29 अगस्त 2026
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दिल्ली-एनसीआर में CNG महंगी: परिवहन संगठनों की हड़ताल चेतावनी, 9 तारीख की रात 1 लाख ऑटो-टैक्सी सड़क से हटने का अल्टीमेटम

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दिल्ली-एनसीआर में CNG महंगी: परिवहन संगठनों की हड़ताल चेतावनी, 9 तारीख की रात 1 लाख ऑटो-टैक्सी सड़क से हटने का अल्टीमेटम

सारांश

ढाई महीनों में ₹12 की CNG बढ़ोतरी ने दिल्ली के परिवहन क्षेत्र को विस्फोटक स्थिति में ला दिया है। ऑटो-टैक्सी संगठनों का 9 तारीख की रात का अल्टीमेटम महज़ किराया-विवाद नहीं — यह सरकारी वादों और ज़मीनी हकीकत के बीच बढ़ती खाई का संकेत है।

मुख्य बातें

दिल्ली-एनसीआर में CNG की कीमतों में पिछले करीब ढाई महीनों में लगभग ₹12 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी हुई है।
ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र कपूर ने माल ढुलाई, छोटे कारोबारियों और उपभोक्ताओं पर असर की चेतावनी दी।
दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ और दिल्ली प्रदेश टैक्सी यूनियन के महासचिव राजेंद्र सोनी ने 9 तारीख की रात 12 बजे से हड़ताल का अल्टीमेटम दिया।
हड़ताल होने पर करीब 1 लाख ऑटो और काली-पीली टैक्सियाँ दिल्ली की सड़कों से हट सकती हैं।
संगठनों की माँगों में CNG मूल्य वृद्धि वापसी, किराया संशोधन , कल्याण बोर्ड गठन और फिटनेस शुल्क में राहत शामिल हैं।
दिल्ली सरकार और BJP नेताओं को पत्र लिखकर बैठक बुलाने की माँग की गई है।

दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी (CNG) की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद परिवहन क्षेत्र के प्रमुख संगठन सरकार के खिलाफ मैदान में उतर आए हैं। ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन और दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ सहित कई संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी माँगें नहीं मानीं, तो 9 तारीख की रात 12 बजे के बाद करीब 1 लाख ऑटो और काली-पीली टैक्सियाँ सड़कों से हट सकती हैं।

मुख्य घटनाक्रम

ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र कपूर ने कहा कि सरकार ने वर्षों तक CNG को प्रदूषण-नियंत्रण और डीजल के विकल्प के रूप में बढ़ावा दिया, जिसके चलते बड़ी संख्या में वाहन इस ईंधन पर स्थानांतरित हुए। उनके अनुसार, अब अचानक दाम बढ़ाए जाने से उन वाहन-चालकों और कारोबारियों पर दोहरी मार पड़ रही है जिन्होंने सरकारी प्रोत्साहन पर भरोसा किया था।

कपूर ने यह भी सवाल उठाया कि केवल दिल्ली में CNG महंगी किए जाने के पीछे कहीं लोगों को CNG से इलेक्ट्रिक वाहन (EV) की ओर धकेलने की नीति तो नहीं है। उन्होंने सरकार से इस बढ़ोतरी को तत्काल वापस लेने की माँग की।

ऑटो-टैक्सी चालकों पर असर

दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ और दिल्ली प्रदेश टैक्सी यूनियन के महासचिव राजेंद्र सोनी ने बताया कि पिछले करीब ढाई महीनों में CNG की कीमतों में कुल मिलाकर लगभग ₹12 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी हो चुकी है। उनका कहना है कि ऑटो और टैक्सी चालकों की परिचालन लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि आय उसी अनुपात में नहीं बढ़ी। फिटनेस शुल्क में वृद्धि का बोझ पहले से ही चालकों पर है।

सोनी ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान ऑटो चालकों के लिए कल्याण बोर्ड बनाने समेत कई वादे किए गए थे, लेकिन सरकार बनने के बाद इन मुद्दों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने दिल्ली सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं को पत्र लिखकर बैठक बुलाने की माँग की है।

आम जनता और कारोबार पर असर

राजेंद्र कपूर के अनुसार, CNG की बढ़ी हुई कीमतों का बोझ केवल ट्रांसपोर्टरों तक सीमित नहीं रहेगा। फैक्ट्रियों में माल ढुलाई, जॉब वर्क और छोटे कारोबारों में बड़े पैमाने पर उपयोग होने वाली छोटी CNG मालवाहक गाड़ियों की लागत बढ़ने से धीरे-धीरे उत्पादों की कीमतें भी प्रभावित हो सकती हैं। इसका सीधा असर अंततः आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा।

