दिल्ली में मानसून का कहर: 9 घर ढहे, 16 पेड़ उखड़े, IMD का रेड अलर्ट जारी
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 7 अगस्त 2026 की देर रात से शुरू हुई भारी बारिश के बीच दिल्ली दमकल विभाग को 9 मकान ढहने और 16 पेड़ उखड़ने की सूचनाएं प्राप्त हुईं। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि एक घटना में तीन महिलाएं मलबे में फंस गईं, जिन्हें दमकल कर्मियों ने सुरक्षित बाहर निकाला। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।
मुख्य घटनाक्रम
दमकल विभाग के अनुसार, आधी रात के बाद से राजधानी के अलग-अलग इलाकों में पूरे मकान या उनके हिस्से ढहने की 9 घटनाएं दर्ज की गईं। इसके साथ ही शहर के विभिन्न हिस्सों में 16 पेड़ जड़ से उखड़ गए। एक घर गिरने की घटना में तीन महिलाएं अंदर फंस गईं, जिन्हें दमकल विभाग की टीम ने राहत अभियान चलाकर सुरक्षित बाहर निकाला।
जलभराव और यातायात पर असर
दक्षिण दिल्ली के दुर्गा विहार में भारी बारिश के कारण गंभीर जलभराव हो गया, जबकि देवली रोड पर बाढ़ जैसे हालात बन गए। नोएडा के सेक्टर 95 अंडरपास में महामाया फ्लाईओवर के नीचे गहरे पानी में एक एम्बुलेंस फंस गई।
दिल्ली के प्रमुख मार्गों पर भी यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। महरौली-बदरपुर रोड, आईटीओ, वजीराबाद रोड, पटेल रोड, रोहतक रोड, शंकर रोड, कीर्ति नगर, दिल्ली-जयपुर राजमार्ग, पीरगढ़ी और शाहीन बाग में जाम की सूचनाएं मिलीं।
IMD की चेतावनी और मौसम की स्थिति
कई दिनों की उमस और गर्मी के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजधानी में दस्तक दी। IMD के अनुसार, उत्तरी भारत में कई मौसम प्रणालियों के दुर्लभ संयोजन के कारण यह भारी बारिश हो रही है। विभाग ने चेतावनी दी है कि मानसून की तेज बारिश से निचले इलाकों में जलभराव, यातायात अवरोध और स्थानीय बाढ़ का खतरा बना रहेगा।
आम जनता पर असर
बारिश ने एक ओर जहाँ गर्मी और उमस से राहत दी, वहीं दूसरी ओर शहरी बुनियादी ढाँचे की कमज़ोरियाँ उजागर हो गईं। पुराने और जर्जर मकानों के ढहने की घटनाएं यह बताती हैं कि राजधानी में अनाधिकृत या कमज़ोर निर्माण एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून अभी अपने चरम पर है और आने वाले दिनों में और बारिश की संभावना जताई जा रही है।
क्या होगा आगे
IMD ने दिल्ली-एनसीआर में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे पुराने और कमज़ोर मकानों से दूर रहें तथा जलभराव वाले इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से बचें।