शीश महल पर PAC की नज़र: दिल्ली विधानसभा समिति करेगी केजरीवाल के पूर्व आवास का निरीक्षण
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली विधानसभा की लोक लेखा समिति (PAC) सोमवार, 13 सितंबर 2026 को उत्तर दिल्ली के सिविल लाइंस स्थित 6, फ्लैगस्टाफ रोड बंगले का औचक निरीक्षण कर सकती है — जिसे भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 'शीश महल' नाम दिया है। यह आवास पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का आधिकारिक निवास रहा है और आम आदमी पार्टी (AAP) की पिछली सरकार के दौरान इसके नवीनीकरण पर कथित तौर पर अत्यधिक खर्च को लेकर विवाद घिरा हुआ है।
निरीक्षण दल में कौन शामिल
जानकारी के अनुसार, दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता और PAC अध्यक्ष अजय महावर इस दौरे का नेतृत्व करेंगे। बताया जा रहा है कि दोनों कैमरों के साथ बंगले पर पहुँचेंगे और अपनी टिप्पणियाँ व निरीक्षण रिकॉर्ड पर दर्ज करेंगे। इस दौरे का उद्देश्य AAP सरकार के कार्यकाल में हुए कथित खर्च का प्रत्यक्ष आकलन करना है।
विवाद की पृष्ठभूमि
यह बंगला वर्ष 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में BJP का एक प्रमुख चुनावी मुद्दा रहा था। BJP का आरोप रहा है कि मुख्यमंत्री आवास के नवीनीकरण पर सरकारी नियमों की अनदेखी करते हुए अनावश्यक और अत्यधिक खर्च किया गया। दिल्ली BJP प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर लगातार यह मुद्दा उठाते रहे हैं।
कपूर ने सवाल उठाया था कि 6, फ्लैगस्टाफ रोड का निर्माण दिल्ली शहरी कला आयोग (DUAC) और दिल्ली नगर निगम (MCD) से आवश्यक मंजूरी लिए बिना क्यों कराया गया। उन्होंने यह भी पूछा कि पूरे प्रोजेक्ट का बजट एकमुश्त मंजूर कराने के बजाय इसे छोटे-छोटे मरम्मत टेंडरों में क्यों बाँटा गया।
विपक्ष का रुख
AAP नेता और विपक्ष की नेता आतिशी ने फिजूलखर्ची के इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनके इस बयान के बाद कपूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोपों को दोहराया और इस बंगले को आधिकारिक रूप से मुख्यमंत्री के स्थायी आवास के रूप में घोषित न किए जाने पर भी सवाल उठाए।
सरकार की योजना और PWD मंत्री का बयान
इस वर्ष जुलाई 2026 में दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री प्रवेश वर्मा ने घोषणा की थी कि फिलहाल सील किए गए इस बंगले को राज्य अतिथि गृह (State Guest House) में बदला जाएगा। वर्मा ने इससे पूर्व सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए केजरीवाल की तुलना एक फिल्मी किरदार से की थी और 'धुरंधर पार्ट-3' नामक व्यंग्यात्मक वीडियो भी प्रसारित किया था, जिसमें आवास में कथित आलीशान सुविधाओं को दिखाया गया था।
आगे क्या होगा
PAC का यह दौरा औपचारिक जाँच प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। गौरतलब है कि यह पहली बार है जब कोई संसदीय समिति इस बंगले का सीधा निरीक्षण करेगी। समिति की रिपोर्ट आने के बाद विधानसभा में आगे की कार्यवाही तय होगी। यह मामला दिल्ली की राजनीति में सरकारी संपत्तियों के उपयोग और जवाबदेही के व्यापक सवालों से भी जुड़ा है।