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दिल्ली के गोल्फ लिंक्स में ₹35 लाख डकैती: ₹50 हजार इनामी फरार नौकर सुशील कुमार बिहार से गिरफ्तार

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दिल्ली के गोल्फ लिंक्स में ₹35 लाख डकैती: ₹50 हजार इनामी फरार नौकर सुशील कुमार बिहार से गिरफ्तार

सारांश

नई दिल्ली के पॉश गोल्फ लिंक्स इलाके में ₹35 लाख की सशस्त्र डकैती का मुख्य आरोपी — घर का नौकर सुशील कुमार — महीनों की फरारी के बाद नेपाल सीमा के करीब बिहार के मधुबनी से दबोचा गया। दिल्ली क्राइम ब्रांच के AEKC की इस कार्रवाई ने भीतरी मिलीभगत से होने वाली डकैतियों पर शिकंजा कसने का संकेत दिया है।

मुख्य बातें

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने ₹50 हजार के इनामी फरार आरोपी सुशील कुमार (22 वर्ष) को 31 अक्टूबर 2026 को बिहार के मधुबनी से गिरफ्तार किया।
घटना 16 अप्रैल 2026 की है — गोल्फ लिंक्स, मकान नंबर 187 में 7-8 हथियारबंद बदमाशों ने ₹30-35 लाख नकद और गहने लूटे।
पीड़ित 76 वर्षीय व्यवसायी अशोक चावला हैं; आरोपी उनके घर में नौकर था।
इससे पहले 6 अन्य आरोपी गिरफ्तार हो चुके थे; सुशील कुमार अकेला फरार था।
न्यायालय ने NBW और BNSS धारा 84 के तहत कार्यवाही की थी; 22 अक्टूबर को इनाम घोषित हुआ।
1 नवंबर 2026 को आरोपी को पटियाला हाउस कोर्ट , नई दिल्ली में पेश किया गया।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 2 नवंबर 2026 को एक अहम सफलता हासिल करते हुए नई दिल्ली के पॉश इलाके गोल्फ लिंक्स में हुई सशस्त्र डकैती के मुख्य फरार आरोपी को बिहार के मधुबनी जिले से गिरफ्तार किया। ₹50 हजार के इनामी इस आरोपी की पहचान 22 वर्षीय सुशील कुमार के रूप में हुई है, जो घटनास्थल पर घरेलू नौकर के रूप में कार्यरत था। 31 अक्टूबर 2026 को मधुबनी के घोघरडीहा रेलवे स्टेशन के निकट विशेष दल ने उसे दबोचा।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार यह मामला 16 अप्रैल 2026 का है, जब गोल्फ लिंक्स स्थित मकान नंबर 187 में 7 से 8 हथियारबंद बदमाश घुस आए। यह मकान 76 वर्षीय व्यवसायी अशोक चावला का है। तलवारों और अन्य घातक हथियारों से लैस हमलावरों ने परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की और ₹30 से 35 लाख नकद तथा कीमती गहने लूटकर फरार हो गए।

घटना के बाद तुगलक रोड थाने में मामला दर्ज किया गया। जाँच में सामने आया कि वारदात को घर के नए नौकर सुशील कुमार की भीतरी मिलीभगत से अंजाम दिया गया था। पुलिस ने इससे पहले 6 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन सुशील कुमार फरार हो गया था।

कानूनी कार्यवाही और इनाम

फरार होने के बाद न्यायालय ने सुशील कुमार के विरुद्ध गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 84 के तहत कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। अपराध की गंभीरता को देखते हुए 22 अक्टूबर 2026 को उसकी गिरफ्तारी पर ₹50 हजार का नकद इनाम घोषित किया गया।

गौरतलब है कि दिल्ली क्राइम ब्रांच की विभिन्न इकाइयों को दिल्ली और अन्य राज्यों में सक्रिय कुख्यात, इनामी और फरार अपराधियों को पकड़ने का विशेष टास्क सौंपा गया था।

