दिल्ली में एसआईआर अभियान: कांग्रेस ने बाबरपुर विधानसभा में खोले सहायता शिविर, 8 अगस्त तक चलेगा अभियान
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी (DPCC) के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने 28 जुलाई 2026 को बाबरपुर विधानसभा में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के अंतर्गत सहायता शिविरों का औपचारिक उद्घाटन किया। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) का यह कदम उन पात्र नागरिकों तक पहुँचने के उद्देश्य से उठाया गया है जो मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने या उससे जुड़ी समस्याओं का समाधान पाने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं। यह अभियान 8 अगस्त 2026 तक संचालित रहेगा।
अभियान की पृष्ठभूमि और विस्तार
देवेंद्र यादव ने बताया कि पिछले करीब 25 दिनों से कांग्रेस के बूथ लेवल एजेंट (BLA-2) घर-घर जाकर मतदाताओं के फॉर्म भरवाने और उनकी समस्याओं का समाधान करने में जुटे हुए हैं। इससे पहले विभिन्न ब्लॉक स्तर पर छोटे सहायता शिविर लगाए गए थे। अब इस पहल को एक कदम आगे बढ़ाते हुए बाबरपुर विधानसभा के प्रत्येक ब्लॉक में ऐसे शिविर शुरू किए गए हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब चुनाव आयोग (ECI) की एसआईआर प्रक्रिया के तहत मतदाता सूचियों का व्यापक पुनरीक्षण किया जा रहा है। गौरतलब है कि इस प्रक्रिया में पुरानी प्रविष्टियों की जाँच और नए नामांकन दोनों शामिल हैं।
शिविरों में मिलने वाली सुविधाएँ
इन सहायता शिविरों में प्रशिक्षित BLA-2 और कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहकर मतदाताओं की समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। यदि किसी मतदाता का नाम वर्ष 2002 की मतदाता सूची में दर्ज था और उसे खोजने में कठिनाई हो रही है, या किसी का फॉर्म अभी तक नहीं भर पाया है, तो शिविर में उसकी ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया भी पूरी कराई जा रही है।
बाबरपुर जिला कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष राजकुमार के सहयोग से यह अभियान प्रत्येक ब्लॉक में संचालित किया जा रहा है।
कांग्रेस की रणनीति और कार्यकर्ताओं से अपील
देवेंद्र यादव ने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल 8 अगस्त तक सीमित नहीं रहना चाहिए। एसआईआर प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची का मसौदा प्रकाशित होगा और उसके बाद दावे एवं आपत्तियों की प्रक्रिया भी चलेगी — ऐसे में कार्यकर्ताओं को आगे भी सक्रिय रहना होगा।
उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में निर्धारित स्थानों पर पाँच-पाँच कार्यकर्ताओं की टीम बैठाई जाए, ताकि अधिक से अधिक मतदाताओं को समय पर सहायता मिल सके।
आम जनता पर असर
इस अभियान का सीधा लाभ उन नागरिकों को मिलेगा जिनके नाम मतदाता सूची में नहीं हैं या जिन्हें पंजीकरण प्रक्रिया में कठिनाई आ रही है। कांग्रेस का कहना है कि उसका प्रयास है कि कोई भी पात्र नागरिक अपने मतदान के अधिकार से वंचित न रहे और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सभी की भागीदारी सुनिश्चित हो।
आगे क्या होगा
एसआईआर प्रक्रिया के 8 अगस्त 2026 तक जारी रहने के बाद चुनाव आयोग मतदाता सूची का मसौदा प्रकाशित करेगा। उसके पश्चात दावे और आपत्तियाँ दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका जारी रहने की उम्मीद है।