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पश्चिम बंगाल चुनाव में कॉलेज शिक्षकों की नियुक्ति पर हाईकोर्ट के फैसले को ईसीआई ने दी चुनौती

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पश्चिम बंगाल चुनाव में कॉलेज शिक्षकों की नियुक्ति पर हाईकोर्ट के फैसले को ईसीआई ने दी चुनौती

सारांश

कोलकाता में चुनाव आयोग ने उच्च न्यायालय के एकल पीठ के आदेश को चुनौती दी है, जिसमें कॉलेज शिक्षकों को पीठासीन अधिकारी के रूप में नियुक्त करने का निर्णय रद्द किया गया था। क्या यह चुनावों पर प्रभाव डालेगा?

मुख्य बातें

ईसीआई ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 23 और 29 अप्रैल को हैं।
जिन कॉलेज शिक्षकों ने ट्रेनिंग पूरी की है, उन्हें नियुक्त किया जा सकता है।
हाईकोर्ट ने आयोग को अन्य चुनावी कार्यों के लिए शिक्षकों को नियुक्त करने की अनुमति दी।
इस मामले की सुनवाई की संभावित तारीख मंगलवार है।

कोलकाता, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने सोमवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय की एकल पीठ द्वारा दिए गए उस आदेश को चुनौती देते हुए अदालत की डिवीजन बेंच का रुख किया, जिसमें आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए कॉलेज शिक्षकों को पीठासीन अधिकारी नियुक्त करने के निर्णय को रद्द कर दिया गया था।

जस्टिस कृष्णा राव ने 17 अप्रैल को इस मामले में कॉलेज शिक्षकों को पीठासीन अधिकारी के रूप में नियुक्त करने के ईसीआई के आदेश को रद्द कर दिया। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन्होंने पहले से आवश्यक ट्रेनिंग पूरी कर ली है, उन्हें इस बार पीठासीन अधिकारी की भूमिका निभानी होगी।

इसके साथ ही, जस्टिस राव ने आयोग को यह भी अनुमति दी कि वह कॉलेज शिक्षकों को उनके सर्विस ग्रेड और वेतनमान के अनुसार अन्य चुनावी कार्यों के लिए नियुक्त कर सकता है।

ईसीआई ने सोमवार को कलकत्ता हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच (जिसमें जस्टिस शम्पा सरकार और जस्टिस अजय कुमार गुप्ता शामिल हैं) का दरवाजा खटखटाया है।

इस मामले की सुनवाई की संभावित तारीख मंगलवार है।

कुछ दिन पहले आयोग ने एक नोटिफिकेशन जारी किया था जिसमें राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर रैंक के कॉलेज शिक्षकों को पीठासीन अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया था।

आयोग ने यह भी कहा था कि उन्हें इस कार्य के लिए अलग से ट्रेनिंग दी जाएगी, और कई शिक्षकों के लिए ट्रेनिंग प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी।

इस नोटिफिकेशन के बाद कॉलेज शिक्षकों के एक समूह ने कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और इस तरह की नियुक्तियों के औचित्य पर सवाल उठाए।

कॉलेज शिक्षकों को पीठासीन अधिकारी नियुक्त करने के पक्ष में आयोग का तर्क यह था कि पिछले चुनावों में भी कॉलेज शिक्षकों को इस भूमिका में नियुक्त किया गया था और इससे पहले कभी इस निर्णय को चुनौती नहीं दी गई थी।

पश्चिम बंगाल विधानसभा के चुनाव 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को आयोजित किए जाएंगे। वोटों की गिनती 4 मई को होगी। इसी दिन केरल, असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी विधानसभाओं के चुनावों में डाले गए वोटों की गिनती भी होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि न्यायालय ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाया है। इस स्थिति का प्रभाव आगामी चुनावों पर पड़ सकता है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत निर्वाचन आयोग ने कॉलेज शिक्षकों को पीठासीन अधिकारी क्यों नियुक्त किया?
आयोग का तर्क है कि पिछले चुनावों में भी कॉलेज शिक्षकों को इस भूमिका में नियुक्त किया गया था, जिससे चुनाव प्रक्रिया को सुगम बनाया जा सके।
कोलकाता हाईकोर्ट ने ईसीआई के आदेश को क्यों रद्द किया?
हाईकोर्ट ने कॉलेज शिक्षकों की नियुक्ति को रद्द करते हुए कहा कि इस पर पहले से कोई उचित प्रक्रिया नहीं अपनाई गई थी।
इस मामले की सुनवाई कब होगी?
इस मामले पर सुनवाई की संभावित तारीख मंगलवार है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव कब हैं?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होने वाले हैं।
क्या कॉलेज शिक्षकों को इस बार पीठासीन अधिकारी बनने की अनुमति होगी?
जिन कॉलेज शिक्षकों ने आवश्यक ट्रेनिंग पूरी की है, उन्हें इस बार पीठासीन अधिकारी के तौर पर काम करना होगा।
राष्ट्र प्रेस
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