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दिल्ली में नकली दवाओं पर बड़ी कार्रवाई: 3 महीनों में 569 निरीक्षण, ₹13.29 लाख की संदिग्ध दवाएं जब्त

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दिल्ली में नकली दवाओं पर बड़ी कार्रवाई: 3 महीनों में 569 निरीक्षण, ₹13.29 लाख की संदिग्ध दवाएं जब्त

सारांश

दिल्ली सरकार के ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने तीन महीनों में 569 निरीक्षण कर 272 उल्लंघन पकड़े। 43 स्पेसिमेन नमूनों में से 26 नकली निकले। दरियागंज छापेमारी में ₹13.29 लाख की दवाएं ज़ब्त। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने जीरो टॉलरेंस नीति का ऐलान किया।

मुख्य बातें

दिल्ली ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने पिछले तीन महीनों में 569 निरीक्षण किए और 272 उल्लंघन दर्ज किए।
43 स्पेसिमेन नमूनों में से 26 नकली या जाली पाए गए; 86 मामले साइकोट्रॉपिक दवाओं से संबंधित।
दरियागंज में संयुक्त छापेमारी में ₹13.29 लाख मूल्य की संदिग्ध अवैध दवाएं जब्त, एक व्यक्ति गिरफ्तार।
कुल 8 मामलों में अभियोजन शुरू; NDPS एक्ट के तहत 6 एफआईआर दर्ज।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ.
पंकज कुमार सिंह ने नकली दवाओं पर जीरो टॉलरेंस की नीति की पुष्टि की।

दिल्ली सरकार के ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने राजधानी में नकली, जाली और अवैध दवाओं के कारोबार पर शिकंजा कसते हुए पिछले तीन महीनों में 569 निरीक्षण किए, जिनमें 272 उल्लंघन सामने आए। दरियागंज में हाल ही में की गई एक संयुक्त छापेमारी में ₹13.29 लाख मूल्य की संदिग्ध अवैध दवाएं जब्त की गईं और एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया। ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के उल्लंघनकर्ताओं के विरुद्ध यह अभियान अब और तेज़ किया जा रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

विभाग द्वारा इस अवधि में 433 कानूनी नमूनों की जांच की गई। इसके अतिरिक्त 43 स्पेसिमेन नमूने लिए गए, जिनमें से 26 नमूने नकली या जाली पाए गए — यह दर करीब 60% है, जो दवा आपूर्ति श्रृंखला की गंभीर खामियों को उजागर करती है।

विभाग ने 3,673 सर्वे नमूने और 30 कॉस्मेटिक नमूने भी एकत्र किए, जिनमें से 19 की जांच की गई। इनमें 2 नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। 272 उल्लंघनों में से 86 मामले आदत बनाने वाली और मनोप्रभावी (साइकोट्रॉपिक) दवाओं से जुड़े थे, जो नशे के दुरुपयोग की एक समानांतर समस्या की ओर इशारा करते हैं।

दरियागंज छापेमारी की विस्तृत जानकारी

ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए पदम चंद मार्ग स्थित टी-प्वाइंट के निकट छापेमारी की। विशिष्ट सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में एक व्यक्ति को पकड़ा गया और उसकी वैगनआर कार से पांच कार्टन दवाएं बरामद की गईं।

विभाग ने जांच के लिए तीन कानूनी और तीन स्पेसिमेन नमूने लिए हैं। शेष जब्त स्टॉक के विरुद्ध आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

अभियोजन और एफआईआर की स्थिति

इस अवधि में नकली और जाली दवाओं के कारोबार से जुड़े छह मामले दर्ज किए गए, जबकि बिना लाइसेंस दवाओं और मेडिकल उपकरणों के व्यापार के दो मामले सामने आए। कुल आठ मामलों में अभियोजन की कार्रवाई शुरू की गई है।

