डूसू चुनाव 2026: दिल्ली विश्वविद्यालय में मतदान शुरू, 20 उम्मीदवार मैदान में, कल आएंगे नतीजे
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव के लिए शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को सुबह साढ़े आठ बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई। नॉर्थ कैंपस समेत विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों में बड़ी संख्या में छात्र अपने पसंदीदा उम्मीदवारों को वोट देने पहुँचे। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के चार प्रमुख पदों के लिए कुल 20 उम्मीदवार इस बार चुनावी दंगल में हैं।
मतदान का समय-क्रम
मॉर्निंग कॉलेजों में मतदान सुबह साढ़े आठ बजे से शुरू होकर दोपहर एक बजे तक चलेगा। इसके बाद सांध्य कॉलेजों में दोपहर तीन बजे से शाम साढ़े सात बजे तक मतदान होगा। मतदान समाप्त होते ही सभी मशीनें सील कर दी जाएँगी और शनिवार, 19 सितंबर को सुबह साढ़े आठ बजे से मतगणना शुरू होगी। दोपहर तक परिणाम घोषित किए जाने की उम्मीद है।
प्रमुख उम्मीदवार और दलीय समीकरण
इस बार अध्यक्ष पद के लिए सर्वाधिक सात उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। उपाध्यक्ष पद पर पाँच और सचिव तथा संयुक्त सचिव पद पर चार-चार उम्मीदवार किस्मत आज़मा रहे हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने अध्यक्ष पद पर यश डबास को उतारा है, जबकि भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) की ओर से विजय शंकर मीणा मैदान में हैं। वामपंथी छात्र संगठनों के गठबंधन ने भी चारों प्रमुख पदों पर दावेदारी पेश की है। यह त्रिकोणीय मुकाबला इस बार के चुनाव को पिछले वर्षों की तुलना में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाता है।
चुनावी मुद्दे और छात्रों की प्राथमिकताएँ
इस बार चुनाव प्रचार के दौरान हॉस्टल सुविधा, सस्ती शिक्षा और कैंपस सुरक्षा जैसे मुद्दे प्रमुख रहे हैं। विभिन्न छात्र संगठनों ने अपने-अपने एजेंडे के आधार पर छात्रों को लुभाने की कोशिश की। गौरतलब है कि ये मुद्दे लंबे समय से छात्रों की माँगों की सूची में शीर्ष पर रहे हैं और अब मतदान के ज़रिए छात्र तय करेंगे कि अगले कार्यकाल में डूसू की कमान किसके हाथों में होगी।
सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी तैयारी
मतदान के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए दिल्ली पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। कॉलेज परिसरों के बाहर बैरिकेडिंग की गई है और बिना वैध पहचान पत्र के किसी भी छात्र को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। दिल्ली उच्च न्यायालय की ओर से हिंसा और लिंगदोह समिति के नियमों के उल्लंघन पर सख्त टिप्पणियों के बाद प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है।
तकनीकी मोर्चे पर, मतदान के लिए करीब 1,000 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (EVM) और लगभग 300 सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट तैनात की गई हैं। करीब 8 से 10 कॉलेजों में मतदान पारंपरिक बैलेट पेपर के ज़रिए होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि मतदान को पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने की पूरी तैयारी कर ली गई है।
आगे क्या
मतगणना 19 सितंबर 2026 को सुबह शुरू होगी और दोपहर तक नए छात्रसंघ अध्यक्ष सहित चारों पदाधिकारियों के नाम सामने आ जाएँगे। यह चुनाव परिणाम न केवल डूसू की दिशा तय करेगा, बल्कि इसे आगामी राष्ट्रीय छात्र राजनीति के एक प्रमुख संकेतक के रूप में भी देखा जा रहा है।