ले सकती। राज्य सरकार के लिए ज़रूरी है कि वह प्रतिक्रियात्मक कार्रवाई से आगे बढ़कर मानसून-पूर्व संरचनात्मक ऑडिट को नीतिगत प्राथमिकता बनाए।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नंदा की चौकी पुल एप्रोच रोड का पुनर्निर्माण कितने समय में हुआ?
नंदा की चौकी पुल का एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलने के बाद मुख्यमंत्री धामी के निर्देशन में युद्धस्तर पर काम करते हुए मात्र 12 घंटे के भीतर पुनर्निर्माण पूरा किया गया। इससे प्रेमनगर क्षेत्र में यातायात जल्द सामान्य हो सका।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने निरीक्षण के दौरान क्या देखा?
मुख्यमंत्री धामी ने पुनर्निर्माण कार्य की गुणवत्ता, सुरक्षा व्यवस्थाओं और यातायात संचालन की स्थिति का जायज़ा लिया। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण की प्रगति और सामग्री की गुणवत्ता के बारे में विस्तृत जानकारी भी ली।
नंदा की चौकी पुल कहाँ स्थित है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
नंदा की चौकी पुल देहरादून के प्रेमनगर इलाके में स्थित है और यह क्षेत्र के लिए एक प्रमुख संपर्क मार्ग है। एप्रोच रोड के क्षतिग्रस्त होने से स्थानीय निवासियों, व्यापारियों और आवागमन करने वाले लोगों को गंभीर असुविधा हो रही थी।
'हर घर तिरंगा' यात्रा में सीएम धामी की क्या भूमिका रही?
मुख्यमंत्री धामी ने 15 अगस्त को 80वें स्वतंत्रता दिवस से पहले देहरादून में आयोजित 'हर घर तिरंगा' यात्रा में भाग लिया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा राष्ट्र के गौरव का उत्सव है और देवभूमि उत्तराखंड के लोगों की राष्ट्रभक्ति का प्रमाण है।
उत्तराखंड में मानसून के दौरान सड़क क्षति पर सरकार की क्या नीति है?
राज्य सरकार ने मानसून के दौरान सड़क व पुल क्षति की सूचना मिलते ही संबंधित विभागों को तत्काल राहत एवं पुनर्निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश देने की नीति अपनाई है। नंदा की चौकी पुल एप्रोच रोड का 12 घंटे में पुनर्निर्माण इसी नीति का उदाहरण है।
राष्ट्र प्रेस
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