इसके अलावा दिल्ली पुलिस और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के साथ संयुक्त कार्रवाई के दौरान NDPS एक्ट के तहत छह एफआईआर भी दर्ज की गईं। गौरतलब है कि साइकोट्रॉपिक दवाओं से जुड़े 86 मामले इस बात का संकेत देते हैं कि अवैध दवा नेटवर्क और नशे की तस्करी के बीच की रेखा धुंधली होती जा रही है।

सरकार की प्रतिक्रिया

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा, 'नियमित निरीक्षण, नमूनों की जांच और दिल्ली पुलिस तथा नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो जैसी एजेंसियों के साथ संयुक्त छापेमारी के ज़रिए अवैध दवा कारोबार पर रोक लगाने के लिए बहुआयामी रणनीति अपनाई जा रही है।'

उन्होंने आगे कहा, 'दिल्ली के हर नागरिक का स्वास्थ्य और सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। नकली, जाली और बिना अनुमति वाली दवाओं की बिक्री, भंडारण और वितरण के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है।'

आगे की राह

दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि ड्रग्स कंट्रोल विभाग के निरीक्षण, निगरानी और प्रवर्तन अभियान आगे भी जारी रहेंगे। डॉ. सिंह के अनुसार, विभिन्न जांच एजेंसियों के बीच समन्वय और मज़बूत किया जाएगा ताकि अवैध आपूर्ति श्रृंखला का पता लगाकर दोषियों को कानून के कटघरे में लाया जा सके। यह अभियान यह भी दर्शाता है कि राजधानी में फर्जी दवाओं का बाज़ार एक सुनियोजित नेटवर्क के ज़रिए संचालित हो रहा है, जिसे तोड़ने के लिए बहु-एजेंसी दृष्टिकोण अनिवार्य है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संरचनागत है। असली सवाल यह है कि इतने बड़े पैमाने पर नकली दवाएं आपूर्ति श्रृंखला में कैसे घुसती हैं — और क्या लाइसेंस प्रणाली इस चूक की साझीदार है। आठ अभियोजन और छह एफआईआर तात्कालिक कदम हैं, लेकिन जब तक थोक आपूर्तिकर्ताओं और वितरकों तक जवाबदेही नहीं पहुंचती, खुदरा छापेमारी नेटवर्क की जड़ नहीं काट सकती।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में नकली दवाओं के खिलाफ कार्रवाई में क्या-क्या हुआ?
दिल्ली ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने पिछले तीन महीनों में 569 निरीक्षण किए और 272 उल्लंघन दर्ज किए। 43 स्पेसिमेन नमूनों में से 26 नकली या जाली पाए गए और 8 मामलों में अभियोजन शुरू हुआ।
दरियागंज में छापेमारी में क्या मिला?
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल के साथ संयुक्त कार्रवाई में पदम चंद मार्ग के पास ₹13.29 लाख मूल्य की संदिग्ध अवैध दवाएं जब्त की गईं। एक व्यक्ति को उसकी वैगनआर कार से पांच कार्टन दवाओं सहित पकड़ा गया।
दिल्ली में कितने साइकोट्रॉपिक दवाओं से जुड़े उल्लंघन पाए गए?
कुल 272 उल्लंघनों में से 86 मामले आदत बनाने वाली और मनोप्रभावी (साइकोट्रॉपिक) दवाओं से संबंधित पाए गए। यह कुल उल्लंघनों का करीब एक-तिहाई हिस्सा है।
दिल्ली सरकार की नकली दवाओं पर क्या नीति है?
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह के अनुसार, नकली, जाली और बिना अनुमति वाली दवाओं की बिक्री, भंडारण और वितरण पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है। विभिन्न जांच एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाकर अवैध आपूर्ति श्रृंखला तोड़ने का लक्ष्य है।
NDPS एक्ट के तहत दिल्ली में कितनी एफआईआर दर्ज हुईं?
दिल्ली पुलिस और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के साथ संयुक्त कार्रवाई के दौरान NDPS एक्ट के तहत 6 एफआईआर दर्ज की गईं। कुल मिलाकर इस अवधि में 8 मामलों में अभियोजन की कार्रवाई शुरू की गई।
राष्ट्र प्रेस
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