सपा पर दिनेश शर्मा का तीखा हमला: 'चुनाव आते ही टीका-कलावा और मंदिर में शंख बजने लगते हैं'
सारांश
मुख्य बातें
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने 18 जून 2026 को लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दल केवल चुनावी मौसम में हिंदू धार्मिक प्रतीकों का सहारा लेता है, जबकि शेष समय ब्राह्मण विरोधी बयानबाजी करता रहता है। उन्होंने कई राजनीतिक मुद्दों — राम मंदिर जाँच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अंतरराष्ट्रीय छवि और विपक्षी दलों में कथित असंतोष — पर भी खुलकर अपनी राय रखी।
सपा पर धार्मिक 'दोहरेपन' का आरोप
दिनेश शर्मा ने कहा, 'समाजवादी पार्टी की ओर से लगभग साढ़े चार साल तक ब्राह्मण, ब्राह्मणवाद और मनुवाद को गाली दी जाती है और जैसे ही चुनाव नजदीक आते हैं, इनके टीका, कलावा और मंदिरों में शंख बजने लगते हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि 'सपा की ओर से आज तक सनातन एकता को लेकर कोई सकारात्मक वक्तव्य नहीं आया होगा।'
शर्मा ने आगे आरोप लगाया कि सपा जानबूझकर यादवों और ब्राह्मणों के बीच विवाद भड़काने की कोशिश करती है — कभी किसी कथावाचक को लेकर, तो कभी किसी और बहाने से। उन्होंने कहा, 'अब इनका प्रेम चुनाव की वजह से जागा है।'
भाजपा की सर्वसमावेशी राजनीति का दावा
शर्मा ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सवर्ण, दलित और पिछड़े — सभी वर्गों के लिए काम किया है। उनके अनुसार, 'हर जाति भाजपा के साथ है, कोई भी भाजपा से अलग नहीं है।' उन्होंने सपा और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) की चुनाव-पूर्व हिंदू आउटरीच को 'रिहर्सल' करार देते हुए कहा कि चुनाव हारने के बाद ये दल फिर से पुरानी राह पर लौट आते हैं।
विपक्षी खेमे में असंतोष के संकेत
सपा में संभावित फूट के सवाल पर शर्मा ने ओम प्रकाश राजभर और केशव प्रसाद मौर्य को 'महत्वपूर्ण नेता' बताया जिनकी 'अपनी राजनीतिक पकड़' है। उन्होंने दावा किया कि सपा, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (TMC) और शिवसेना (UBT) के सांसदों में असंतोष उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर मतदान के दौरान लोकसभा और राज्यसभा दोनों में देखा था।
मोदी की अंतरराष्ट्रीय छवि पर टिप्पणी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा किए जाने पर शर्मा ने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी की बॉडी लैंग्वेज देखी जा सकती है — ऐसा लग रहा था मानो एक तना हुआ भारतीय शेर खड़ा हो।' उन्होंने कहा कि मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति की उपस्थिति में भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई। शर्मा ने जोड़ा, 'अब भारत न दबता है, न दबाता है और न डरता है, न डराता है।'
राम मंदिर जाँच और आगे की राह
राम मंदिर मामले में जारी जाँच पर शर्मा ने कहा कि ट्रस्ट की ओर से स्वयं पारदर्शिता बनाए रखने का आग्रह किया गया था, जिसके बाद सरकार ने एक निष्पक्ष एसआईटी (SIT) का गठन किया है। उन्होंने कहा, 'परिणाम आने दीजिए।' शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत के बयानों को उन्होंने 'सड़कछाप भाषा' करार दिया और कहा कि उनकी बातों पर किसी को विश्वास नहीं होता। मानसून सत्र के संदर्भ में शर्मा ने कहा कि सरकार जवाबदेह है और 'विकसित भारत' की संकल्पना की दिशा में काम जारी है।