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धर्मेंद्र प्रधान का विपक्ष पर हमला: अमित शाह ने परिसीमन की भ्रामक आशंकाओं का किया खंडन

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धर्मेंद्र प्रधान का विपक्ष पर हमला: अमित शाह ने परिसीमन की भ्रामक आशंकाओं का किया खंडन

सारांश

धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि परिसीमन को लेकर फैलाई जा रही आशंकाएं भ्रामक हैं। अमित शाह ने इनका तथ्यों के आधार पर खंडन किया है और जनता को गुमराह करने की कोशिशें नाकाम रहेंगी।

मुख्य बातें

धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्ष पर तीखा हमला किया।
अमित शाह ने परिसीमन की भ्रामक आशंकाओं का खंडन किया।
विपक्ष की गुमराह करने की साजिशें नाकाम रहेंगी।
परिसीमन से किसी राज्य के साथ अन्याय नहीं होगा।

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। परिसीमन के मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियों के बीच केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा परिसीमन को लेकर देशभर में भ्रामक आशंकाएं फैलाई जा रही हैं, जिनका तथ्यों के आधार पर खंडन किया जा चुका है।

धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने परिसीमन से संबंधित सभी मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। इसके बावजूद विपक्ष जनता को गुमराह करने की साजिश में लगा हुआ है, जो कभी सफल नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह आरोप लगाना कि परिसीमन से दक्षिण भारत या किसी अन्य राज्य के साथ अन्याय होगा, एक राजनीतिक एजेंडा है।

विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वही लोग, जिन्होंने अपने शासन में लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया और संविधान की मूल भावना से समझौता किया, आज लोकतंत्र के नाम पर डर और भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, "विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस द्वारा परिसीमन को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक आशंकाओं का गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने तथ्यों के साथ स्पष्ट खंडन किया है।"

उन्होंने कहा कि विपक्ष पूरे देश को गुमराह करने की साजिश कर रहा है, जो कभी सफल नहीं होगी। यह कहना कि इससे दक्षिण या किसी भी राज्य के साथ अन्याय होगा, केवल एक भ्रामक राजनीतिक एजेंडा है, जिसे विपक्ष अपने स्वार्थों के लिए आगे बढ़ा रहा है।

अमित शाह ने आगे कहा, "दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि जिन लोगों ने वर्षों तक सत्ता में रहते हुए लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया, संविधान की भावना से समझौता किया और आपातकाल के दौरान लोकतंत्र को कुचला, वही आज लोकतंत्र के नाम पर डर और भ्रम पैदा कर रहे हैं। लेकिन भारत की जनता अब पूरी तरह जागरूक है और ऐसे हर प्रयास को पहचानती है। परिसीमन के नाम पर देश को क्षेत्रीय आधार पर बांटने या राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की यह कोशिश न पहले सफल हुई है, न आगे कभी होगी।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि विपक्षी दलों द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम का कोई ठोस आधार नहीं है। सरकार ने परिसीमन के मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है, और जनता को सच्चाई जानने का पूरा अधिकार है। विपक्ष की भ्रामक सूचनाएं सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

परिसीमन का क्या अर्थ है?
परिसीमन का अर्थ है चुनाव क्षेत्रों का पुनर्गठन ताकि जनसंख्या के अनुसार प्रतिनिधित्व को संतुलित किया जा सके।
क्या विपक्ष की आशंकाओं में कोई सच्चाई है?
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के अनुसार, विपक्ष की आशंकाएं भ्रामक हैं और उनका तथ्यात्मक आधार नहीं है।
अमित शाह ने क्या कहा?
अमित शाह ने स्पष्ट किया है कि परिसीमन से किसी राज्य के साथ अन्याय नहीं होगा और जनता को गुमराह करने की कोशिशें नाकाम रहेंगी।
क्या परिसीमन से दक्षिण भारत प्रभावित होगा?
केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि यह आरोप एक राजनीतिक एजेंडा है और इसका कोई आधार नहीं है।
क्या जनता इस मुद्दे पर जागरूक है?
हां, अमित शाह के अनुसार, भारत की जनता अब पूरी तरह जागरूक है और भ्रामक सूचनाओं को पहचानती है।
राष्ट्र प्रेस
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