3 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सपा पर दिनेश शर्मा का तीखा हमला: 'चुनाव आते ही टीका-कलावा और मंदिर में शंख बजने लगते हैं'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सपा पर दिनेश शर्मा का तीखा हमला: 'चुनाव आते ही टीका-कलावा और मंदिर में शंख बजने लगते हैं'

सारांश

भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने सपा पर सीधा हमला बोला — आरोप लगाया कि पार्टी साढ़े चार साल सनातन को गाली देती है और चुनाव आते ही मंदिर-शंख का सहारा लेती है। राम मंदिर एसआईटी, मोदी की अंतरराष्ट्रीय छवि और विपक्षी असंतोष पर भी उन्होंने खुलकर बात की।

मुख्य बातें

भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने 18 जून 2026 को लखनऊ में सपा पर चुनावी 'धार्मिक दोहरेपन' का आरोप लगाया।
शर्मा के अनुसार सपा साढ़े चार साल ब्राह्मण-विरोधी बयानबाजी करती है और चुनाव नजदीक आते ही टीका-कलावा और मंदिर की शरण लेती है।
उन्होंने दावा किया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर मतदान के दौरान सपा, कांग्रेस, TMC और शिवसेना (UBT) के सांसदों में असंतोष स्पष्ट दिखा।
राम मंदिर मामले में सरकार द्वारा गठित एसआईटी पर शर्मा ने कहा — 'परिणाम आने दीजिए।' अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा PM मोदी की प्रशंसा पर शर्मा ने कहा, भारत अब 'सीना तानकर बराबरी से बात करता है।'

भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने 18 जून 2026 को लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दल केवल चुनावी मौसम में हिंदू धार्मिक प्रतीकों का सहारा लेता है, जबकि शेष समय ब्राह्मण विरोधी बयानबाजी करता रहता है। उन्होंने कई राजनीतिक मुद्दों — राम मंदिर जाँच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अंतरराष्ट्रीय छवि और विपक्षी दलों में कथित असंतोष — पर भी खुलकर अपनी राय रखी।

सपा पर धार्मिक 'दोहरेपन' का आरोप

दिनेश शर्मा ने कहा, 'समाजवादी पार्टी की ओर से लगभग साढ़े चार साल तक ब्राह्मण, ब्राह्मणवाद और मनुवाद को गाली दी जाती है और जैसे ही चुनाव नजदीक आते हैं, इनके टीका, कलावा और मंदिरों में शंख बजने लगते हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि 'सपा की ओर से आज तक सनातन एकता को लेकर कोई सकारात्मक वक्तव्य नहीं आया होगा।'

शर्मा ने आगे आरोप लगाया कि सपा जानबूझकर यादवों और ब्राह्मणों के बीच विवाद भड़काने की कोशिश करती है — कभी किसी कथावाचक को लेकर, तो कभी किसी और बहाने से। उन्होंने कहा, 'अब इनका प्रेम चुनाव की वजह से जागा है।'

भाजपा की सर्वसमावेशी राजनीति का दावा

शर्मा ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सवर्ण, दलित और पिछड़े — सभी वर्गों के लिए काम किया है। उनके अनुसार, 'हर जाति भाजपा के साथ है, कोई भी भाजपा से अलग नहीं है।' उन्होंने सपा और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) की चुनाव-पूर्व हिंदू आउटरीच को 'रिहर्सल' करार देते हुए कहा कि चुनाव हारने के बाद ये दल फिर से पुरानी राह पर लौट आते हैं।

विपक्षी खेमे में असंतोष के संकेत

सपा में संभावित फूट के सवाल पर शर्मा ने ओम प्रकाश राजभर और केशव प्रसाद मौर्य को 'महत्वपूर्ण नेता' बताया जिनकी 'अपनी राजनीतिक पकड़' है। उन्होंने दावा किया कि सपा, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (TMC) और शिवसेना (UBT) के सांसदों में असंतोष उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर मतदान के दौरान लोकसभा और राज्यसभा दोनों में देखा था।

मोदी की अंतरराष्ट्रीय छवि पर टिप्पणी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा किए जाने पर शर्मा ने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी की बॉडी लैंग्वेज देखी जा सकती है — ऐसा लग रहा था मानो एक तना हुआ भारतीय शेर खड़ा हो।' उन्होंने कहा कि मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति की उपस्थिति में भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई। शर्मा ने जोड़ा, 'अब भारत न दबता है, न दबाता है और न डरता है, न डराता है।'

राम मंदिर जाँच और आगे की राह

राम मंदिर मामले में जारी जाँच पर शर्मा ने कहा कि ट्रस्ट की ओर से स्वयं पारदर्शिता बनाए रखने का आग्रह किया गया था, जिसके बाद सरकार ने एक निष्पक्ष एसआईटी (SIT) का गठन किया है। उन्होंने कहा, 'परिणाम आने दीजिए।' शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत के बयानों को उन्होंने 'सड़कछाप भाषा' करार दिया और कहा कि उनकी बातों पर किसी को विश्वास नहीं होता। मानसून सत्र के संदर्भ में शर्मा ने कहा कि सरकार जवाबदेह है और 'विकसित भारत' की संकल्पना की दिशा में काम जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सपा भाजपा पर जातीय विभाजन का आरोप लगाती है। असली सवाल यह है कि क्या मतदाता इन बयानों से आगे बढ़कर ज़मीनी मुद्दों — रोज़गार, महँगाई, कानून-व्यवस्था — पर फ़ैसला करेंगे। राम मंदिर एसआईटी और नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे मुद्दों को एक साथ उठाना यह भी संकेत देता है कि भाजपा कई मोर्चों पर एक साथ विपक्षी एकजुटता को तोड़ने की कोशिश में है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिनेश शर्मा ने सपा पर क्या आरोप लगाए?
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने आरोप लगाया कि सपा साढ़े चार साल तक ब्राह्मण और सनातन विरोधी बयानबाजी करती है और चुनाव नजदीक आते ही टीका-कलावा और मंदिर की शरण लेती है। उनके अनुसार यह पार्टी की चुनावी रणनीति है, न कि वास्तविक आस्था।
दिनेश शर्मा ने राम मंदिर एसआईटी पर क्या कहा?
शर्मा ने कहा कि राम मंदिर मामले में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए स्वयं ट्रस्ट के आग्रह पर सरकार ने एक निष्पक्ष एसआईटी गठित की है। उन्होंने जाँच के नतीजों का इंतजार करने की अपील की।
PM मोदी और ट्रंप की मुलाकात पर भाजपा की क्या प्रतिक्रिया रही?
दिनेश शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उपस्थिति में भी अपनी बात दृढ़ता और बराबरी के साथ रखी। उन्होंने कहा कि भारत अब 'न दबता है, न डरता है।'
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विपक्षी असंतोष का मामला क्या है?
शर्मा ने दावा किया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर मतदान के दौरान लोकसभा और राज्यसभा में सपा, कांग्रेस, TMC और शिवसेना (UBT) के सांसदों में असंतोष स्पष्ट रूप से दिखा। यह दावा उन्होंने विपक्षी एकजुटता पर सवाल उठाने के संदर्भ में किया।
संजय राउत के बारे में दिनेश शर्मा ने क्या कहा?
शर्मा ने शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत की भाषा को 'सड़कछाप' बताया और कहा कि उनकी बातों पर किसी को विश्वास नहीं होता। उन्होंने कहा कि इस भाषा की वजह से राउत को 'दर-दर भटकना' पड़ेगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले