अमेरिकी राजदूत ने फडणवीस को बताया 'पैशनेट नेता', पत्नी अमृता ने जताया आभार
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर द्वारा की गई प्रशंसा के बाद उनकी पत्नी अमृता फडणवीस ने 19 अगस्त को राजदूत का सार्वजनिक आभार व्यक्त किया और मुख्यमंत्री की कार्यशैली का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को दिया। यह प्रसंग मुंबई में क्लीवलैंड क्लीनिक के साथ महाराष्ट्र सरकार के मेडिसिटी समझौते के अवसर पर सामने आया।
मुख्य घटनाक्रम
मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की तारीफ करते हुए कहा कि महाराष्ट्र आज दुनिया के नक्शे पर दो कारणों से है — एक मुंबई और दूसरा उसके असाधारण मुख्यमंत्री। राजदूत ने फडणवीस को 'बेहद गतिशील, ऊर्जावान और अपने काम के प्रति पैशनेट नेता' बताया तथा उपस्थित लोगों से उनके लिए तालियाँ बजाने का आग्रह भी किया।
अमृता फडणवीस की प्रतिक्रिया
इस प्रशंसा पर प्रतिक्रिया देते हुए अमृता फडणवीस ने कहा, 'मैं सबसे पहले अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर को धन्यवाद देना चाहूंगी कि उन्होंने देवेंद्र फडणवीस की तारीफ की और महाराष्ट्र के बारे में भी बढ़-चढ़कर बात की।' उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काम करने वाले सभी नेता स्वयं इतने प्रेरित हैं कि वे दिन-रात जनसेवा में जुटे रहते हैं। उनके अनुसार, 'यह एक तरह से प्रधानमंत्री का आशीर्वाद है, जो नेताओं को लगन और समर्पण के साथ काम करने की प्रेरणा देता है।'
क्लीवलैंड क्लीनिक समझौते की पृष्ठभूमि
यह कार्यक्रम महाराष्ट्र सरकार और अमेरिका के प्रतिष्ठित क्लीवलैंड क्लीनिक के बीच मुंबई में मेडिसिटी स्थापित करने के समझौते के अवसर पर आयोजित किया गया था। इस दौरान दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श हुआ। गौरतलब है कि मुंबई भारत की आर्थिक राजधानी होने के नाते वैश्विक निवेशकों और संस्थाओं के लिए प्रमुख केंद्र रही है।
तमिलनाडु मैटरनिटी लीव पर अमृता का संतुलित रुख
उसी अवसर पर अमृता फडणवीस से तमिलनाडु सरकार के उस निर्णय पर प्रतिक्रिया माँगी गई, जिसमें महिला सरकारी कर्मचारियों को तीसरे बच्चे के जन्म पर मातृत्व अवकाश 84 दिन से बढ़ाकर 365 दिन करने की घोषणा की गई है। अमृता ने इस मुद्दे पर कोई सीधी टिप्पणी करने से परहेज़ किया और कहा कि इसे दो दृष्टिकोणों से देखा जा सकता है — एक ओर देश की बढ़ती जनसंख्या का प्रश्न है, तो दूसरी ओर यह एक महिला का अपने बच्चे को लेकर मज़बूत अधिकार भी है।
तमिलनाडु में मातृत्व अवकाश का इतिहास
तमिलनाडु में मातृत्व अवकाश नीति में पिछले डेढ़ दशक में कई बदलाव हो चुके हैं। 2011 में 90 दिन की छुट्टी को बढ़ाकर 6 महीने किया गया था। 2016 में यह 9 महीने हुई और जुलाई 2021 में पहले दो बच्चों के लिए 365 दिन की छुट्टी का प्रावधान लागू किया गया। अब हाल की घोषणा में तीसरे बच्चे के लिए भी यही अवकाश अवधि लागू कर दी गई है, जिसे सरकार ने महिला सशक्तीकरण की दिशा में उठाया गया कदम बताया है। आने वाले समय में यह देखना होगा कि अन्य राज्य इस नीति को किस रूप में अपनाते हैं।