धनबाद के लोयाबाद में फिर भू-धंसान: चार मकान धंसे, दो जमींदोज; डेढ़ महीने में दर्जनों घटनाएँ
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के धनबाद जिले के कोयलांचल क्षेत्र में 20 सितंबर 2026 (रविवार) को एक बार फिर भू-धंसान की घटना सामने आई, जब लोयाबाद थाना क्षेत्र के सात नंबर मुस्लिम मोहल्ले में तेज धमाके के साथ अचानक जमीन धंस गई। इस हादसे में चार मकान प्रभावित हुए, जिनमें से दो पूरी तरह जमींदोज हो गए और उनमें रखा गृहस्थी का सामान भी भूमि के भीतर समा गया। अधिकारियों के अनुसार, इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जमीन धंसने से पहले एक तेज धमाके जैसी आवाज आई, जिससे इलाके में अफरातफरी मच गई। मोहल्ले के लोग घबराकर घरों से बाहर निकलने लगे। बताया जा रहा है कि प्रभावित मकानों में रहने वाले लोग समय रहते बाहर निकल आए, जिससे बड़ा जनहानि का हादसा टल गया।
घटना की सूचना मिलते ही लोयाबाद थाना पुलिस मौके पर पहुँची और प्रभावित क्षेत्र की घेराबंदी कर बैरिकेडिंग कर दी। लोगों को खतरे वाले हिस्से से दूर रखा गया है। जिला प्रशासन और भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के अधिकारियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और जमीन धंसने के कारणों तथा प्रभावित क्षेत्र के विस्तार का आकलन शुरू कर दिया है।
पिछले डेढ़ महीने की घटनाओं का सिलसिला
यह घटना कोयलांचल में हाल के हफ्तों में आई आपदाओं की एक लंबी श्रृंखला की कड़ी है। अगस्त 2026 में कतरास थाना क्षेत्र के छाताबाद में बड़े पैमाने पर जमीन धंसने से 12 से अधिक मकान प्रभावित हुए थे और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाना पड़ा था।
सितंबर 2026 में छाताबाद में फिर से भू-धंसान हुआ, जहाँ खुशबू मोहल्ले से मस्जिद रोड तक जमीन और सड़कों में दरारें पड़ने के साथ करीब एक दर्जन मकान प्रभावित हुए। 8 सितंबर को सिजुआ के तीन पट्टियां धौड़ा इलाके में जोरदार आवाज के साथ जमीन धंसने से चार मकान जमींदोज हो गए थे। एक परिवार के पाँच सदस्य मलबे में दब गए थे, जिन्हें स्थानीय लोगों ने बाहर निकाला, लेकिन एक पाँच वर्षीय बच्चे की मौत हो गई थी और परिवार के अन्य सदस्य घायल हुए थे।
इसी महीने महेशपुर कोलियरी के ओबी डंपिंग क्षेत्र में भी भू-धंसान हुआ। बरारी छह नंबर बस्ती, लोदना और केशलपुर-कुमारपट्टी क्षेत्र में भी जमीन और खदान धंसने की घटनाएँ दर्ज की गईं। केशलपुर-कुमारपट्टी में अवैध उत्खनन के दौरान चाल धंसने से तीन लोगों की मौत की सूचना सामने आई थी। बरारी में जमीन में दरारें पड़ने के साथ गैस और आग निकलने की घटना ने स्थानीय लोगों की चिंता और बढ़ा दी।
आम जनता पर असर
कोयलांचल के उन इलाकों में रहने वाले हजारों परिवार आशंका और भय में जी रहे हैं, जहाँ पुरानी भूमिगत खदानों, रिक्त भूमिगत क्षेत्रों और लगातार खनन गतिविधियों के कारण जमीन की स्थिरता पहले से ही संदिग्ध रही है। घरों का जमींदोज होना और घरेलू सामान का नष्ट होना इन परिवारों के लिए आर्थिक तबाही का भी कारण बन रहा है।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में हो रहा है जब BCCL और जिला प्रशासन पहले की घटनाओं के बाद राहत और पुनर्वास की प्रक्रिया में लगे हुए हैं। सर्वे और गोफ भराई का काम जारी है, लेकिन घटनाओं का रुकने का नाम न लेना प्रशासनिक प्रयासों की सीमाओं पर सवाल खड़े करता है।
प्रशासन और BCCL की प्रतिक्रिया
प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों की निगरानी, खतरनाक स्थानों की घेराबंदी और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की कार्रवाई जारी है। BCCL की टीमें घटनास्थलों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रही हैं। पिछली घटनाओं में BCCL ने प्रभावित क्षेत्रों में आवाजाही रोकने और पुनर्वास प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश जारी किए थे।
रविवार की ताज़ा घटना के बाद भू-धंसान के कारणों और प्रभावित क्षेत्र के दायरे का आकलन किया जा रहा है। फिलहाल खतरे वाले हिस्से में लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है और क्षेत्र की बैरिकेडिंग की गई है। आगे की कार्रवाई के बारे में अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई विस्तृत बयान नहीं आया है।