दिल्ली मास्टर प्लान 2047: डीडीए ने आर्किटेक्ट्स और एसपीए विशेषज्ञों संग छठी-सातवीं परामर्श बैठक की
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने दिल्ली मास्टर प्लान 2047 (एमपीडी 2047) के सहभागी और प्रभावी कार्यान्वयन को गति देने के लिए शुक्रवार को आर्किटेक्ट्स, नगर योजनाकारों और पेशेवर हितधारकों के साथ अपनी छठी और सातवीं परामर्श बैठकें आयोजित कीं। उपराज्यपाल टीएस संधू के निर्देश पर आयोजित इन बैठकों में पार्किंग अवसंरचना, यातायात प्रबंधन और पुनर्विकास परियोजनाओं पर विशेषज्ञों से सुझाव एकत्र किए गए।
बैठकों में कौन-कौन शामिल हुए
छठी परामर्श बैठक में राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम (एनबीसीसी), वास्तुकला परिषद, योजना एवं वास्तुकला विद्यालय (एसपीए), नगर योजनाकार संस्थान (आईटीपीआई), दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) और दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी) के प्रतिनिधियों सहित वास्तुकार और योजनाकार उपस्थित रहे। सातवीं बैठक में भी वास्तुकारों और योजनाकारों ने भाग लिया।
गौरतलब है कि ये बैठकें डीडीए के व्यापक तीन महीने के हितधारक संपर्क कार्यक्रम का अभिन्न हिस्सा हैं, जिसके अंतर्गत लगभग 20 परामर्श बैठकें आयोजित करने की योजना है।
किन विषयों पर हुई चर्चा
डीडीए ने बैठकों में एमपीडी 2047 का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत करते हुए एक सतत, हरित और रहने योग्य राष्ट्रीय राजधानी के निर्माण का अपना दृष्टिकोण साझा किया। हितधारकों को मास्टर प्लान के तहत प्रमुख स्थानिक विकास नीतियों से परिचित कराया गया, जिनमें शामिल हैं:
पारगमन उन्मुख विकास (टीओडी), भूमि पूलिंग क्षेत्र, उच्च घनत्व गलियारे (एचडीसी) और निम्न घनत्व क्षेत्र (एलडीए)। आधिकारिक बयान के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में पार्किंग अवसंरचना और यातायात प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर ठोस सुझाव प्राप्त हुए।
हितधारक परामर्श का महत्त्व
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली की आबादी और शहरी विस्तार की रफ्तार लगातार बढ़ रही है और बुनियादी ढाँचे पर दबाव गहरा हो रहा है। एमपीडी 2047 का उद्देश्य शहर के दीर्घकालिक नियोजन को टिकाऊ और समावेशी बनाना है। डीडीए की रणनीति इस बार केवल शीर्ष-स्तरीय नीति-निर्माण तक सीमित न रहकर ज़मीनी पेशेवरों — वास्तुकारों, नगर योजनाकारों — की भागीदारी को भी सुनिश्चित कर रही है।
डीडीए ने स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया में दिल्ली की योजना एवं विकास से जुड़े विभिन्न विषयगत क्षेत्रों और हितधारक समूहों को शामिल किया जाएगा, ताकि मास्टर प्लान के प्रावधानों की बेहतर समझ और व्यापक स्वीकार्यता सुनिश्चित हो सके।
आगे की राह
डीडीए की तीन महीने की परामर्श प्रक्रिया अभी जारी है और आने वाले हफ्तों में अन्य हितधारक समूहों — जिनमें नागरिक समाज, रेज़िडेंट वेलफेयर एसोसिएशन और व्यापारिक संगठन शामिल हो सकते हैं — के साथ और बैठकें होने की संभावना है। इन परामर्शों से प्राप्त सुझाव एमपीडी 2047 के कार्यान्वयन ढाँचे में समेकित किए जाएंगे, जो राष्ट्रीय राजधानी के भविष्य की दिशा तय करेंगे।