दिल्ली मेट्रो पिंक लाइन पर रियल-टाइम कोच ऑक्यूपेंसी सुविधा शुरू, भीड़ की जानकारी पहले से मिलेगी
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने 30 अक्टूबर 2026 को पिंक लाइन पर 'रियल-टाइम कार ऑक्यूपेंसी' सुविधा का विस्तार किया, जिससे अब मजलिस पार्क से शिव विहार/मौजपुर-बाबरपुर मार्ग के यात्री ट्रेन के स्टेशन पर पहुँचने से पहले ही प्रत्येक कोच में भीड़ की स्थिति जान सकेंगे। यह सुविधा प्लेटफॉर्म पर लगे पैसेंजर इंफॉर्मेशन डिस्प्ले सिस्टम (PIDS) के ज़रिए उपलब्ध कराई जाएगी।
मैजेंटा लाइन की सफलता के बाद पिंक लाइन तक विस्तार
DMRC के अनुसार, यह प्रणाली पहले मैजेंटा लाइन पर वर्ष 2022 से सफलतापूर्वक चलाई जा रही है। यात्रियों की सकारात्मक प्रतिक्रिया और संचालन में मिली सफलता को देखते हुए अब इसे पिंक लाइन के सभी स्टेशनों पर भी लागू किया गया है। गौरतलब है कि पिंक लाइन का सर्कुलर कॉरिडोर स्वरूप तकनीकी दृष्टि से इस डेटा के एकीकरण को अधिक जटिल बनाता था, जिसे DMRC ने अब सफलतापूर्वक हल कर लिया है।
तकनीक कैसे काम करती है
यह प्रणाली प्रत्येक कोच में लगे लोड सेंसर की मदद से संचालित होती है। ये सेंसर कोच के वर्तमान वजन को उसके निर्धारित खाली वजन से तुलना करते हैं और उसके आधार पर प्रत्येक डिब्बे में यात्रियों की अनुमानित उपस्थिति का प्रतिशत तैयार करते हैं। ट्रेन के स्टेशन पर पहुँचने से पूर्व ही यह आँकड़ा प्लेटफॉर्म की डिस्प्ले स्क्रीन पर प्रदर्शित होने लगता है।
यह वास्तविक समय का डेटा यात्रियों को कम भीड़ वाले कोच की ओर जाने में सहायता करता है, जिससे न केवल यात्रा अनुभव बेहतर होता है, बल्कि सभी डिब्बों में भार का समान वितरण भी सुनिश्चित होता है।
यात्रियों और संचालन पर असर
DMRC के अनुसार, सुबह और शाम के पीक आवर्स में यह व्यवस्था विशेष रूप से उपयोगी होगी, जब भीड़ का दबाव अधिकतम होता है। यात्रियों को ट्रेन आने के बाद खाली जगह तलाशते हुए प्लेटफॉर्म पर भटकने की ज़रूरत नहीं रहेगी। इसके साथ ही, कोचों में भार का संतुलित वितरण ट्रेन संचालन को अधिक सुचारू बनाएगा और उपलब्ध क्षमता का बेहतर उपयोग संभव होगा।
DMRC की तकनीक-आधारित पहल
DMRC ने स्पष्ट किया है कि वह तकनीक के ज़रिए यात्री अनुभव को निरंतर बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहा है। पिंक लाइन पर इस सुविधा का विस्तार उसी रणनीति का हिस्सा है। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली मेट्रो की दैनिक सवारी संख्या लगातार बढ़ रही है और पीक आवर्स में भीड़ प्रबंधन एक प्रमुख चुनौती बनी हुई है। भविष्य में अन्य लाइनों पर भी इस सुविधा के विस्तार की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।