बिजली चोरी पर दिल्ली सरकार का बड़ा एक्शन: कमरुद्दीन नगर में 56.4% लाइन लॉस घटाया, अवैध प्रतिष्ठानों के कनेक्शन कटेंगे
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद के सीधे निर्देश पर राष्ट्रीय राजधानी में बिजली चोरी के विरुद्ध एक व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाया गया है, जिसने पश्चिमी दिल्ली के मुंडका डिवीजन स्थित कमरुद्दीन नगर में उल्लेखनीय परिणाम दिए हैं। इस अभियान के तहत 1 करोड़ यूनिट से अधिक की बिजली चोरी रोकी गई है और प्रतिदिन लगभग 34,000 यूनिट की चोरी में कमी दर्ज की गई है। ऊर्जा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि बिजली चोरी में संलिप्त अवैध व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के कनेक्शन तत्काल काटे जाएंगे।
कमरुद्दीन नगर में स्थिति कितनी गंभीर थी
कमरुद्दीन नगर में बिजली हानि (लाइन लॉस) का स्तर बढ़कर 56.4 प्रतिशत तक पहुँच गया था, जो दिल्ली के सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों में से एक बनाता है। इस व्यापक चोरी के कारण प्रतिवर्ष लगभग ₹24.4 करोड़ का वित्तीय नुकसान हो रहा था। जाँच में सामने आया कि कई अवैध व्यावसायिक एवं औद्योगिक इकाइयाँ ओवरहेड बिजली लाइनों से अनधिकृत कनेक्शन लेकर बिजली का दुरुपयोग कर रही थीं।
प्रवर्तन अभियान और तत्काल असर
ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने डिस्कॉम और संबंधित प्रवर्तन एजेंसियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद एक बड़ा प्रवर्तन अभियान चलाया गया। इसका असर तत्काल देखने को मिला — लक्षित क्षेत्रों में बिजली चोरी प्रतिदिन लगभग 34,000 यूनिट तक कम हो गई। अभियान के दौरान गोपनीय छापेमारी के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और बिजली चोरी की पहचान के लिए आधुनिक डेटा एनालिटिक्स का उपयोग किया गया।
बुनियादी ढाँचे में बदलाव की योजना
इस उपलब्धि को स्थायी बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने संवेदनशील बिजली लाइनों को सुरक्षित एवं चोरी-रोधी आर्मर्ड केबलों से बदलने का निर्णय लिया है। यह कदम भविष्य में अनधिकृत कनेक्शन की संभावना को तकनीकी स्तर पर रोकने की दिशा में उठाया गया है। कमरुद्दीन नगर में मिली सफलता के बाद दिल्ली सरकार राजधानी के अन्य उच्च-हानि वाले क्षेत्रों में भी इसी प्रकार के विशेष अभियान चला रही है।
पूर्व सरकार पर आरोप
दिल्ली सरकार के अनुसार, यह व्यापक बिजली चोरी पिछली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के कार्यकाल में फलती-फूलती रही। सरकार का कहना है कि बार-बार चेतावनी मिलने के बावजूद उस कार्यकाल में कोई प्रभावी सुधारात्मक कदम नहीं उठाया गया और अवैध व्यावसायिक गतिविधियों के प्रति आँखें मूँद लेने के कारण वर्षों तक सार्वजनिक धन को भारी नुकसान पहुँचता रहा। गौरतलब है कि ये आरोप सत्तारूढ़ दल की ओर से लगाए गए हैं और इन पर AAP की प्रतिक्रिया तत्काल उपलब्ध नहीं है।
आगे की कार्रवाई और चेतावनी
ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने स्पष्ट किया है कि बिजली चोरी में संलिप्त अवैध व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बिजली कनेक्शन तत्काल काटे जाएंगे, उन पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी तथा आवश्यकतानुसार उनके परिसरों को सील भी किया जाएगा। दिल्ली सरकार ने ईमानदार उपभोक्ताओं को विश्वसनीय, किफायती और चौबीसों घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के अपने संकल्प को दोहराया है।