दिल्ली में बिहार का फरार आरोपी बाबुल कुमार गिरफ्तार, क्राइम ब्रांच और बिहार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
सारांश
Key Takeaways
- बाबुल कुमार की गिरफ्तारी बिहार और दिल्ली पुलिस के संयुक्त प्रयास का परिणाम है।
- आरोपी कई गंभीर मामलों में वांटेड था और छिपा हुआ था।
- इस कार्रवाई ने पुलिस विभाग के बीच समन्वय को दिखाया है।
- बिहार पुलिस ने तकनीकी निगरानी का उपयोग किया।
- बाबुल कुमार से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है।
नई दिल्ली, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के महिंदवाड़ा थाना क्षेत्र में दर्ज कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांटेड आरोपी बाबुल कुमार को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। इस आरोपी को पकड़ने के लिए बिहार पुलिस की एक विशेष टीम दिल्ली पहुंची थी। चूंकि यह मामला अंतरराज्यीय अपराध से संबंधित है, इसलिए बिहार पुलिस ने दिल्ली क्राइम ब्रांच से सहयोग मांगा।
बिहार पुलिस के अधिकारियों ने जानकारी दी कि क्राइम ब्रांच की टीम को इस ऑपरेशन की जिम्मेदारी दी गई थी। इंस्पेक्टर पवन कुमार के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया था। यह कार्रवाई एसीपी भगवती प्रसाद की निगरानी में और डीजीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदौरा के निर्देशन में की गई।
उन्होंने बताया कि बिहार पुलिस की सहायता के लिए दिल्ली पुलिस की ओर से एक टीम भी बनाई गई थी, जिसमें हेड कांस्टेबल अमित, जितेंद्र और मनीष शामिल थे। 12 मार्च को बिहार पुलिस को आरोपी बाबुल की लोकेशन दिल्ली के पास मिली। इस दौरान हेड कांस्टेबल जितेंद्र ने तकनीकी निगरानी की मदद से आरोपी की लोकेशन का पता लगाने का प्रयास किया। टीम ने पूरे दिन इस इलाके में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं मिला।
इसके बाद, हेड कांस्टेबल जितेंद्र ने अपने स्थानीय स्रोतों को सक्रिय किया और उन्हें वांटेड अपराधी बाबुल कुमार के बारे में जानकारी दी। लगातार प्रयासों के बाद 13 मार्च की सुबह आरोपी की सही लोकेशन का पता चला। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बाबुल को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ बिहार के महिंदवाड़ा थाने में कई गंभीर मामले दर्ज हैं और वह लंबे समय से फरार था। बताया गया है कि आरोपी दिल्ली में आकर छुपा हुआ था और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था, जिससे पुलिस को सही लोकेशन मिलना मुश्किल हो रहा था।
बिहार पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि आरोपी बाबुल कुमार का जन्म और पालन-पोषण बिहार के पुनरारवाड़ा गांव में हुआ। उसने 2022 में 12वीं कक्षा पास की, लेकिन बाद में स्थानीय अपराधियों के संपर्क में आकर आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो गया। पुलिस अब उससे जुड़े अन्य मामलों की भी जांच कर रही है।