13 जुलाई 2026
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डॉ. नीना मल्होत्रा ने सूरीनाम दूतावास जाकर पूर्व राष्ट्रपति संतोखी के निधन पर शोक व्यक्त किया

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डॉ. नीना मल्होत्रा ने सूरीनाम दूतावास जाकर पूर्व राष्ट्रपति संतोखी के निधन पर शोक व्यक्त किया

सारांश

डॉ. नीना मल्होत्रा ने सूरीनाम दूतावास में पूर्व राष्ट्रपति संतोखी के निधन पर शोक व्यक्त किया। यह भारत और सूरीनाम के लिए एक महत्वपूर्ण क्षति है। जानें उनके योगदान और भारत-सूरीनाम संबंधों पर उनके प्रभाव के बारे में।

मुख्य बातें

नीना मल्होत्रा ने पूर्व राष्ट्रपति के निधन पर शोक व्यक्त किया।
संतोखी का निधन सूरीनाम के लिए एक बड़ी क्षति है।
भारत और सूरीनाम के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में संतोखी का योगदान महत्वपूर्ण रहा।
प्रधानमंत्री मोदी ने दिवंगत नेता के प्रति संवेदना व्यक्त की।

नई दिल्ली, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। विदेश मंत्रालय की सचिव (दक्षिण) डॉ. नीना मल्होत्रा ने सूरीनाम के दूतावास का दौरा किया, जहां उन्होंने शोक पुस्तिका पर दस्तखत किए और पूर्व राष्ट्रपति चंद्रिका प्रसाद संतोखी के निधन पर भारत की ओर से गहरी संवेदनाएं व्यक्त की।

डॉ. मल्होत्रा ने भारत के नागरिकों और सरकार की तरफ से अपने दुःख का इज़हार करते हुए दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी।

संतोखी का निधन सूरीनाम के लिए एक गंभीर क्षति मानी जा रही है। उनके कार्यकाल में देश ने कई महत्वपूर्ण नीति परिवर्तन देखे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सूरीनाम की पहचान को मजबूत किया। भारत और सूरीनाम के बीच द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने में भी उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही।

दक्षिण अमेरिका के छोटे से देश सूरीनाम के भोजपुरी भाषा बोलने वाले नेता संतोखी का 30 मार्च को निधन हुआ था। उनकी उम्र 67 वर्ष थी। उन्हें भारतीय जड़ों से गहरा जुड़ाव था और उन्होंने वैश्विक स्तर पर इसी के आधार पर अपनी पहचान बनाई।

उनके कार्यकाल में भारत-सूरीनाम संबंध सांस्कृतिक, आर्थिक और कूटनीतिक दृष्टि से मजबूत हुए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सूरीनाम यात्रा और संतोखी की भारत यात्रा तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात इसका प्रमाण है। उनके निधन पर प्रधानमंत्री मोदी ने भी शोक व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री ने कहा, “मुझे उनके साथ हुई कई मुलाकातें याद हैं। सूरीनाम के लिए उनकी बिना थके सेवा और भारत-सूरीनाम संबंधों को मजबूत करने के उनके प्रयास हमारी चर्चाओं में स्पष्ट दिखाई देते थे। उन्हें भारतीय संस्कृति से विशेष लगाव था। जब उन्होंने संस्कृत में शपथ ली, तो उन्होंने कई लोगों का दिल जीत लिया।”

पीएम मोदी ने सूरीनाम वासियों के प्रति संवेदनाएं प्रकट करते हुए कहा, “इस दुख की घड़ी में मैं उनके परिवार और सूरीनाम के लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।” प्रधानमंत्री ने दिवंगत नेता के साथ अपनी पिछली मुलाकातों की तस्वीरें भी साझा कीं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति का सोमवार को अचानक निधन हो गया। वर्तमान राष्ट्रपति जेनिफर सिमंस ने 67 वर्षीय संतोखी के निधन की पुष्टि की। संतोखी ने 2020 से 2025 तक राष्ट्रपति का पद संभाला था और वे प्रोग्रेसिव रिफॉर्म पार्टी के नेता थे। इससे पहले, उन्होंने देश में न्यायिक मंत्री का पद भी निभाया था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चंद्रिका प्रसाद संतोखी का योगदान क्या था?
संतोखी ने सूरीनाम के राष्ट्रपति के रूप में कई महत्वपूर्ण नीतिगत पहल कीं और भारत-सूरीनाम संबंधों को मजबूती प्रदान की।
डॉ. नीना मल्होत्रा का सूरीनाम दौरा कब हुआ?
डॉ. नीना मल्होत्रा ने 7 अप्रैल को सूरीनाम दूतावास का दौरा किया।
संतोखी का निधन कब हुआ?
पूर्व राष्ट्रपति चंद्रिका प्रसाद संतोखी का निधन 30 मार्च को हुआ।
प्रधानमंत्री मोदी ने संतोखी के निधन पर क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने संतोखी के योगदान और भारत-सूरीनाम संबंधों में उनकी भूमिका की सराहना की।
सूरीनाम का वर्तमान राष्ट्रपति कौन है?
सूरीनाम की वर्तमान राष्ट्रपति जेनिफर सिमंस हैं।
राष्ट्र प्रेस
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