गौरतलब है कि दिल्ली-एनसीआर की परिवहन व्यवस्था में ऑटो और काली-पीली टैक्सियाँ लाखों यात्रियों के दैनिक आवागमन की रीढ़ हैं। यदि हड़ताल होती है, तो मेट्रो और बस सेवाओं पर असाधारण दबाव पड़ सकता है।

हड़ताल की चेतावनी और अल्टीमेटम

राजेंद्र सोनी ने स्पष्ट किया कि संगठन सरकार से टकराव नहीं चाहते और बातचीत के ज़रिए समाधान के पक्षधर हैं। हालाँकि, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते बैठक नहीं बुलाई और माँगों पर ध्यान नहीं दिया, तो 9 तारीख की रात 12 बजे के बाद करीब 1 लाख ऑटो और काली-पीली टैक्सियाँ दिल्ली की सड़कों से हट सकती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति के लिए दिल्ली सरकार जिम्मेदार होगी।

क्या होगा आगे

परिवहन संगठनों की प्रमुख माँगों में CNG मूल्य वृद्धि वापस लेना, ऑटो और टैक्सी किराये में संशोधन, कल्याण बोर्ड का गठन और फिटनेस शुल्क में राहत शामिल हैं। अब गेंद दिल्ली सरकार के पाले में है — यदि 9 तारीख से पहले कोई सार्थक बातचीत नहीं होती, तो राजधानी की परिवहन व्यवस्था बड़े संकट में पड़ सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

नीतिगत पारदर्शिता की माँग करता है जो अभी तक सरकार ने नहीं दी। चुनावी वादों — विशेषकर कल्याण बोर्ड — के पूरा न होने की शिकायत बताती है कि असंगठित परिवहन क्षेत्र के साथ संवाद का तंत्र कितना कमज़ोर है। यदि 9 तारीख को हड़ताल होती है, तो इसकी राजनीतिक कीमत दिल्ली सरकार को चुकानी पड़ सकती है।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में CNG की कीमत कितनी बढ़ी है और इसका असर क्या होगा?
रिपोर्टों के अनुसार, पिछले करीब ढाई महीनों में दिल्ली-एनसीआर में CNG की कीमत में लगभग ₹12 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी हुई है। इससे ऑटो-टैक्सी चालकों, छोटी मालवाहक गाड़ियों और अंततः आम उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ने की आशंका है।
दिल्ली ऑटो-टैक्सी हड़ताल कब होगी और कितने वाहन प्रभावित होंगे?
दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ और दिल्ली प्रदेश टैक्सी यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने समय रहते बैठक नहीं बुलाई, तो 9 तारीख की रात 12 बजे के बाद करीब 1 लाख ऑटो और काली-पीली टैक्सियाँ सड़कों से हट सकती हैं। यह दिल्ली की दैनिक परिवहन व्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।
परिवहन संगठनों की सरकार से क्या माँगें हैं?
संगठनों की प्रमुख माँगों में CNG मूल्य वृद्धि को वापस लेना, ऑटो और टैक्सी किराये में संशोधन, ऑटो चालकों के लिए कल्याण बोर्ड का गठन और फिटनेस शुल्क में राहत शामिल हैं। महासचिव राजेंद्र सोनी ने दिल्ली सरकार और BJP नेताओं को पत्र लिखकर तत्काल बैठक बुलाने की माँग की है।
CNG महंगी होने से माल ढुलाई और आम उपभोक्ता कैसे प्रभावित होंगे?
ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र कपूर के अनुसार, फैक्ट्रियों में माल ढुलाई और जॉब वर्क में उपयोग होने वाली छोटी CNG गाड़ियों की लागत बढ़ने से उत्पादों की कीमतें भी धीरे-धीरे बढ़ सकती हैं। इसका बोझ अंततः आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
क्या दिल्ली सरकार ने CNG मूल्य वृद्धि पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
अभी तक दिल्ली सरकार की ओर से परिवहन संगठनों की माँगों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया या बैठक की घोषणा नहीं की गई है। संगठनों का कहना है कि लंबे समय से बैठक की माँग के बावजूद उनकी समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा।
राष्ट्र प्रेस
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