दिल्ली पुलिस ने बिश्नोई-हाशिम बाबा सिंडिकेट का घोषित अपराधी सद्दाम हुसैन को अमरोहा से दबोचा
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने लॉरेंस बिश्नोई-हाशिम बाबा क्राइम सिंडिकेट से जुड़े घोषित अपराधी सद्दाम हुसैन उर्फ सोनू को गिरफ्तार किया है, जो दक्षिण दिल्ली के व्यवसायी और जिम सह-मालिक नादिर शाह की हत्या के मामले में सितंबर 2024 से फरार चल रहा था। 20 जुलाई 2026 को उत्तर प्रदेश के अमरोहा से पकड़े गए इस आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में गिरफ्तार होने वाले सिंडिकेट सदस्यों की संख्या 17 हो गई है।
गिरफ्तारी का घटनाक्रम
पुलिस उपायुक्त (स्पेशल सेल/एनडीआर) प्रवीण कुमार त्रिपाठी ने सोमवार को बताया कि भरोसेमंद मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर एसीपी आशीष कुमार की देखरेख में इंस्पेक्टर आलोक कुमार मौर्य और नीतू कुमार के नेतृत्व वाली स्पेशल सेल/एनडीआर टीम ने अमरोहा में सद्दाम को ट्रैक कर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद उसकी निशानदेही पर दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके से एक पिस्तौल और तीन कारतूस बरामद किए गए।
नादिर शाह हत्याकांड: पृष्ठभूमि
व्यवसायी और जिम सह-मालिक नादिर शाह को 12 सितंबर 2024 की रात ग्रेटर कैलाश-I में उनके जिम के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जाँच में सामने आया कि यह हत्या लॉरेंस बिश्नोई-हाशिम बाबा सिंडिकेट द्वारा रंगदारी वसूली की कोशिश के तहत अंजाम दी गई थी। पुलिस के अनुसार, सद्दाम ने गैंगस्टर हाशिम बाबा के करीबी सहयोगी साजिद फद्दी के साथ मिलकर शूटरों और अन्य आरोपियों को लॉजिस्टिकल सहायता प्रदान की थी और अपराध में इस्तेमाल हथियारों को छिपाने में भी भूमिका निभाई थी।
आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि
मूल रूप से अमरोहा का निवासी और दिल्ली के जाफराबाद इलाके में बच्चों के कपड़ों की दुकान चलाने वाला सद्दाम पुलिस रिकॉर्ड में पुराना नाम है। पुलिस के अनुसार, वह अपने साथी सोहेल उर्फ चप्पल — जो हाशिम बाबा गैंग का सदस्य है — के ज़रिये अपराध की दुनिया में आया। 2013 में उसे हत्या के प्रयास के मामले में सोहेल के साथ गिरफ्तार किया गया था। 2018 में जाफराबाद में एक व्यवसायी से ₹1 लाख की रंगदारी माँगने और फायरिंग के मामले में फिर पकड़ा गया। इसके अलावा वह गैंग की आपसी दुश्मनी से जुड़े हत्या की कोशिश के दो अन्य मामलों में भी वांछित रहा है।
कानूनी स्थिति
सद्दाम ग्रेटर कैलाश पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट की धारा 25 व 27 के तहत कई मामलों में वांछित था। अदालत ने उसे इस मामले में 'घोषित अपराधी' घोषित किया हुआ था। साजिद फद्दी और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद वह भूमिगत हो गया था।
आगे की जाँच
पुलिस के अनुसार इस मामले में अब तक 17 सिंडिकेट सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जाँच एजेंसियाँ सिंडिकेट के शेष फरार सदस्यों की तलाश जारी रखे हुए हैं और हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला का पूरा खुलासा करने की कोशिश में हैं।