ऑपरेशन की रूपरेखा

एडवांस्ड तकनीकी निगरानी और जमीनी खुफिया तंत्र के माध्यम से पुलिस को बिहार के मधुबनी में आरोपी के छिपे होने की जानकारी मिली। इस पर इंस्पेक्टर वीर सिंह ने एक विशेष रेड टीम का गठन किया। सब-इंस्पेक्टर इमरान और अंकुर के नेतृत्व वाली इस टीम में एएसआई दीपचंद, एएसआई उमेश कुमार तथा हेड कांस्टेबल योगराज, मनोज, संदीप, मनीष, मुकेश चौधरी और अनूप शामिल थे।

इलाका नेपाल सीमा के करीब और संवेदनशील होने के कारण ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण रहा। 31 अक्टूबर को टीम ने सुनियोजित तरीके से घोघरडीहा रेलवे स्टेशन के पास सुशील कुमार को घेरकर गिरफ्तार किया।

पुलिस नेतृत्व की भूमिका

इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व इंस्पेक्टर वीर सिंह ने किया, जबकि निगरानी एसीपी पंकज अरोड़ा और डीसीपी (क्राइम ब्रांच) संजीव कुमार यादव ने की। यह ऑपरेशन क्राइम ब्रांच के एंटी-एक्सटॉर्शन एंड किडनैपिंग सेल (AEKC) ने संचालित किया।

आगे की कार्यवाही

1 नवंबर 2026 को आरोपी सुशील कुमार को नई दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। यह गिरफ्तारी उच्च-प्रोफाइल आवासीय इलाकों में भीतरी सूत्रों के जरिए होने वाली डकैतियों की बढ़ती प्रवृत्ति की ओर भी ध्यान दिलाती है, जो दिल्ली पुलिस के लिए एक गंभीर चुनौती बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली चुनौती यह है कि जब तक नौकरों के सत्यापन की खामियाँ दूर नहीं होतीं, ऐसी 'इनसाइडर जॉब' डकैतियाँ दिल्ली के पॉश इलाकों में होती रहेंगी।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गोल्फ लिंक्स डकैती कांड क्या है?
यह 16 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली के गोल्फ लिंक्स स्थित मकान नंबर 187 में हुई सशस्त्र डकैती है, जिसमें 7-8 हथियारबंद बदमाशों ने 76 वर्षीय व्यवसायी अशोक चावला के परिवार के साथ मारपीट कर ₹30-35 लाख नकद और कीमती गहने लूट लिए। जाँच में पता चला कि घर के नए नौकर सुशील कुमार की इसमें भीतरी मिलीभगत थी।
आरोपी सुशील कुमार को कहाँ से और कब गिरफ्तार किया गया?
सुशील कुमार को 31 अक्टूबर 2026 को बिहार के मधुबनी जिले के घोघरडीहा रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया गया। दिल्ली क्राइम ब्रांच के AEKC की एक विशेष रेड टीम ने तकनीकी निगरानी के आधार पर यह कार्रवाई की।
सुशील कुमार पर ₹50 हजार का इनाम क्यों था?
डकैती के बाद सुशील कुमार फरार हो गया था, जिस पर न्यायालय ने गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया और BNSS की धारा 84 के तहत कार्यवाही हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए 22 अक्टूबर 2026 को उसकी गिरफ्तारी पर ₹50 हजार का नकद इनाम घोषित किया गया था।
इस मामले में अब तक कितने आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं?
सुशील कुमार की गिरफ्तारी से पहले ही पुलिस इस मामले में 6 अन्य आरोपियों को पकड़ चुकी थी। सुशील कुमार सातवाँ और मुख्य फरार आरोपी था, जिसे अब मधुबनी से पकड़ा गया है।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोर्ट में कब पेश किया गया?
गिरफ्तारी के अगले दिन 1 नवंबर 2026 को सुशील कुमार को नई दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। ऑपरेशन की निगरानी एसीपी पंकज अरोड़ा और डीसीपी (क्राइम ब्रांच) संजीव कुमार यादव ने की।
राष्ट्र प्रेस
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